Wednesday, 24 May 2023

नई संसद के उद्घाटन में कौन से दल होंगे शामिल और कौन करेंगे बहिष्कार, ये रही पूरी लिस्ट

नई संसद के उद्घाटन में कौन से दल होंगे शामिल और कौन करेंगे बहिष्कार, ये रही पूरी लिस्ट
नई दिल्ली: नए संसद भवन के उद्धाटन से पहले इसको लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है। कांग्रेस समेत 19 दलों की ओर से यह ऐलान किया गया कि वह इस कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे। वहीं इस बीच कई ऐसे दल हैं जो इस कार्यक्रम में शामिल होंगे साथ ही कुछ दल अभी अनिर्णय की स्थिति में हैं। उद्घाटन समारोह के बहिष्कार की घोषणा करने वाले विपक्षी दलों ने नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से कराने की मांग की थी। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संसद भवन का उद्घाटन कराने का फैसला लोकतंत्र पर सीधा हमला है। प्रधानमंत्री 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को 19 विपक्षी दलों के नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और उनसे अपने रुख पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।किन दलों की ओर से की गई है बहिष्कार की घोषणाविपक्ष के 19 दलों ने बुधवार को ऐलान किया कि वे संसद के नए भवन के उद्घाटन समारोह का सामूहिक रूप से बहिष्कार करेंगे। इस सरकार के कार्यकाल में संसद से लोकतंत्र की आत्मा को निकाल दिया गया है और समारोह से राष्ट्रपति को दूर रखकर अशोभनीय कार्य किया है। एक संयुक्त बयान में यह आरोप भी लगाया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उद्घाटन समारोह से दरकिनार करना और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा संसद के नए भवन का उद्घाटन करने का फैसला लोकतंत्र पर सीधा हमला है। ये सभी दल समारोह से दूर रहेंगे-कांग्रेसतृणमूल कांग्रेसद्रविड मुन्नेत्र कड़गम (DMK)जनता दल (U)आम आदमी पार्टी (AAP)राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीशिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टीइंडियन यूनियन मुस्लिम लीगझारखंड मुक्ति मोर्चा नेशनल कांफ्रेंस केरल कांग्रेस (मणि) रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी विदुथलाई चिरुथिगल काट्ची (वीसीके) मारुमलार्ची द्रविड मुन्नेत्र कड़गम (एमडीएमके) राष्ट्रीय लोकदल कार्यक्रम में शामिल होंगे ये दलकई दलों के विरोध के बीच कई दूसरे दल ऐसे भी हैं जो इस उद्धाटन समारोह में शामिल होंगे। एनडीए के बाहर जो दल इसमें शामिल होंगे उसमें -बीजू जनता दलबहुजन समाज पार्टीटीडीपीवाईएसआर कांग्रेसएआईडीएमकेअकाली दल भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के सांसद गुरुवार को फैसला करेंगे कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय राजधानी में 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में शामिल होगी या उसका बहिष्कार करेगी।


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रिलायंस, अडानी... सबको पछाड़कर टाटा बना नंबर वन, दुनिया की टॉप 20 कंपनियों में मिली जगह

रिलायंस, अडानी... सबको पछाड़कर टाटा बना नंबर वन, दुनिया की टॉप 20 कंपनियों में मिली जगह
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घरानों में से एक टाटा ग्रुप (Tata Group) ने एक खास मुकाम हासिल किया है। दुनिया की मोस्ट इनोवेटिव 50 कंपनियों की लिस्ट में टाटा ग्रुप को 20वें नंबर पर रखा गया है। इस लिस्ट में भारत की और किसी भी कंपनी को जगह नहीं मिली है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की 2023 लिस्ट बुधवार को जारी की गई। इस लिस्ट में कंपनियों को उनके परफॉरमेंस, झटकों को सहने की उनकी क्षमता और इनोवेशन जैसे पैरामीटर्स के आधार पर जगह दी गई है। टाटा ग्रुप ने 2045 तक नेट-जीरो एमिशन का टारगेट रखा है। इस लिस्ट में आईफोन बनाने वाली अमेरिका की कंपनी ऐपल (Apple) पहले नंबर पर है जबकि एलन मस्क (Elon Musk) की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला (Tesla) को दूसरा स्थान मिला है। टेस्ला की स्थिति में पिछली बार के मुकाबले तीन स्थान का सुधार हुआ है।अमेरिका की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी ऐमजॉन (Amazon) इनोवेटिव रैंकिंग में तीसरे नंबर पर है। गूगल (Google) की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट (Alphabet) को चौथा नंबर मिला है जबकि माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) पांचवें नंबर पर है। इसके बाद अमेरिका की फार्मा कंपनी मॉडर्ना (Moderna), दक्षिण कोरिया की सैमसंग (Samsung), चीन की हुआवे (Huawei) और बीवाईडी कंपनी (BYD Company) तथा सिमंस (Siemens) का नंबर है। इस तरह टॉप 10 में अमेरिका की छह और चीन की दो कंपनियां शामिल हैं। फाइजर को 11वीं रैंकिंग मिली है जबकि स्पेसएक्स को 12वें स्थान पर रखा गया है। मार्क जकरबर्ग की कंपनी मेटा (फेसबुक) पांच स्थान गिरकर 16वें नंबर पर पहुंच गई है।

कौन उछला, कौन गिरा

नेस्ले (Nestle) की स्थिति में 22 पायदान का सुधार हुआ है और यह 27वें स्थान पर है। दूसरी ओर रेवेन्यू के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी वॉलमार्ट (Walmart) 32 स्थान की गिरावट के साथ 44वें स्थान पर पहुंच गई है। इसी तरह चीन के जैक मा (Jack Ma) की कंपनी अलीबाबा (Alibaba) की स्थिति में भी 22 स्थान की गिरावट आई है। सऊदी अरब की दिग्गज कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) इस लिस्ट में 41वें स्थान पर है जबकि सोनी 22 स्थान की गिरावट के साथ 31वें नंबर पर आ गई है।


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Tuesday, 23 May 2023

बाबा बागेश्वर ने लिया क्रिकेटर अवतार, देखिए बल्ला पकड़कर लगाए कैसे चौके-छक्के

बाबा बागेश्वर ने लिया क्रिकेटर अवतार, देखिए बल्ला पकड़कर लगाए कैसे चौके-छक्के
सागरः पूरे देश में हिंदू राष्ट्र की बात करने वाले के सरकार केवल रामकथा ही नहीं करते। वे क्रिकेट के मैदान पर भी अपने हाथ आजमाते हैं। मध्य प्रदेश के सागर में पहली बार बागेश्वर महाराज का क्रिकेटर अवतार सामने आया है। एक ओर जहां आईपीएल का फीवर अपने चरम पर है, धीरेंद्र शास्त्री की धोती-कुर्ते में क्रिकेट खेलते हुए तस्वीरें सामने आई हैं। 27 वर्षीय बागेश्वर सरकार नियमित रूप से क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन पहली बार इसकी तस्वीरें सार्वजनिक की गई हैं।सागर जिले की सुरखी विधानसभा के जैसीनगर में हनुमंत कथा के आखिरी दिन सवेरे छह बजे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बल्ला लेकर मैदान पर उतर आए। उन्होंने जमकर चौके-छक्के भी लगाए।

धोती-कुर्ते में लगाए चौके-छक्के

धीरेंद्र शास्त्री के क्रिकेट खेलने का अंदाज भी निराला था। मैदान पर विकेट की जगह लाल रंग की कुर्सी रखी गई थी। धीरेंद्र शास्त्री नंगे पर बल्ला लेकर उतरे तो विकेट के पीछे आकाश राजपूत खड़े थे। आकाश, हनुमंत कथा के आयोजक और मध्य प्रदेश सरकार में राजस्व एवं परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह के बेटे हैं।

बचपन से ही क्रिकेट का शौक

यहां बता दें कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक रहा है। अब वह अपने बिजी शेड्यूल में फिट रहने के लिए क्रिकेट खेला करते हैं। उनकी दिनचर्या की बात करें तो वह 4 से 5 घंटे ही सोते हैं। ध्यान, योग, प्राणायाम भजन आदि के बाद उन्हें सवेरे जब भी समय मिल जाता है तो आधे से एक घंटे क्रिकेट जरूर खेलते हैं। सोमवार को सागर में कथा का आखिरी दिन था तो वे क्रिकेट खेलने पहुंच गए। वह ऐसा हर कथा के दौरान करते हैं, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं करते।

वर्ल्ड रेकॉर्ड बनी क्रिकेट की दीवानगी

आकाश राजपूत भी क्रिकेट के दीवाने हैं। उन्होंने कुछ महीने पहले सागर में एक टूर्नामेंट आयोजित किया था, जिसमें करीब 600 टीमों ने भाग लिया था। यह विश्व का सबसे बड़ा क्रिकेट टूर्नामेंट बन गया था। इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स में शामिल किया गया था।


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इस हाई कोर्ट की 100 महिला जजों ने मांगी चूड़ीदार पहनने की इजाजत, क्या है पूरी कहानी

इस हाई कोर्ट की 100 महिला जजों ने मांगी चूड़ीदार पहनने की इजाजत, क्या है पूरी कहानी
तिरुवनंतपुरम: केरल हाई कोर्ट की महिला जजों ने पहनावे में चूड़ीदार शामिल (Churidar In Courts) किए जाने की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि तपती गर्मी में सालों से चले आ रहे पुराने ड्रेस कोड (Kerala Court Dress Code) को पहनने से काफी दिक्कत होती है। मौजूदा समय की बात करें तो महिला जजों को एक साड़ी के साथ ही सफेद साड़ी कॉलर बैंड और उसके ऊपर एक काला गाउन पहनकर भीड़भाड़ वाले कोर्ट रूम में घंटों बैठना पड़ता है। देश की कई अदालतों में भी ऐसे मामलों पर सुनवाई चल रही है। केरल में महिला न्यायिक अधिकारियों ने 53 साल पुराने नियमों में बदलाव के लिए हाई कोर्ट (Kerala High Court) के रजिस्ट्रार से संपर्क किया है। हालांकि अभी पुराने ड्रेस कोड का ही चलन कोर्ट परिसर में लागू है।

सन 1970 में लागू हुआ था ड्रेस कोड

केरल के न्यायिक अधिकारियों का ड्रेस कोड 1 अक्टूबर, 1970 को लागू किया गया था। जिसके मुताबिक महिलाओं को हल्के रंग की क्षेत्रीय पोशाक (साड़ी) के साथ सफेद कॉलर बैंड और बैरिस्टर या बैचलर ऑफ लॉ का ब्लैक गाउन पहना जाना चाहिए। वहीं पुरुष न्यायिक अधिकारियों को वैसे ही ब्लैक गाउन या फिर ओपन-कॉलर कोट, सफेद शर्ट के साथ कॉलर बैंड पहनना तय किया गया था।

तेलंगाना हाई कोर्ट का दिया हवाला

केरल हाई कोर्ट के न्यायिक अधिकारियों ने तेलंगाना हाई कोर्ट के उदाहरण का हवाला भी दिया। दरअसल तेलंगाना हाई कोर्ट ने 15 मार्च, 2021 को ड्रेस कोड जारी किया था। इसके मुताबिक न्यायिक महिला अधिकारियों के पहनने के लिए चूड़ीदार सलवार, लॉन्ग स्कर्ट, पतलून (सफेद, क्रीम, ग्रे या काला) निर्धारित किया गया। इसके अलावा अपनी इच्छानुसार वे इन्हीं रंगों की साड़ी भी पहन सकती हैं।


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Monday, 22 May 2023

उतर गया हिंडनबर्ग रिसर्च का भूत! रॉकेट बने अडानी ग्रुप के शेयर, गौतम अडानी ने सबको पीछे छोड़ा

उतर गया हिंडनबर्ग रिसर्च का भूत! रॉकेट बने अडानी ग्रुप के शेयर, गौतम अडानी ने सबको पीछे छोड़ा
नई दिल्ली: अडानी ग्रुप (Adani Group) के सभी शेयरों में आज काफी तेजी देखी जा रही है। ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) के शेयरों में 17 फीसदी से अधिक तेजी आई है। इसी तरह अडानी विल्मर (Adani Wilmar) के शेयरों में 10 फीसदी उछाल आई है। ग्रुप की बाकी आठ लिस्टेड कंपनियों में कम से कम पांच फीसदी तेजी आई है। इनमें अडानी पोर्ट्स (Adani Ports), अंबूजा सीमेंट्स (Adani Cements), एसीसी (ACC), अडानी पावर (Adani Power), अडानी ट्रांसमिशन (Adani Transmission), अडानी ग्रीन (Adani Green), अडानी टोटल गैस (Adani Total Gas) और एनडीटीवी (NDTV) शामिल हैं। इस तेजी के साथ ही अडानी ग्रुप का मार्केट कैप एक बार फिर 10 लाख करोड़ रुपये के पार हो गया है। अडानी-हिंडनबर्ग रिसर्च मामले के लिए गठित सुप्रीम कोर्ट की समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में यह दिख रही है।24 जनवरी को अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडानी ग्रुप के बारे में एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें ग्रुप पर शेयरों की कीमत में छेड़छाड़ और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए थे। अडानी ग्रुप ने इन आरोपों का खंडन किया लेकिन इससे ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई। एक महीने से अधिक समय तक आई इस गिरावट के कारण अडानी ग्रुप का मार्केट कैप 12 लाख करोड़ रुपये घट गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शेयरों की कीमतों में हेराफेरी के आरोपों की जांच में मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के स्तर पर असफलता का निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है।

अडानी की रेकॉर्ड कमाई

सोमवार को अडानी ग्रुप के शेयरों की काफी मांग रही। WealthMills Securities के क्रांति बाथिनी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की रिपोर्ट ने इनवेस्टर्स को कॉन्फिडेंस दिया है। दूसरी ओर ग्रुप अपने नॉन-कोर एसेट्स को मॉनिटाइज करने की योजना बना रहा है और इसके लिए इनवेस्टर्स के साथ मीटिंग कर रहा है। इन सब कारणों से निवेशकों को भरोसा बढ़ा है। यही कारण है कि अडानी ग्रुप के शेयरों में सोमवार को भारी तेजी देखने को मिली। इस तेजी से ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की नेटवर्थ में भी भारी उछाल आई। फोर्ब्स की रियल टाइम बिलिनेयर्स लिस्ट के मुताबिक अडानी की नेटवर्थ में आज 4.4 अरब डॉलर की तेजी आई। वह 50.9 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 24वें स्थान पर हैं।सोमवार को कमाई के मामले में अडानी ने दुनिया के बाकी अमीरों को पीछे छोड़ दिया। दुनिया के सबसे बड़े रईस फ्रांस के बर्नार्ड आरनॉल्ट (Bernard Arnault) की नेटवर्थ में 1.9 अरब डॉलर, झोंग शैनशैन की नेटवर्थ में 1.2 अरब डॉलर की तेजी आई। इतना ही नहीं अडानी के बड़े भाई विनोद शांतिलाल अडानी (Vinod Adani) की नेटवर्थ में भी आज 1.2 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) 87.1 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ इस लिस्ट में 14वें स्थान पर है।


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Sunday, 21 May 2023

2,000 रुपये के नोट के एक्सचेंज पर एसबीआई का बड़ा अपडेट, जानिए क्या कहा देश के सबसे बड़े बैंक ने

2,000 रुपये के नोट के एक्सचेंज पर एसबीआई का बड़ा अपडेट, जानिए क्या कहा देश के सबसे बड़े बैंक ने
नई दिल्ली: 2,000 रुपये के नोट को बदलने के बारे में एसबीआई (SBI) ने एक बड़ा अपडेट दिया है। देश के सबसे बड़े बैंक का कहना है कि 20,000 रुपये की सीमा तक की अमाउंट के लिए requisition slip यानी मांग पर्ची भरने की जरूरत नहीं होगी। यानी लोग यह पर्ची भरे बिना एक बार में 2,000 रुपये के 10 नोट बदल सकते हैं। सोशल मीडिया पर इस तरह की रिपोर्ट आ रही थी कि 2,000 रुपये के नोटों को बदलने के लिए आधार कार्ड जैसी आईटी जमा करने के साथ एक फॉर्म भी भरना होगा। लेकिन एसबीआई ने एक सर्कुलर में साफ किया है कि ऐसा कुछ फॉर्म भरने या कोई आईडी देने की जरूरत नहीं है। रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि 2,000 के नोट को चलन से बाहर किया जाएगा। लोगों को 30 सितंबर तक 2,000 रुपये का नोट जमा करने या बदलने को कहा गया है।एसबीआई ने एक सर्कुलर में कहा, 'यह फैसला किया गया है कि लोगों को एक समय में 2,000 रुपये के नोट बिना किसी requition slip के भरने की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा 20,000 रुपये तक की रकम के लिए होगी।' बैंक ने साथ ही साफ किया है कि लोगों को 2,000 रुपये का नोट एक्सचेंज करते समय किसी तरह की आईडी देने की जरूरत नहीं है। 23 मई यानी मंगलवार से बैंकों ने 2000 रुपये के नोटों को बदलने और जमा करने का काम शुरू हो जाएगा। बैंकों ने इसके लिए तैयारी कर ली है। आरबीआई ने बैंकों से 2000 रुपये का नोट इश्यू नहीं करने को कहा है। इसे नवंबर 2016 में नोटबंदी की घोषणा के बाद लाया गया था। मोदी सरकार ने नवंबर 2016 में 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणा की थी। लंबे समय से 2000 रुपये के नोटों की छपाई नहीं हो रही थी। साथ ही एटीएम से भी 2000 रुपये के नोट नहीं निकल रहे थे। अब आरबीआई ने इन नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा कर दी है। आप 23 मई से लेकर 30 सितंबर तक नोट बदल सकते हैं। अगर आप तब तक 2000 रुपये का नोट नहीं बदल पाते हैं तो आपको आरबीआई दफ्तर जाकर नोट बदलवाना होगा।


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सराय काले खां से सीधे पहुंच जाएंगे वसंत कुंज, टनल रोड का प्लान तैयार, यहां पढ़िए पूरी डिटेल

सराय काले खां से सीधे पहुंच जाएंगे वसंत कुंज, टनल रोड का प्लान तैयार, यहां पढ़िए पूरी डिटेल
नई दिल्ली: दिल्लीवालों के लिए एक और राहत भरी खबर है। अगर आपको सराय काले खां से वसंत कुंज जाना है तो, इसके लिए बहुत सोचने की जरूरत नहीं है। नैशनल हाईवे अथॉरटी ऑफ इंडिया यानी NHAI एक प्लान तैयार कर रहा है। इस प्लान के तहत एक टनल रोड बनाई जाएगी। जिसके बाद आप सराय काले खां से सीधे वसंत कुंज पहुंच जाएंगे। इससे आपका समय भी बचेगा। यह टनल रोड सराय काले खां के पास बने रिंग रोड से सेंट्रल, साउथ दिल्ली और आईजीआई एयरपोर्ट होते हुए नेल्सन मंडेला रोड वसंत कुंज तक बनाई जाएगी। आइए जानते हैं इस टनल रोड का पूरा प्लान जो तैयार किया गया है वह असल में है क्या। NHAI के अधिकारियों ने क्या बताया नैशनल हाईवे अथॉरटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने बताया कि यह एक लंबा काम है लेकिन, इसके लिए एक कंसल्टेंट से बात की गई है। उससे कहा गया है कि आप इसपर एक प्लान तैयार काजिए जिसपर हम भविष्य में इसपर फैसला ले सकें। सूत्रों ने बताया कि इस टनल को बनाने के पीछे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे से वसंत कुंज तक बिना किसी रुकावट के अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय की बात करें तो, मौजूदा रोड नेटवर्क काफी भरा-भरा सा है जिसके चलते लोगों के लिए इसपर चलना आसान नहीं रहता। अधिकारी ने आगे कहा कि इसलिए, हमने इस टनल प्लान के बारे में सोचा है। प्रोजेक्ट के लिए भारी निवेश की जरूरत NHAI के अधिकारियों ने बताया कि नई रोड बनाने में रिंग रोड और आउटर रिंग रोड पर ट्रैफिक बढ़ सकता है। इससे बेवजह भीड़ बढ़ेगी। टनल रोड के बारे में बात करते हुए अधिकारी ने कहा कि अभी काम एकदम शुरुआती स्टेज में है। उन्होंने कहा कि हम इस प्लान की एडवांस में तैयारी कर रहे हैं। इस तरह के प्रोजेक्ट के लिए भारी निवेश की जरुरत होगी। नैशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने नेल्सन मंडेला रोड से शिव मूर्ति तक के कंस्ट्रक्शन के लिए टेंडर जारी कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि इस प्वाइंट तक अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी के चलते लोग दिल्ली-गुरुग्राम और द्वारका एक्सरप्रेस वे तक बिना किसी रुकावट के जा सकेंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी जताई थी ट्रैफिक समस्या पर चिंता18 मई को दिल्ली में सड़कों के उद्घाटन संबंधी कार्यक्रम में शिरकत की थी। उन्होंने इस कार्यक्रम में कहा था कि मैंने दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना से बात की है कि हम ग्यारह मूर्ति से गुरुग्राम और उसके आगे तक एक टनल का निर्माण करेंगे। सूत्रों का कहना है कि हमें ट्रैफिक की समस्या के लिए संपूर्ण हल के बारे में सोचना होगा।


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Saturday, 20 May 2023

7 दिन के दुधमुंहे की किलकारी सुनकर भी ठंडा नहीं हुआ गुस्सा, पति-पत्नी ने नदी में छलांग लगाई छलांग

7 दिन के दुधमुंहे की किलकारी सुनकर भी ठंडा नहीं हुआ गुस्सा, पति-पत्नी ने नदी में छलांग लगाई छलांग
मोतिहारीः बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले के सिकरहना नदी में छलांग लगाकर पति-पत्नी ने अपनी जान दे दी। हालांकि दोनों ने नदी में छलांग लगाने के पहले अपने दुधमुंहे बच्चे को पुल पर ही छोड़ दिया था। दोनों की शादी करीब डेढ़ साल पहले ही हुई थी। मामूली पारिवारिक विवाद में दोनों ने अपने सात दिन के अपने दुधमुंहे बच्चे को छोड़ कर दोनों ने खुदकुशी कर ली। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से महिला के शव को खोज निकाला, लेकिन पुरुष की तलाश की जा रही है।

बच्चे की छठी में विवाद, पति-पत्नी ने दिनभर नहीं खाया खाना

बताया गया है कि करीब डेढ़ वर्ष पहले चिरैया थाना क्षेत्र के भेड़ियाही के रहने वाले शिवनन्दन जायसवाल और लालबेगिया की रहने वाली मुस्कान की शादी हुई थी। और आज से महज सात दिन पहले एक बच्चे का जन्म हुआ। मुस्कान ने मायके में ही रहकर बच्चे को जन्म दिया। जिसके बाद शुक्रवार को छठी के मौके पर पारिवारिक रीति-रिवाज भी संपन्न हुआ। इस दौरान शिवनन्दन अपने ससुराल पहुंचा था। जहां शिवनंदन और मुस्कान के बीच पारिवारिक विवाद हुआ। झगड़े के बाद दोनों ने शुक्रवार को दिन भर खाना नहीं खाया था। वहीं रात करीब साढे दस बजे दोनों घर से अपने दुधमुहे बच्चे को लेकर नदी की ओर निकल पड़े। इस बीच लड़की मुस्कान की मां को इसकी जानकारी मिल गई। जिसके बाद वो भी पीछे पीछे आई और दोनों को डूबने से मना करने लगी।

महिला के शव को नदी से बाहर निकाला गया

घटना के बाद पूरे इलाके में चीख पुकार मच गया। गांव वाले नदी के किनारे पहुचे। साथ ही सुबह मौके पर चिरैया थाना पुलिस भी पहुची और स्थानीय लोगो के सहयोग से महिला के शव को तो नदी से बाहर निकाल लिया गया। लेकिन शिवनन्दन की तलाश जारी है। बाद में पुलिस से सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची। इस मामले में पड़ोसियों का कहना है कि किसी मामूली पारिवारिक विवाद के कारण दोनों ने यह खौफनाक कदम उठाया।

युवक का अपनी सास के साथ नोकझोंक

घटना के संबंध में पड़ोसी राजन जायसवान ने बताया कि घरेलू विवाद को लेकर परिवार में नोकझोंक हुई थी। जिस कारण दोनों ने दिन में खाना नहीं खाया। लेकिन रात में घर से बाहर जाने के कारण के संबंध में दोनों ने बताया कि वे पड़ोस में एक पारिवारिक कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे हैं। इस तरह से बहाना बनाकर दोनों गांव से निकल गए और ललबंगिया घाट पुल के निकट पहुंच गए। अचानक घर से निकलने के कारण मुस्कान की मां आशंकित हो उठी। वो भी पीछे-पीछे ललबंगिया घाट पुल के निकट पहुंच गईं। सास के मौके पर पहुंच जाने पर शिवनंदन के साथ ही उसकी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान सास के हाथ में चोटें भी आई हैं। जिसके बाद अचानक पति-पत्नी ने एक साथ कूद कर नदी में छलांग लगा दी। रिपोर्ट-आभा सिन्हा


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छात्रा को लगी थी गोली, शिव नाडर यूनिवर्सिटी से पुलिस को फोन गया 'कुत्ते ने काटा है'

छात्रा को लगी थी गोली, शिव नाडर यूनिवर्सिटी से पुलिस को फोन गया 'कुत्ते ने काटा है'
संवाददाता, दादरी: में हुए हत्या और आत्महत्या के मामले में यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट की लापरवाही और गलतियां सामने आ रही हैं। छात्रा को गोली लगने के बाद जब पुलिस को कॉल किया गया, तो कॉल पर बताया गया कि एक स्टूडेंट को कुत्ते ने काट लिया है आप जल्दी आ जाइए। इस लापरवाही और गलत व्यवहार के लिए जल्द ही पुलिस शिव नाडर यूनिवर्सिटी को नोटिस भेज सकती है। साथ ही, यूनिवर्सिटी की सुरक्षा एजेंसी को भी नोटिस जारी हो सकता है। विवि के अंदर पिस्टल लेकर छात्र कैसे पहुंचा, इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

लड़की को गली मारने के बाद बनाया वीडियो

ग्रेनो की शिव नाडर यूनिवर्सिटी में गुरुवार को गोली मारकर छात्रा की हत्या करने के बाद छात्र ने खुद को भी गोली मार कर आत्महत्या कर ली थी। छात्र अनुज ने खुद को गोली मारने से पहले करीब 23 मिनट का वीडियो बनाकर यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को ई-मेल किया था। उसमें उसने अपने परिवार व छात्रा की दोस्ती का हवाला दिया था। इस वीडियो में अनुज ने कहा कि उसे ब्रेन कैंसर है और इसकी तीसरी स्टेज में है। इस बीमारी के बारे में घरवालों को कोई जानकारी नहीं है। हालाकि कैंसर की बीमारी होने का कोई प्रमाण पुलिस के हाथ नहीं लगा है। यूनिवर्सिटी के अधिकारी भी अनुज को इस बीमारी की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। चाचा यशपाल ने बताया कि उन्हें अनुज को ब्रेन कैंसर के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। अगर ऐसी भयंकर बीमारी होती तो घरवालों को जरूर पता होता। वीडियो में अनुज ने छात्रा को गलत बताते हुए उसे दो लोगों से बचाने की बात कही है। शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस के मुताबिक, अमरोहा का रहने वाला अनुज बीए थर्ड ईयर (सोशियोलॉजी) का छात्र था। साथ में पढ़ने वाली कानपुर की छात्रा से उसकी दो साल पहले दोस्ती हुई थी। एसओ सुजीत कुमार उपाध्याय ने बताया कि पिस्टल में 6 गोलियां थीं। छात्र अनुज ने पिस्टल से दो गोली छात्रा को मारीं। तीसरी कमरे की दीवार में लगी, चौथी गोली खुद के सिर में मार ली। 2 जिंदा कारतूस पिस्टल में मिले हैं।

पुलिस को दी कुत्ते के काटने की सूचना

एसीपी-2 सार्थक सेंगर ने बताया कि गुरुवार को डाइनिंग हॉल के पास गेट पर खून से लथपथ छात्रा को देखकर यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने पुलिस को आवारा कुत्ते के काटने की सूचना दी थी। पुलिस के पहुंचने पर जांच में गोली लगने की बात पता चली थी। दादरी कोतवाली प्रभारी सुजीत उपाध्याय ने बताया कि फोन पर यूनिवर्सिटी से सूचना मिली कि बीए थर्ड ईयर (सोशियोलॉजी) की छात्रा कुत्ता काटने से घायल हो गई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस यूनिवर्सिटी पहुंची। हॉस्पिटल में तैनात एक महिला डॉक्टर ने स्टूडेंट को टांके लगाने की बात बताई। यूनिवर्सिटी की तरफ से किसी ने स्टूडेट को गोली लगने की जानकारी नहीं दी। कुछ देर बाद एक निजी अस्पताल से आए फोन से पता चला कि शिव नाडर में पढ़ने वाली स्टूडेंट को गोली लगी है। पूरे मामले में यूनिवर्सिटी ने पुलिस को गुमराह किया।

इकलौती बेटी थी, अब वह भी नहीं रही

जिला कानपुर के रहने वाले राजकुमार चौरसिया ने अपनी इकलौती बेटी को कुछ बनाने के लिए शिव नाडर यूनिर्सिटी में एडमिशन दिलाया था। यहां उनकी बेटी खूब अच्छे से पढ़ रही थी। हालांकि घरवालों का कहना है कि करीब दो साल से वह परेशान थी। चाचा अनिल कुमार ने बताया कि भतीजी ने अपनी मां को परेशानी के बारे में बताया था। ग्रैजुएशन के बाद उसे कानपुर बुलाने की बात कहकर सब उसे शांत कर देते थे। हर बार उसे समझा-बुझाकर कानपुर से ग्रेनो भेज देते थे।

सुरक्षा पर उठाए सवाल

अनिल कुमार ने बताया कि इकलौती बेटी के चले जाने के बाद परिवार शोक में है। अभी कुछ करने की हालत में नहीं हैं । बच्ची के पिता वकील हैं। यूनिवर्सिटी प्रबंधन से जरूर पूछा जाएगा कि उनके कैंपस में हथियार कैसे आ गया। साथ ही छात्रा की पूर्व में शिकायत पर एक्शन क्यों नहीं लिया गया? बता दें यूनिवर्सिटी के गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। जांच के बाद ही किसी को अंदर जाने दिया जाता है। ऐसे में पिस्टल लेकर छात्र का अंदर प्रवेश करना कैंपस की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। अभी तक की जांच में पता चला है कि अनुज ने अपने किसी परिचित के माध्यम से पिस्टल खरीदी थी।


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Friday, 19 May 2023

ज्ञानवापी केस में अगली सुनवाई तक नहीं होगी 'शिवलिंग' की कार्बन डेटिंग, SC का फैसला

ज्ञानवापी केस में अगली सुनवाई तक नहीं होगी 'शिवलिंग' की कार्बन डेटिंग, SC का फैसला
वाराणसी/नई दिल्ली: ज्ञानवापी मस्जिद में मिले कथित ‘शिवलिंग’ के वैज्ञानिक सर्वे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई त‍क इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। कार्बन डेटिंग कराने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मंजूरी दे दी थी। हाई कोर्ट ने वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में कथित ‘शिवलिंग’ का ‘वैज्ञानिक सर्वेक्षण’ कराने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के अनुसार इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि शिवलिंग कितना पुराना है। सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानवापी मस्जिद मैनेजमेंट कमिटी की ओर से हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है।सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच के सामने मस्जिद मैनेजमेंट कमिटी की ओर से हुजेफा अहमदी ने मामला उठाया और कहा कि मामले में जल्द सुनवाई की दरकार है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह शुक्रवार को मामले की सुनवाई करेंगे। हिंदू पक्ष ने मस्जिद परिसर में कथित रूप से शिवलिंग मिलने का दावा किया था।

मस्जिद परिसर में वजू के इलाके पर विवाद

ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में वजू का इलाका विवाद का केंद्र रहा है। हिंदू पक्षकारों का कहना है कि वहां शिवलिंग मिला है। दरअसल हिंदू पक्षकारों ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में पूजा की इजाजत मांगी थी। मस्जिद परिसर के दीवार से सटी मां श्रृंगार गौरी की पूजा की इजाजत मांगी गई थी। इसके लिए वाराणसी कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा गया था कि यह हिंदू मंदिर था और हिंदू देवी देवताओं का स्थल है। वाराणसी की स्थानीय कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान सर्वे कमिशन बनाया था। इसकी रिपोर्ट 19 मई 2022 को आई। सर्वे रिपोर्ट से पहले कोर्ट की ओर से नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर ने कोर्ट को बताया था कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में शिवलिंग मिला है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर हिंदू पक्षकारों ने भी दावा किया कि परिसर में शिवलिंग मिला है। वहीं मुस्लिम पक्षकारों का कहना था कि वह फव्वारा है। इसी बीच मस्जिद कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सर्वे को चुनौती दी थी। तब सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई 2022 को ज्ञानवापी मस्जिद मामले में कहा था कि जहां शिवलिंग मिलने का दावा किया गया है, उस जगह को सुरक्षित रखा जाए और डीएम इस जगह की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इसके साथ ही कहा कि मस्जिद में नमाज के लिए मुस्लिम समुदाय के लोग जाएंगे और उन्हें कोई नहीं रोकेगा। सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी के सिविल जज के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। वाराणसी कोर्ट ने सितंबर 2022 में ज्ञानवापी परिसर में हिंदू महिलाओं की पूजा की अर्जी को चुनौती देने वाली अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमिटी की अर्जी खारिज कर दी थी।


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पोस्टर में बिना इजाजत लगाई सीएम नीतीश की तस्वीर तो पड़ जाएगा महंगा, जानिए पूरा मामला

पोस्टर में बिना इजाजत लगाई सीएम नीतीश की तस्वीर तो पड़ जाएगा महंगा, जानिए पूरा मामला
पटना: अकसर हम सरकारी योजनाओं से जुड़े विज्ञापनों में बिहार के मुख्यमंत्री (Nitish Kumar) की तस्वीरें देखते हैं। अलग-अलग संस्थाओं या फिर विभागों की ओर से भी कई बार ऐसे विज्ञापन या पोस्टर छपवाए जाते हैं। अभी तक भले ऐसा होता रहा हो लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब विज्ञापन या फिर पोस्टर में सीएम नीतीश की तस्वीर छपवाने से पहले मुख्यमंत्री सचिवालय () से परमिशन लेनी होगी। बिना अनुमति पोस्टर या एडवरटाइजमेंट छपवाने पर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में गृह विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया है।

बिना इजाजत नहीं लगा सकते सीएम की तस्वीर

की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कर दिया गया है कि किसी सरकारी योजना से जुड़े कोई भी विज्ञापन या पोस्टर्स पर मुख्यमंत्री की तस्वीर प्रकाशित करने से पहले सीएम सचिवालय से परमिशन लेना अनिवार्य होगा। बिना इजाजत लिए सीएम की तस्वीर लगाने पर एक्शन भी लिया जा सकता है। सीएम सचिवालय से ग्रीन सिग्नल के बाद ही सरकारी योजना से जुड़े किसी ऐड या फिर पोस्टर मुख्यमंत्री की तस्वीर लगाई जाएगी।

गृह विभाग ने जारी किया लेटर

गृह विभाग के संयुक्त निदेशक ब्रजेश कुमार सिन्हा ने बिहार के डीजीपी समेत पुलिस विभाग की सभी यूनिट्स के चीफ को एक पत्र लिखा है। जिसमें यह कहा गया कि किसी सरकारी योजना या विज्ञापन जिसमें मुख्यमंत्री की तस्वीर प्रकाशित कराना है तो पहले सीएम सचिवालय से उसकी अनुमति लेना जरूरी होगा।

बिहार डीजीपी और पुलिस विभाग को निर्देश

पत्र में आगे ये भी कहा गया है कि सूचना और जनसंपर्क विभाग के स्तर से भी इस मामले को लेकर 10 मई 2007 को एक आदेश जारी किया गया था। अब निर्देश का पालन हर हाल में करना होगा। इसमें साफ तौर से ये बताया गया है कि मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ कोई भी एडवरटाइजमेंट का प्रकाशन सीधे अपने स्तर पर पत्राचार जनसंपर्क विभाग से नहीं किया जा सकेगा। इस तरह के विज्ञापन जिसमें सीएम तस्वीर लगनी है तो मुख्यमंत्री सचिवालय अनुमति लेना जरूरी होगा।इनपुट- केशव सुमन, पटना


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Thursday, 18 May 2023

एलन मस्क ने एक झटके में कमाए 4,33,78,02,00,000 रुपये, अंबानी-अडानी को नुकसान

एलन मस्क ने एक झटके में कमाए 4,33,78,02,00,000 रुपये, अंबानी-अडानी को नुकसान
नई दिल्ली: टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) के लिए बुधवार का दिन काफी अच्छा रहा। बुधवार को टेस्ला के शेयरों की कीमत में करीब पांच फीसदी तेजी आई। इससे मस्क की नेटवर्थ में 5.25 अरब डॉलर यानी 4,33,78,02,00,000 रुपये का उछाल आए। इसके साथ ही उनकी नेटवर्थ 172 अरब डॉलर पहुंच गई। इस साल उनकी नेटवर्थ में 34.6 अरब डॉलर की तेजी आई है। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में फ्रांस के बर्नार्ड आरनॉल्ट (Bernard Arnault) के बाद दूसरे नंबर पर हैं। आरनॉल्ट की नेटवर्थ 202 अरब डॉलर है।इस बीच भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की नेटवर्थ में बुधवार को 68.9 करोड़ डॉलर की गिरावट आई। उनकी नेटवर्थ में इस साल 3.10 अरब डॉलर की गिरावट आई है। अंबानी की नेटवर्थ अब 84 अरब डॉलर रह गई है। इसी तरह अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) की नेटवर्थ में भी बुधवार को 48.7 करोड़ डॉलर की गिरावट आई। उनकी नेटवर्थ अब 53.9 अरब डॉलर रह गई है। अडानी ने इस साल सबसे ज्यादा दौलत गंवाई है। उनकी नेटवर्थ में जनवरी से अब तक 66.7 अरब डॉलर की गिरावट आई है।

कौन हैं टॉप 10 में

ऐमजॉन के जेफ बेजोस (Jeff Bezos) 139 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। बुधवार को उनकी नेटवर्थ में 1.98 अरब डॉलर की तेजी आई। माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स इस लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। उनकी नेटवर्थ 125 अरब डॉलर है। अमेरिका के दिग्गज इनवेस्टर वॉरेन बफे 115 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ पांचवें नंबर पर हैं। लैरी एलिसन (112 अरब डॉलर) छठे, लैरी पेज (110 अरब डॉलर) सातवें, स्टीव बामर (109 अरब डॉलर) आठवें, सर्गेई ब्रिन (104 अरब डॉलर) नौवें, और कार्लोस स्लिम (93.7 अरब डॉलर) दसवें नंबर पर हैं।


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जातीय जनगणना पर नीतीश सरकार को सबसे बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज की याचिका

जातीय जनगणना पर नीतीश सरकार को सबसे बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज की याचिका
नई दिल्ली: एवं आर्थिक सर्वे पर पटना हाईकोर्ट की लगी रोक बरकरार रहेगी। नीतीश कुमार सरकार को अब इस मामले में सबसे बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार की दायर याचिका पर फैसला देते हुए राज्य में जाति आधारित गणना पर पटना हाईकोर्ट की तरफ से लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार की तरफ से दायर याचिका को खारिज कर दिया है। उच्चतम न्यायालय ने पटना उच्च न्यायालय के उस आदेश पर स्थगनादेश से इनकार किया जिसमें बिहार सरकार द्वारा किए गए जाति सर्वेक्षण पर रोक लगाई गई है।

सुप्रीम कोर्ट से नीतीश सरकार को बड़ा झटका

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट की तरफ से बिहार में जाति आधारित गणना एवं आर्थिक सर्वे पर लगी रोक बरकरार रखने का फैसला लिया है। उच्चतम न्यायालय ने साफ कर दिया कि पटना उच्च न्यायालय की तरफ से दिया गया फैसला सही था और इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। वहीं गुरुवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिहार सरकार पहले 03 जुलाई 2023 को पटना हाईकोर्ट की सुनवाई में हाजिर हों, वहां पर अपने तर्क को रखें। अगर पटना हाईकोर्ट से बिहार सरकार संतुष्ट नहीं होती तो 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में केस की सुनवाई होगी।

इससे पहले क्या हुआ था सुप्रीम कोर्ट में

इससे पहले बुधवार को ही बिहार सरकार की इस याचिका पर सुनवाई होनी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय करोल ने खुद को इस सुनवाई से अलग कर लिया था। उनका कहना था कि वो बिहार में चीफ जस्टिस रहते इस मामले में पक्षकार रह चुके हैं। इसके बाद गुरुवार को सुनवाई की अगली तारीख तय की गई थी। इसी पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ये फैसला सुनाया।


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Wednesday, 17 May 2023

नड्डा जहां भी जाते हैं, वहां हार जाती है BJP, महाराष्ट्र में स्‍वागत है... संजय राउत का हमला

नड्डा जहां भी जाते हैं, वहां हार जाती है BJP, महाराष्ट्र में स्‍वागत है... संजय राउत का हमला
मुंबई: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष जेपी नड्डा () दो दिवसीय महाराष्ट्र दौरे पर हैं। ऐसे में शिवसेना (उद्धव) पार्टी के नेता संजय राउत () ने हाल ही में संपन्न कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka Assembly Elections 2023) परिणामों को लेकर बुधवार को कटाक्ष किया। संजय राउत ने कहा कि नड्डा जहां भी जाते हैं, वहां बीजेपी हार जाती है। उनके इस बयान पर बीजेपी विधायक नीतेश राणे ने पलटवार करते हुए राउत पर संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों पर निशाना साधने और प्रशासन को सरकार के खिलाफ उकसाने का आरोप लगाया। राणे ने दावा किया क‍ि ये सब शहरी नक्सलियों के लक्षण हैं। दरअसल बीजेपी को हाल में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है जहां कांग्रेस ने जबरदस्त जीत हासिल की है। संजय राउत ने नासिक में पत्रकारों से कहा क‍ि जेपी नड्डा कर्नाटक में अपनी पार्टी के प्रचार के लिए डटे रहे, लेकिन वह हार गई। अब वह महाराष्ट्र आ रहे हैं, हम उनका स्वागत करते हैं। जहां भी वह जाते हैं, बीजेपी हार जाती है। महाराष्ट्र में अगले साल होने हैं विधानसभा चुनाव नड्डा बुधवार से दो दिन की महाराष्ट्र की यात्रा पर हैं और इस दौरान वह प्रदेश बीजेपी नेताओं से मुलाकात करेंगे। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं। राज्य विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर निशाना साधते हुए राउत ने दावा किया क‍ि दल बदलना उनका शौक है और पेशा भी। राज्य में ऐसी कोई पार्टी नहीं है जिसके वह सदस्य नहीं रहे। पिछले साल महाराष्ट्र में महा विकास आघाडी सरकार के पतन के कारण उपजे शिवसेना विवाद पर अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई को कहा कि वह तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बहाल नहीं कर सकता क्योंकि उन्होंने विश्वास मत का सामना किए बिना इस्तीफा देने का फैसला किया था। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित शिवसेना के 16 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने से इनकार करते हुए, शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला नहीं कर सकती है और विधानसभा अध्यक्ष नार्वेकर को लंबित मामले पर 'उचित अवधि' के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया। कानून के शासन को तोड़ने के लिए हो रहा संविधान का दुरुपयोगशिवसेना विधायकों को नोटिस जारी किए जाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर राउत ने दावा किया कि नोटिस नार्वेकर की ओर से भेजे जा रहे हैं न कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा। पिछले कुछ दिनों में नार्वेकर जिस तरह से मीडिया से बात कर रहे हैं, वह दशार्ता है कि कानून के शासन को तोड़ने के लिए संविधान का दुरुपयोग किया जा रहा है।


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बागेश्वर बाबा मामले में मौका चूक गई आरजेडी! तेजस्वी यादव की एक चाल से ध्वस्त हो जाते विरोधी

बागेश्वर बाबा मामले में मौका चूक गई आरजेडी! तेजस्वी यादव की एक चाल से ध्वस्त हो जाते विरोधी
पटना: राजनीति तो समझते हैं, लेकिन कूटनीति उन्हें नहीं आती। बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मिलने की इच्छा को ठुकरा देने से ही यह स्पष्ट हो जाता है। बाबा के बिहार आगमन के विरोध में तेज प्रताप यादव समेत आरजेडी के कई नेताओं के लगातार बोलते रहने से हिन्दू वोटरों का बड़ा तबका नाराज है। नाराज हिन्दू वोटरों को पटाने का तेजस्वी यादव के लिए यह बड़ा अवसर था। पहले से ही बीजेपी इसे हिन्दू आस्था पर चोट पहुंचाने वाला आरजेडी का कदम बता रही थी। हिन्दू सेंटीमेंट को भुनाने का यह बढ़िया मौका साबित होता। हालांकि तेजस्वी ने बाबा से न मिलने की घोषणा कर अपने पारंपरिक वोटर- मुसलमान को खुश करने का प्रयास किया है। बंगाल और कर्नाटक के चुनाव परिणामों को देख कर ही शायद तेजस्वी के मन में न मिलने की बात आई हो। क्योंकि उन दो राज्यों में मुसलमान वोटों के ध्रुवीकरण के कारण ही तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस ने बाजी परलट दी थी। बीजेपी अब इसे भुनाने की कोशिश कर रही है।

बागेश्वर बाबा व तेजस्वी मुलाकात को ले हुई नौटंकी

आयोजकों ने बिहार के डेप्युटी सीएम तेजस्वी यादव से मिल कर उनको न्यौता दिया था। उन्होंने तब स्वीकृति दी या नहीं, लेकिन मुलाकात के बाद आय़ोजकों की ओर से यही प्रचारित किया गया कि तेजस्वी यादव बाबा के रहते किसी भी दिन और किसी भी वक्त मिलने जा सकते हैं। यह दावा करने वाले कोई सामान्य आदमी नहीं, बल्कि पूर्व आईपीएस अरविंद ठाकुर थे। इसलिए सबको भरोसा हुआ। शाम होते-होते तेजस्वी यादव ने साफ कर दिया कि उनके पास बिहार के बहुत सारे काम हैं। बाबा से मिलने के लिए उनके पास वक्त नहीं है। आयोजकों की घोषणा पर लोगों में अचानक तेजस्वी के प्रति सम्मान और श्रद्धा का भाव उमड़ने लगा था। लेकिन अचानक ही ब्रेक लग गया।

तेज प्रताप के विरोध पर खामोश थे तेजस्वी यादव

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के पटना आगमन को लेकर बिहार की सियासत महीने भर से गर्म थी। आरजेडी के कुछ नेता हत्थे से उखड़ गए थे, जैसे कोई बड़ा दुश्मन हमला बोलने बिहार आ रहा हो। तेज प्रताप की हरकतों को लेकर बीजेपी और उसके सहयोगी-समर्थक लगातार हमलावर बने हुए थे। हालांकि तेज प्रताप के विरोध के बावजूद लालू यादव और तेजस्वी यादव ने खामोशी ओढ़ ली थी। तेजस्वी ने बाबा की आलोचना तो नहीं की कि, लेकिन लालू ने जरूर सवाल खड़ा किया कि वे उन्हें बाबा नहीं मानते। पहले से ही विरोध कर रहे तेज प्रताप ने तो यहां तक कह दिया कि वे देवराहा बाबा को छोड़ किसी बाबा को नहीं मानते।

आरजेडी के नेताओं ने हिन्दू आस्था पर चोट पहंचाई

आरजेडी कोटे से बिहार में शिक्षा मंत्री बने चंद्रशेखर ने रामचिरत मानस और मनुस्मृति को जब नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया था तो इसे हिन्दुओं की आस्था पर चोट पहुंचाने वाला बयान करार दिया गया। आरजेडी के प्रति लोगों में नाराजगी बढ़ गई। उसके बाद लगातार हिन्दुओं की धार्मिक आस्था पर चोट पहुंचाने वाले बयान चंद्रशेखर के अलावा मंत्री सुरेंद्र यादव और जगदानंद सिंह की ओर से आते रहे। बागेश्वर बाबा के विरोध में आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा था कि ऐसे बाबाओं की जगह जेल में होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया था कि अब तक वे जेल से बाहर कैसे हैं। सुरेंद्र यादव ने तो उन्हें भूत-प्रेत भगाने वाला बाबा बताया था, जिनके दरबार में नाचते-झूमते बहन-बेटियों के वस्त्र खुल जाते हैं। कहा तो यह भी था कि जिस तरह लालकृष्ण आडवाणी को उनकी रथयात्रा रोक कर लालू ने जेल भेजवा दिया था, उसी तरह बागेश्वर बाबा को भी गिरफ्तार कर जेल में डाल देना चाहिए।

तेज प्रताप ने तो विरोध के लिए सेना बना ली थी

लालू यादव के बड़े बेटे और बिहार के मंत्री तेज प्रताप यादव ने बागेश्वर धाम के बाबा का विरोध करने के लिए खूब अभियान चलाया। हालांकि तेज प्रताप खुद ही आस्थावान व्यक्ति हैं। वे कृष्ण का रूप कभी धरते हैं तो कई बार उन्हें वृंदावन व बनारस की गलियों में भी देखा जाता है। तेज प्रताप को आशंका थी कि बाबा हिन्दू-मुस्लिम के बीच नफरत फैलाने वाली बात अपने प्रवचन में कहेंगे। दो दिन के प्रवचन में ऐसा कुछ नहीं हुआ। तेज प्रताप ने विरोध के लिए जो सेना बनाई थी, उसे स्पष्ट निर्देश दिया था कि बाबा अगर हिन्दू-मुस्लिम की बात करते हैं तो उनका एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक विरोध किया जाए। आरजेडी के दूसरे नेताओं की बात छोड़ भी दें तो खुद तेजस्वी यादव की पत्नी ने भी बागेश्वर बाबा का मजाक उड़ाया था। उन्होंने अपने फेसबुक वाल पर फोटो शेयर करते हुए लिखा कि ये बागेश्वर धाम है। तस्वीरों में धीरेंद्र शास्त्री किसी युवती के साथ दिख रहे थे। राजश्री ने कैप्शन लिखा- ये कैसा बाबा है भाई !

तेजस्वी यादव ने आरजेडी के फायदे की ही सोची

तेजस्वी यादव ने पार्टी की कमान हाथ में आते ही कहा था कि आरजेडी अब अपना समीकरण सिर्फ एम-वाईतक सीमित नहीं रखेगा। अब आरजेडी को ए टू जेड की पार्टी बनाना है। राजद कोटे के कुछ मंत्रियों द्वारा हिन्दू आस्था पर चोट पहुंचाने वाले बयान देने से हिन्दुओं के वोट कटने का खतरा बढ़ गया है। इनमें सिर्फ सवर्ण वोटर ही नहीं, बल्कि आरजेडी और महागठबंधन के दूसरे घटक दलों के भी हिन्दू वोटर हैं। तेज प्रताप ने बागेश्वर बाबा के आगमन का विरोध कर आग में घी डालने जैसा काम किया था। हालांकि तेजस्वी यादव के बाबा बागेश्वर के कार्यक्रम में जाने की स्वीकृति की खबर आने के बाद उनके महत्वपूर्ण समीकरण से ड (मुस्लिमों) के नाराज होने का खतरा था। शायद यही वजह रही कि बाद में तेजस्वी को सफाई देनी पड़ी कि वे बाबा के कार्यक्रम में नहीं जाएंगे। लालू यादव ने रही सही कसर यह कह कर पूरी कर दी कि वो किसी बाबा को नहीं जानते। हालांकि लालू के बारे में सबको पता है कि वे पगला बाबा के अनन्य भक्त रहे। उन्हें बाबाओं के चमत्कार और टोना-टोटका पर भी भरोसा है। वे बता चुके हैं कि बचपन में उन्हें भूत उठा कर ले जा रहे थे, लेकिन गांव के बरम बाबा ने बचा लिया था। बहरहाल वोट की राजनीति के कारण ही उनका इस तरह का बयान आया हगा, इसमें संदेह नहीं। रिपोर्ट- ओमप्रकाश अश्क


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Tuesday, 16 May 2023

ज्ञानवापी कैंपस का होगा एएसआई सर्वे? वाराणसी कोर्ट ने याचिका मंजूर की, जानिए पूरा मामला

ज्ञानवापी कैंपस का होगा एएसआई सर्वे? वाराणसी कोर्ट ने याचिका मंजूर की, जानिए पूरा मामला
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मंदिर परिसर के एएसआई सर्वे की याचिका को जिला कोर्ट ने मंजूर कर लिया। कोर्ट की ओर से याचिका मंजूर किए जाने के बाद हिंदू पक्षकार की ओर से सर्वे से संबंधित दावेदारी की गई है। ज्ञानवापी कैंपस की एएसआई जांच को मंजूरी दिए जाने की बात कही है। हिंदू पक्षकार की ओर से दी गई याचिका को स्वीकार करते हुए वाराणसी जिला कोर्ट ने 22 मई को अगली सुनवाई का आदेश दिया है। वकील विष्णु जैन की ओर से दायर याचिका में पूरे परिसर आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से सर्वे कराने की मांग की गई। हिंदू पक्षकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 22 तारीख को अगली सुनवाई की तिथि तय की है। वहीं, मुस्लिम पक्षकारों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। मुस्लिम पक्षकारों की ओर से 19 मई को याचिका दायर की जाएगी। इसमें एएसआई सर्वे का विरोध किए जाने की बात कही गई।

पूरे ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की मांग

वाराणसी कोर्ट में ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की मांग से संबंधित याचिका दायर की गई। हिंदूवादी महिलाओं और वकील विष्णु जैन की ओर से जिला अदालत में पूरे परिसर की एएसआई से सर्वे कराने की मांग की गई है। इस याचिका में मांग की गई है कि पूरे परिसर का सर्वे हो। कोर्ट का यह फैसला ज्ञानवापी परिसर के एडवोकेट कमिश्नर सर्वे के दौरान ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिले शिवलिंग के ठीक एक साल बाद आया है। 16 मई 2022 को ज्ञानवापी परिसर के एडवोकेट कमिश्नर सर्वे के दौरान ज्ञानवापी परिसर में कथित शिवलिंग मिला था। हिंदू पक्षकारों का दावा है कि इस शिवलिंग के नीचे असली आदि विश्वनाथ का शिवलिंग विराजमान है। अगर कोर्ट सर्वे का आदेश देती है तो निश्चित तौर पर इस पूरे परिसर का सर्वे होगा। इससे कई चीजों के सामने आने की बात कही जा रही है।

वकील विष्णु जैन ने दी जानकारी

वाराणसी कोर्ट में याचिका मंजूर होने को लेकर वकील विष्णु जैन ने कोर्ट में चली प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने संपूर्ण ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे की याचिका को मंजूर कर लिया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने हमारी याचिका को स्वीकार करते हुए एएसआई सर्वे की बात कही है। इस संबंध में मुस्लिम पक्षकारों को अपना पक्ष रखने के लिए 19 तारीख तक का समय दिया गया है। 19 मई को मुस्लिम पक्षकार की ओर से आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद 22 मई को कोर्ट की अगली सुनवाई में इस पर अहम निर्णय आ सकता है। विष्णु जैन ने कहा कि हमारा केस बहुत मजबूत है। वकील ने कहा कि नियमों के अनुसार, किसी भी केस में कोर्ट वैज्ञानिक अप्रूवल को मंजूरी दी जाती है। एविडेंस एक्ट भी साइंटिफिक एविडेंस की बात करता है। उन्होंने कहा कि बिना आधिकारिक एविडेंस के इस केस का फैसला नहीं हो सकता है। इस केस में एएसआई की जांच बहुत महत्वपूर्ण है। एएसआई जांच से इस परिसर का सही कैरेक्टर सामने आएगा। इसलिए हमने कोर्ट से एएसआई जांच की मांग की है।


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गुजरात में मेरा खाना नहीं मिलेगा... शास्त्री ने पूछा क्या खाते हो मोहम्मद शमी ने बोलती बंद कर दी

गुजरात में मेरा खाना नहीं मिलेगा... शास्त्री ने पूछा क्या खाते हो मोहम्मद शमी ने बोलती बंद कर दी
अहमदाबाद: डिफेंडिंग चैंपियंस गुजरात टाइटंस पिछले सीजन की तरह इस बार भी सबसे पहले प्लेऑफ में पहुंच गई। हार्दिक पंड्या की कप्तानी वाली इस टीम ने सनराइजर्स हैदराबाद को 15 मई की रात हराकर यह मुकाम हासिल किया। शुभमन गिल का शतक झेलने के बाद हैदराबाद के टॉप ऑर्डर को मोहम्मद शमी ने नेस्तानाबूद कर दिया। टीम ने पावरप्ले में ही 29 रन पर चार विकेट खो दिए। खतरनाक दिख रहे हेनरिक क्लासेन (44 गेंद में 64 रन) को 17वें ओवर में आउट कर शमी ने गुजरात की जीत पर मुहर लगा दी। पर्पल कैपधारी शमीइस कामयाबी के साथ ही अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज के 13 मैच में 23 विकेट हो गए। अपने ही टीममेट राशिद खान से बेहतर इकॉनमी के बाद पर्पल कैप हथियाने वाले शमी से रवि शास्त्री ने बातचीत की। टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच और मशहूर कमेंटेटर रवि शास्त्री ने पूछा कि इस कामयाबी का राज क्या है? मोहम्मद शमी की हाजिरजवाबी सुनकर हर कोई हैरान रह गया। नहले पर दहलादरअसल, रवि शास्त्री ने मोहम्मद शमी के खानपान पर मजाक किया था। पूछा था कि आप खाना क्या खाते हो और तगड़े होते जा रहे हो। इस बाउंसर को शमी ने हंसते-हंसते झेला और कह दिया कि गुजरात में मेरा खाना नहीं मिलेगा न। हालांकि बाद में किसी की भावना ठेस न हो इसलिए उन्होंने आगे जोड़ दिया कि, 'लेकिन मैं गुजराती फूड एन्जॉय कर रहा हूं।'बिरयानी लवर हैं शमीभारतीय क्रिकेट को फॉलो करने वाले जानते हैं कि मोहम्मद शमी को बिरयानी कितनी पसंद है। 2019 वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के खिलाफ हैट्रिक लेने के बाद रोहित शर्मा ने इस बात पर मजाक भी बनाया था। एक बार ईशांत शर्मा ने भी किसी इंटरव्यू में शमी के बिरयानी प्रेम का जिक्र किया था। यहां पर भी रवि शास्त्री बिरयानी को लेकर ही भाईजान का मजाक बना रहे थे।


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Monday, 15 May 2023

ओडिशा को मिलेगी पहली वंदे भारत एक्सप्रेस, जानिए कहां-कहां रुकेगी, किराया और टाइमिंग

ओडिशा को मिलेगी पहली वंदे भारत एक्सप्रेस, जानिए कहां-कहां रुकेगी, किराया और टाइमिंग
नई दिल्ली: लंबे इंतजार के बाद ओडिशा को पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन () मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) 18 मई को इसे हरी झंडी दिखा सकते हैं। यह ट्रेन ओडिशा की धार्मिक नगरी पुरी से हावड़ा के बीच चलेगी। यह ओडिशा की पहली और देश की 16वीं वंदे भारत ट्रेन होगी। साथ ही यह पश्चिम बंगाल की दूसरी वंदे भारत ट्रेन होगी। राज्य की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस 30 दिसंबर, 2022 को हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी (Howrah-New Jalpaigudi Vande Bharat) के बीच चलाई गई थी। अप्रैल में पांच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई गई थी। इस महीने पहली वंदे भारत ट्रेन पुरी और हावड़ा के बीच चलाई जा सकती है।रेलवे के सूत्रों के मुताबिक पुरी-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का ट्रायल किया जा चुका है। यह सुबह छह बजे हावड़ा से चलेगी और 11.50 बजे पुरी पहुंचेगी। वापसी में यह 1.50 बजे पुरी से चलेगी और शाम 7.30 बजे हावड़ा पहुंचेगी। यह ट्रेन 500 किमी की दूरी पांच घंटे 30 मिनट में पूरी करेगी। यह ट्रेन खड़गपुर, बालासोर, भद्रक, जाजपुर क्योंझर रोड, कटक, भुवनेश्वर और खुर्दा रोड जंक्शन पर रूक सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें चेयरकार का किराया 1,590 रुपये हो सकता है। इसमें 308 रुपये कैटरिंग का चार्ज शामिल है। एग्जीक्यूटिव क्लास का किराया 2,815 रुपये हो सकता है। इसमें 369 रुपये का कैटरिंग चार्ज शामिल है। यात्रियों के पास नो फूड ऑप्शन चुनने का विकल्प होगा।

अब तक 15

देश में अब तक 15 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को चलाया जा चुका है। पहली वंदे भारत ट्रेन दिल्ली से वाराणसी के बीच 15 फरवरी 2019 को चलाई गई थी। नए जमाने के पहली वंदे भारत पिछले साल 30 सितंबर को मुंबई से गांधी नगर के बीच चलाई गई थी। लेकिन अब भी कई राज्यों को वंदे भारत एक्सप्रेस का तोहफा नहीं मिला है। इनमें पूर्वोत्तर, पंजाब, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड और गोवा शामिल हैं। पंजाब लंबे समय से वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की मांग कर रहा है। इसी तरह बिहार और झारखंड में भी वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की मांग उठ रही है। यहां देखिए अब तक चलाई गई वंदे भारत ट्रेनों की पूरी लिस्ट, उनका किराया, टाइम टेबल, रूट और दूसरी जानकारियां...
ट्रेन का नाम कब शुरु हुई स्टॉपेज दूरी समय किराया (AC Chair)
नई दिल्ली-वाराणसी 15 फरवरी, 2019 कानपुर, इलाहाबाद 771 किमी 8 घंटे 1,805 रुपये
नई दिल्ली-कटरा तीन अक्टूबर, 2019 अंबाला कैंट, लुधियाना, जम्मू तवी 655 किमी 8 घंटे 1,545 रुपये
गांधी नगर-मुंबई 30 सितंबर, 2022 अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, वापी, बोरीवली, 520 किमी 6 घंटे 20 मिनट 1,420 रुपये
नई दिल्ली-अंब अदौरा 13 अक्टूबर, 2022 अंबाला, चंडीगढ़, आनंदपुर साहिब 415 किमी 5 घंटे 25 मिनट 1,240 रुपये
मैसूरू-चेन्नई 11 नवंबर, 2022 काटपाडी, बेंगलुरु 497 किमी 6 घंटे 25 मिनट 1,365 रुपये
नागपुर-बिलासपुर 11 दिसंबर, 2022 रायपुर, दुर्ग, गोंदिया 412 किमी 5 घंटे 30 मिनट 1,155 रुपये
हावड़ा-न्यू जलपाईगुड़ी 30 दिसंबर, 2022 बोलपुर, माल्दा टाउन, बारसोई 565 किमी 7 घंटे 30 मिनट 1,565 रुपये
सिकंदराबाद-विशाखापट्टनम 15 जनवरी, 2023 वारंगल, खम्मम, विजयवाड़ा, राजमुंद्री 699 किमी 8 घंटे 30 मिनट 1,665 रुपये
मुंबई-सोलापुर 10 फरवरी, 2023 दादर, कल्याण, पुणे, कुर्डुवाडी 455 किमी 6 घंटे 35 मिनट 1,300 रुपये
मुंबई-शिरडी 10 फरवरी, 2023 दादर, ठाणे, नासिक रोड 340 किमी 5 घंटे 25 मिनट 1,840 रुपये
दिल्ली-भोपाल 01 अप्रैल, 2023 आगरा कैंट, ग्वालियर, झांसी 701 किमी 7 घंटे 30 मिनट 1,735 रुपये
दिल्ली-अजमेर 12 अप्रैल, 2023 जयपुर, गुडगांव 429 किमी 5 घंटे 15 मिनट 1,250 रुपये
सिकंदराबाद-तिरुपति 08 अप्रैल, 2023 नालगोंडा, गुंटूर, ओंगोल, नेल्लोर 661 किमी 8 घंटे 30 मिनट 1,680 रुपये
चेन्नई-कोयंबटूर 08 अप्रैल, 2023 सेलम, इरोड, तिरुपुर 495 किमी 5 घंटे 50 मिनट 1,350 रुपये
तिरुवनंतपुरम-कासरगोड 25 अप्रैल, 2023 कोल्लम, कोट्टयम, एर्नाकुलम, त्रिशूर, कोझोकोड 587 किमी 8 घटे 05 मिनट 1,520 रुपये


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पति के कत्ल की जबरदस्त पार्टी! इस लेखिका की खौफनाक कहानी आपके रोंगटे खड़े कर देगी

पति के कत्ल की जबरदस्त पार्टी! इस लेखिका की खौफनाक कहानी आपके रोंगटे खड़े कर देगी
दुनिया की नजर में वो परफेक्ट कपल थे। वो अपने तीन बच्चों के साथ सुखी जिंदगी जी रहे थे, लेकिन कौन ये सोच सकता था कि इस कपल की हकीकत कुछ और थी। ये बात तो खुद उसके पति को भी नहीं पता था कि उसकी पत्नी उससे इतनी नफरत करती है कि उसे मौत के घाट उतारकर पूरी रात जश्न भी मनाएगी।

पहले कत्ल, फिर पार्टी और अब किताब

ये कहानी है अमेरिका के कामास की एक लेखिका कौरी डार्डन रिचिन्स की जो अपने पति की कत्ल के आरोप में जेल में बंद है और अब पति के कत्ल के एक साल बाद इस कातिल पत्नी ने एक किताब लिखी है। पति की मौत का दुख जताने के लिए। उस मौत का जो खुद इस लेखिका ने अपने पति को दी। रिचिन्स और एरिक काफी सालों से शादीशुदा थे। दोनों के तीन बच्चे भी थे।

लेखिका ने पति को दी नशे की ओवरडोज

पिछले साल मार्च में इस महिला ने पुलिस को फोन करके खबर दी कि इसके पति ने कुछ दवाई की गोलियां खा ली हैं जिसके बाद वो उठ नहीं रहा। पुलिस इसके घर पहुंची तो पता चला कि पति की मौत हो चुकी है। पहले ये एक एक्सिडेंट लगा, लेकिन जब जांच शुरू हुई तो सामने आई चौंकाने वाली हकीकत। दरअसल रिचिन्स ने ही एरिक को नशे की ओवरडोज दी थी।

वोडका में मिलाई खतरनाक ड्रग्स

रिचिन्स ने घर पर एक पार्टी अरेंज की। इसने अपने पति के वोडका में नशे के की पाच गुना ज्यादा मात्रा मिला दी। खुद भी इसने नशा किया और फिर पति की मौत के बाद दोस्तों के साथ पूरी रात पार्टी करती रही। दरअसल एरिक और रिचिन्स के बीच काफी समय से झगड़े हो रहे थे। इनके दोस्तों ने कई बार इनके बीच में आकर सुलह भी करवाई थी, लेकिन ये लेखिका अपने पति से किसी भी कीमत पर छुटकारा चाहती थी। इसके लिए इसने अपने दोस्तों के साथ पार्टी रखी और उसी बीच अपने पति को मौत दे दी।

अब जेल में रहकर लिखी है एक किताब

ये काफी समय तक पुलिस को बरगलाती रही, लेकिन बाद में जांच के बाद सारी सच्चाई सामने आ गई। अब इस महिला को पति के मर्डर का केस दर्ज हुआ है और ये जेल में है। जेल से ही इसने एक नई बुक लॉन्च की है। इस किताब में इस महिला ने लिखा है कि मौत के बाद का दुख से जूझना बेहद मुश्किल होता है।


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Sunday, 14 May 2023

वाल्मीकि वोट नहीं मिले, मुस्लिमों की लामबंदी भी नहीं आई काम... आगरा में बीजेपी की जीत से बीएसपी हैरान

वाल्मीकि वोट नहीं मिले, मुस्लिमों की लामबंदी भी नहीं आई काम... आगरा में बीजेपी की जीत से बीएसपी हैरान
सुनील साकेत, आगरा: उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव (UP Nagar Nikay Chunav 2023) में मिली अभूतपूर्व जीत से बीजेपी खेमे में खुशी की लहर है, लेकिन उसे टक्कर देने वाली बीएसपी रणनीतिकारों के हौसले पस्त हो गए हैं। इसके अलावा बीएसपी की जीत का दावा ठोकने वाले मुस्लिम समर्थक भी हैरान हैं कि आखिर बीजेपी को हराने में लामबंद होने के बाद भी वे कोई करिश्मा क्यों नहीं कर सके। बीजेपी की हेमलता दिवाकर रेकॉर्ड वोटों से मेयर सीट पर चुनाव जीत गई।दलित बहुल आगरा में पर इस बार जातीय समीकरण लता वाल्मीकि के लिए सटीक बैठ रहे थे। जाटव के साथ वाल्मीकि कॉम्बीनेशन होने से बीएसपी के लिए अच्छी खासी वोटिंग की उम्मीद जगी थी। इधर बीजेपी को हराती दिखाई दे रही बीएसपी के सपोर्ट में मुस्लिम समुदाय ने भी वोटिंग की ताल ठोक दी थी। मगर जैसे ही नतीजे आए तो सभी राजनैतिक समीकरण फुस्स हो गए। हेमलता दिवाकर ने 1,08468 वोटों से बीएसपी की लता को हरा दिया है। ये जीत अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज की गई है।

कहां गए चौधरी बशीर वाले 35 हजार वोट

वर्ष 2017 के निकाय चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी नवीन जैन को 2,17881 वोट मिले थे। नवीन जैन ने बीएसपी के दिगंबर सिंह धाकरे को 74,322 वोट से शिकस्त दी थी। मुस्लिम प्रत्याशी पूर्व मंत्री चौधरी बशीर 35,243 वोट लेकर आए थे। मगर इस बार मुस्लिम प्रत्याशी नहीं होने पर मुस्लिमों को वोट बीएसपी की ओर डायवर्ट हुआ था, तमाम मुस्लिम नेताओं और समाजसेवियों ने छाती ठोककर बीएसपी को जिताने का एलान भी किया था। मगर नतीजे आने पर हर कोई यही सोचने को मजबूर है कि आखिर चौधरी बशीर के 35 हजार वोट कहां चले गए।

बीएसपी के बढ़े 15 बीजेपी के 50 हजार

2017 के निकाय चुनाव में नगर निगम के लिए 40.6 प्रतिशत मतदान हुआ था। बीजेपी प्रत्याशी नवीन जैन को 217881 वोट लेकर विजेता बने थे। जबकि बीएसपी के दिगंबर धाकरे को 1,43559 वोट मिले। 2023 में बीएसपी की लता वाल्मीकि को 159457 वोट मिले। इस हिसाब से बीएसपी का 15,898 वोटों का इजाफा हुआ। जबकि बीजेपी की हेमलता दिवाकर को 267925 वोट मिले हैं। पिछले निकाय चुनाव के सापेक्ष उन्हें 50,044 वोट अधिक मिले हैं। इधर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, आप समेत विभिन्न दलों की जमानत तक जब्त हो गई है। समाजवादी पार्टी की जूही प्रकाश को पिछले निकाय चुनाव से 2085 वोट कम मिले हैं।

वाल्मीकि समाज ने दिया धोखा

बीएसपी ने निकाय चुनाव जीतने के लिए मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया था। जाटव वोटों के साथ-साथ वाल्मीकि वोट हासिल करने के लिए लता वाल्मीकि को टिकट दिया, लेकिन लता को वाल्मीकि और मुस्लिम वोट नहीं मिला। यही वजह है कि उन्हें महज 15 हजार वोट अधिक मिले हैं। हालांकि लता वाल्मीकि का कहना है कि उन्हें हर समाज का आशीर्वाद मिला है। अगर चुनाव जीत जाती तो शहरवासियों की सेवा करने का मौका मिलता।


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