Saturday, 5 May 2018

Exchange Of Gunfire Between Police And A Homicide Suspect In Terre Haute - अमेरिका में बीच सड़क पर एनकाउंटर, मासूमों की जान का प्यासा 'खल्लास'

Exchange Of Gunfire Between Police And A Homicide Suspect In Terre
Haute - अमेरिका में बीच सड़क पर एनकाउंटर, मासूमों की जान का प्यासा 'खल्लास'
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ये कोई फिल्मी शूटिंग नहीं है बल्कि असल मुठभेड़ की दिल दहला देने वाली तस्वीर है। अमेरिका के टेरे हॉट शहर में पुलिस उस हालत को काबू करने की कोशिश में है जब एक खूंखार सैकड़ों की जान पर खतरा बन गया। 

एक नर हत्यारे के मंसूबों पर पानी फेरने की खातिर पुलिस अधिकारियों की एक बटालियन मुठभेड़ में लगी हुई है। आमने-सामने की इस गोलीबारी में एक पुलिस अधिकारी को अपनी जान भी गंवानी पड़ी। 

कई घंटों तक चली ये मुठभेड़ तभी खत्म हुई जब नर हत्यारा मारा गया। इस मुठभेड़ में पुलिस बीच सड़क पर डटी रही तो खतरनाक इरादे लिए नर हत्यारा एक अपार्टमेंट से गोलीबारी कर रहा था। 

पुलिस को इस बात की भी चिंता थी कि इस मुठभेड़ में आम नागरिकों को कोई नुकसान ना हो जबकि दरिंदे को किसी की परवाह नहीं थी। उसका उद्देश्य ही लोगों को नुकसान पहुंचाने का था और वो निर्दोष लोगों की जान लेने पर आमादा था। 



ये कोई फिल्मी शूटिंग नहीं है बल्कि असल मुठभेड़ की दिल दहला देने वाली तस्वीर है। अमेरिका के टेरे हॉट शहर में पुलिस उस हालत को काबू करने की कोशिश में है जब एक खूंखार सैकड़ों की जान पर खतरा बन गया। 


एक नर हत्यारे के मंसूबों पर पानी फेरने की खातिर पुलिस अधिकारियों की एक बटालियन मुठभेड़ में लगी हुई है। आमने-सामने की इस गोलीबारी में एक पुलिस अधिकारी को अपनी जान भी गंवानी पड़ी। 

कई घंटों तक चली ये मुठभेड़ तभी खत्म हुई जब नर हत्यारा मारा गया। इस मुठभेड़ में पुलिस बीच सड़क पर डटी रही तो खतरनाक इरादे लिए नर हत्यारा एक अपार्टमेंट से गोलीबारी कर रहा था। 

पुलिस को इस बात की भी चिंता थी कि इस मुठभेड़ में आम नागरिकों को कोई नुकसान ना हो जबकि दरिंदे को किसी की परवाह नहीं थी। उसका उद्देश्य ही लोगों को नुकसान पहुंचाने का था और वो निर्दोष लोगों की जान लेने पर आमादा था। 





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Friday, 4 May 2018

Three More Meet Between Pm Modi And Jinping, America Applause - Pm मोदी और जिनपिंग के बीच हो सकती हैं तीन और मुलाकातें, अमेरिका ने की तारीफ

Three More Meet Between Pm Modi And Jinping, America Applause - Pm मोदी
और जिनपिंग के बीच हो सकती हैं तीन और मुलाकातें, अमेरिका ने की तारीफ
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 07:09 PM IST



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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस साल कम से कम तीन और मुलाकातें हो सकती हैं। भारत में चीनी राजदूत लुओ झाओहुई ने शुक्रवार को यह बात कही। हाल ही में दोनों नेताओं के बीच वुहान में अनौपचारिक वार्ता हुई थी। 

वुहान समिट : सिनो-इंडिया रिलेशंस एंड इट्स वे फारवर्ड पर आयोजित सेमिनार में लुओ ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पिछले दिनों हुई दो दिवसीय समिट के दौरान वैश्विक और द्विपक्षीय दीर्घकालिक और रणनीतिक संबंधों को लेकर व्यापक सहमति बनी। वुहान में दोनों नेताओं की बातचीत से पुनर्विश्वास बहाली और संबंधों में सुधार को नई गति मिली जिसे दोकलाम में तनाव के चलते झटका लगा था। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शी का बीजिंग से बाहर दो बार मोदी का स्वागत किया जाना भारत के साथ संबंधों को दी जानी वाली अहमियत को दिखाता है। इससे पहले शी ने किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के लिए ऐसा नहीं किया। दोनों नेताओं के पास इस साल तीन से अधिक अवसरों पर मुलाकात के मौके होंगे।

चीनी राजदूत ने बताया कि दोनों नेता जून में चीन में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ), दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन, अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जी20 सम्मेलन में मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधित अधिकारी इन मुलाकातों को लेकर काम कर रहे हैं।  
 


चीन में पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात को लेकर अमेरिका ने सराहना की है। व्हाइट हाउस ने भी मोदी-जिनपिंग के बीच चीन के वुहान शहर में हुई बैठक को समर्थन देते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि दुनिया के नेता आपस में मिल रहे हैं। 

चीन में इस दो दिनी अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और शी जिनपिंग सैन्य व सुरक्षा मामलों में संचार व्यवस्था को सुधारने पर सहमत हुए थे। शिखर सम्मेलन के बारे में पूछे जाने पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के दोनों देशों के साथ अच्छे रिश्ते हैं ओर हम इसे इसी तरह आगे भी जारी रखना चाहते हैं। मेरा मानना है कि विश्व नेताओं के एक साथ आने से चीजें हमेशा ठीक हों। हम यदि सहयोग कर सकते हैं तो निश्चित तौर पर यह अच्छी बात होगी। 



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस साल कम से कम तीन और मुलाकातें हो सकती हैं। भारत में चीनी राजदूत लुओ झाओहुई ने शुक्रवार को यह बात कही। हाल ही में दोनों नेताओं के बीच वुहान में अनौपचारिक वार्ता हुई थी। 


वुहान समिट : सिनो-इंडिया रिलेशंस एंड इट्स वे फारवर्ड पर आयोजित सेमिनार में लुओ ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पिछले दिनों हुई दो दिवसीय समिट के दौरान वैश्विक और द्विपक्षीय दीर्घकालिक और रणनीतिक संबंधों को लेकर व्यापक सहमति बनी। वुहान में दोनों नेताओं की बातचीत से पुनर्विश्वास बहाली और संबंधों में सुधार को नई गति मिली जिसे दोकलाम में तनाव के चलते झटका लगा था। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शी का बीजिंग से बाहर दो बार मोदी का स्वागत किया जाना भारत के साथ संबंधों को दी जानी वाली अहमियत को दिखाता है। इससे पहले शी ने किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के लिए ऐसा नहीं किया। दोनों नेताओं के पास इस साल तीन से अधिक अवसरों पर मुलाकात के मौके होंगे।

चीनी राजदूत ने बताया कि दोनों नेता जून में चीन में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ), दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन, अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जी20 सम्मेलन में मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधित अधिकारी इन मुलाकातों को लेकर काम कर रहे हैं।  
 






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व्हाइट हाउस ने की मोदी और शी बैठक की सराहना







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Flipkart Approves $15 Billion For Walmart Deal - Walmart की हुई Flipkart, 15 अरब डॉलर में बेची 75 फीसदी हिस्सेदारी

Flipkart Approves $15 Billion For Walmart Deal - Walmart की हुई
Flipkart, 15 अरब डॉलर में बेची 75 फीसदी हिस्सेदारी
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली, Updated Fri, 04 May 2018 05:43 PM IST


फ्लिपकार्ट ने वालमार्ट के साथ 15 अरब डॉलर की डील को अपनी मंजूरी दे दी है। इससे वालमार्ट को फ्लिपकार्ट के 75 फीसदी हिस्सेदारी मिल जाएगी। डील के तहत कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 20 अरब डॉलर तय किया गया है।




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Thursday, 3 May 2018

National Pension System Subscribers Can Withdraw Money For Business And Studies - खुशखबरी: नेशनल पेंशन सिस्टम में से निकाल सकेंगे बीच में पैसा

National Pension System Subscribers Can Withdraw Money For Business And
Studies - खुशखबरी: नेशनल पेंशन सिस्टम में से निकाल सकेंगे बीच में पैसा
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नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में अपने पैसे का निवेश करने वालों के लिए एक खुशखबरी है। पेंशन फंड की रेगुलेटरी संस्था पीएफआरडीए ने एनपीएस उपभोक्ताओं को उच्च शिक्षा लेने या नया बिजनेस चालू करने के लिए अपने निवेश में से कुछ हिस्सा निकालने के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। ये निर्णय पिछले सप्ताह पेंशन फंड और रेगुलेटरी डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) की बोर्ड बैठक में लिया गया है।
 
बता दें कि एनपीएस सरकार का मुख्य सोशल सिक्योरिटी प्रोग्राम है। इसका लाभ पीएफआरडीए से जुड़े 2.13 करोड़ उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनका करीब 2.38 लाख करोड़ रुपया इन योजनाओं के जरिए मार्केट में निवेश किया गया है।

एनपीएस और अटल पेंशन योजना का संचालन करने वाली पीएफआरडीए ने बृहस्पतिवार को एक बयान जारी कर कहा, नए स्किल सीखने के इच्छुक एनपीएस उपभोक्ताओं को अब उच्च शिक्षा लेने, प्रोफेशनल या तकनीकी क्वाफिकेशन हासिल करने के लिए अपने निवेश में से कुछ हिस्सा निकालने की छूट मिलेगी। इससे पहले नया बिजनेस शुरू करने या नया बिजनेस अधिग्रहित करने के इच्छुक एनपीएस उपभोक्ताओं को ही अपने निवेश में से कुछ हिस्सा निकालने की छूट मिलती थी। 

ये भी हुए फैसले
- निजी क्षेत्र के एनपीएस उपभोक्ता अब ‘सक्रिय विकल्प’ वर्ग में अपने निवेश का 75 प्रतिशत इक्विटी क्षेत्र में कर सकते हैं, पहले ये 50 प्रतिशत था
- 50 साल की उम्र तक ही मिलेगा इक्विटी में अपना निवेश बढ़ाने का उपभोक्ताओं को मौका
- कॉरपोरेट बांड में निवेश की रेटिंग को ‘एए’ से बदलकर ‘ए’ किया गया, पेंशन फंड के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होगा ए-रेटिंग बांड में निवेश



नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में अपने पैसे का निवेश करने वालों के लिए एक खुशखबरी है। पेंशन फंड की रेगुलेटरी संस्था पीएफआरडीए ने एनपीएस उपभोक्ताओं को उच्च शिक्षा लेने या नया बिजनेस चालू करने के लिए अपने निवेश में से कुछ हिस्सा निकालने के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। ये निर्णय पिछले सप्ताह पेंशन फंड और रेगुलेटरी डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) की बोर्ड बैठक में लिया गया है।


 
बता दें कि एनपीएस सरकार का मुख्य सोशल सिक्योरिटी प्रोग्राम है। इसका लाभ पीएफआरडीए से जुड़े 2.13 करोड़ उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनका करीब 2.38 लाख करोड़ रुपया इन योजनाओं के जरिए मार्केट में निवेश किया गया है।

एनपीएस और अटल पेंशन योजना का संचालन करने वाली पीएफआरडीए ने बृहस्पतिवार को एक बयान जारी कर कहा, नए स्किल सीखने के इच्छुक एनपीएस उपभोक्ताओं को अब उच्च शिक्षा लेने, प्रोफेशनल या तकनीकी क्वाफिकेशन हासिल करने के लिए अपने निवेश में से कुछ हिस्सा निकालने की छूट मिलेगी। इससे पहले नया बिजनेस शुरू करने या नया बिजनेस अधिग्रहित करने के इच्छुक एनपीएस उपभोक्ताओं को ही अपने निवेश में से कुछ हिस्सा निकालने की छूट मिलती थी। 

ये भी हुए फैसले
- निजी क्षेत्र के एनपीएस उपभोक्ता अब ‘सक्रिय विकल्प’ वर्ग में अपने निवेश का 75 प्रतिशत इक्विटी क्षेत्र में कर सकते हैं, पहले ये 50 प्रतिशत था
- 50 साल की उम्र तक ही मिलेगा इक्विटी में अपना निवेश बढ़ाने का उपभोक्ताओं को मौका
- कॉरपोरेट बांड में निवेश की रेटिंग को ‘एए’ से बदलकर ‘ए’ किया गया, पेंशन फंड के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होगा ए-रेटिंग बांड में निवेश





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छत्तीसगढ़ बोर्ड 2018: सात से दस मई के बीच आ सकता है रिजल्‍ट

छत्तीसगढ़ बोर्ड 2018: सात से दस मई के बीच आ सकता है रिजल्‍ट
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छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ सेकेण्डरी एजुकेशन (सीजीबीएसई) द्वारा आयोजित क्‍लास 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम मई के दूसरे सप्ताह में घोषित किए जा सकते हैं. 





छत्तीसगढ़ बोर्ड 2018: सात से दस मई के बीच आ सकता है रिजल्‍ट

फाइल फोटो


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फिर खिचेंगी किम जोंग-डोनाल्ड ट्रंप के बीच तलवारें! उत्तर कोरिया में 3 अमेरिकी हिरासत में

फिर खिचेंगी किम जोंग-डोनाल्ड ट्रंप के बीच तलवारें! उत्तर कोरिया में 3 अमेरिकी हिरासत
में
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वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (3 मई) को संकेत दिया कि उत्तर कोरिया में तीन अमेरिकियों के हिरासत में लिये जाने की सूचना मिली है. इससे पहले सूत्रों ने अमेरिकियों को एक स्थान से दूसरी जगह ले जाये जाने की जानकारी दी थी. यह खबर ऐसे समय में आई है जब ट्रंप उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन से मिलने की तैयारी कर रहे हैं. ट्रंप ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘पिछला प्रशासन लंबे समय से उत्तरी कोरियाई श्रम शिविर से तीन बंधकों की रिहाई की मांग कर रहा था.’’



रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका, उत्तर कोरिया से किम हाक सोंग, किम सांग - डूक और किम डोंग - चूल की रिहाई की मांग कर रहा है और दोनों पक्ष उनकी रिहाई से संबंधित समझौता करने के करीब हैं. दक्षिण कोरिया कार्यकर्ता चोई सूंग - रयोंग ने ‘एएफपी’ से कहा था, ‘‘वे उत्तर कोरिया की बाहरी सीमा पर एक होटल में रह रहे हैं.’’


उत्तर कोरिया के साथ खराब समझौता विकल्प नहीं: पोम्पियो
वहीं दूसरी ओर अमेरिका के नवनिर्वाचित विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने बुधवार (2 मई) को चेताते हुए कहा कि उत्तर कोरिया के साथ खराब समझौता कोई विकल्प नहीं है. उन्होंने वादा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन पूर्व में की गई गलतियां नहीं दोहराएगा.


पोम्पियो ने कहा कि हमने हमारे समक्ष पेश चुनौतियों के बारे में सच बोलकर और उनका सामना कर बेहतरीन काम किया है लेकिन मजबूत देशों के साथ साझेदारी करना अमेरिका और विश्व को अधिक समृद्ध और सुरक्षित बनाएगा. उन्होंने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु निरस्त्रीकरण बनाने के लक्ष्यों को हासिल करने के अमेरिकी प्रयास अभी शुरुआती चरण में ही है और अभी यह सप्ष्ट नहीं है कि ये प्रयास फलदायक ही होंगे.


उत्तर कोरिया का परमाणु परीक्षण स्थल पूरी तरह क्रियाशील : रिपोर्ट
उत्तर कोरिया का परमाणु परीक्षण स्थल इस समय पूरी तरह क्रियाशील है. उत्तर कोरिया ने हालांकि पिछले महीने घोषणा की थी कि वह परीक्षण स्थल को बंद करने जा रहा है. एक खास वेबसाइट पर यह खबर मंगलवार (1 मई) को आई. समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने पुंग्ये-री परमाणु परीक्षण स्थल को अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों व पत्रकारों की मौजूदगी में स्थायी रूप से बंद करने का प्रस्ताव दिया था. 


यह प्रस्ताव उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन व दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के बीच 27 अप्रैल को हुए ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों कोरिया द्वारा प्रायद्वीप को पूर्ण रूप से परमाणु मुक्त किए जाने पर हुई सहमति के बाद दिया गया था. परमाणु परीक्षण स्थल के बारे में नए रडार डाटा के विश्लेषण के बाद वेबसाइट 38 नॉर्थ पर खबर आई कि दक्षिण व पश्चिम प्रवेशद्वार से दो पहाड़ी इलाके में अभी भी पहुंच बनी हुई है और यह भविष्य के भूमिगत परमाणु परीक्षण में सहयोग कर सकते हैं.


रिपोर्ट में यह भी पुष्टि की गई है कि परमाणु परीक्षण स्थल की दो मध्य सुरंगें अच्छी हालत में हैं. इसके विपरीत विशेषज्ञों की पहले की रिपोर्ट में कहा गया था कि उत्तर कोरिया द्वारा सितंबर में किए गए छठे व सबसे ज्यादा शक्तिशाली भूमिगत परमाणु परीक्षण में दोनों सुरंगें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाएंगी.




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Wednesday, 2 May 2018

India-china Army Will Prepare For Hotline, Stress Will Be Removed On Loc - भारत-चीन सेना के बीच हॉटलाइन की तैयारी, Loc पर तनाव होगा दूर

India-china Army Will Prepare For Hotline, Stress Will Be Removed On
Loc - भारत-चीन सेना के बीच हॉटलाइन की तैयारी, Loc पर तनाव होगा दूर
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भारत और चीन की सेनाएं पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वुहान में अनौपचारिक बैठक के बाद अपने मुख्यालयों के बीच हॉटलाइन स्थापित करने के लंबित पड़े प्रस्ताव पर कथित रूप से सहमत हो गई हैं। चीन के आधिकारिक मीडिया ने आज यह जानकारी दी। पिछले साल 73 दिनों तक जारी दोकलम गतिरोध के बाद पहली बार दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने को लेकर इस तरह की पहल की जा रही है।

मोदी-शी वार्ता के बाद भारत-चीन सेना के बीच हॉटलाइन की तैयारी

मोदी ने भारत-चीन रिश्तों को ‘मजबूत’ करने के लिए पिछले सप्ताह शी जिनपिंग के साथ दो दिनी शिखर वार्ता ‘दिल से दिल तक’ की थी। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, ‘दोनों देशों के नेता सैन्य मुख्यालयों के बीच हॉटलाइन संपर्क पर सहमत हुए। इसे दोनों देशों के बीच भरोसा पैदा करने और सूचना साझा करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे भारत व चीन मुख्यालयों को 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सीमा गश्ती दलों के बीच तनाव और दोकलम जैसे गतिरोध से बचने के लिए संवाद बढ़ाने में मदद मिलेगी। 

सीमा गश्ती दलों के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी एलएसी पर तनाव दूर करने में मिलेगी मदद

बता दें कि पिछले साल भारतीय सेना द्वारा विवादित दोकलम क्षेत्र में चीनी सेना को सड़क निर्माण से रोकने के बाद दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ चुकी हैं। हॉटलाइन पर लंबे समय से वार्ता चल रही है लेकिन मुख्यालयों में किस स्तर की हॉटलाइन स्थापित की जाए, इसे लेकर योजना आगे नहीं बढ़ पाई। भारत-पाक के डायरेक्टर जनरल्स ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) के बीच हॉटलाइन सुविधाएं हैं लेकिन चीन के मामले में ऐसी किसी भी सुविधा के लिए चीनी सेना को एक नामित अधिकारी की पहचान करनी होगी।


चीनी सेना विशेषज्ञों के मुताबिक हॉटलाइट से दोनों सेनाओं के बीच भरोसा पैदा होगा। अखबार ने विशेषज्ञों के हवाले से कहा कि भारत-चीन के बीच सैन्य भरोसा द्विपक्षीय रिश्तों के लिए अहम है और यह दोनों पक्षों से धैर्य व ईमानदारी की मांग करता है। शंघाई इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के निदेशक झाओ गनचेंग ने कहा, ‘दोनों देशों के बीच तनाव दूर करने के लिए वुहान अनौपचारिक शिखर वार्ता एक अच्छी शुरुआत है जो भविष्य के संवाद और विश्वास बहाली का आधार है। इस बीच शी ने भी चीनी सेना और उसकी कमान के ढांचे में कई बड़े बदलाव किए हैं।

एलएसी पर शांति बनाए रखने का संकल्प

दोनों सेनाओं के बीच वार्षिक अभ्यास बहाल होने की संभावना है। पिछले साल दोकलम गतिरोध के कारण यह अभ्यास नहीं हुआ था। भारत-चीन की सेनाओं ने चुसुल में कल एक बैठक कर एलएसी पर शांति बनाए रखने का संकल्प लिया। शी और मोदी के बीच पिछले सप्ताह अनौपचारिक शिखर वार्ता के बाद यह इस तरह की पहली बैठक थी। इस बॉर्डर पर्सनल मीटिंग (बीपीएम) के दौरान सीमा प्रबंधन के मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें तालमेल करके सीमा पर गश्त लगाने की योजना रखी गई यानी गश्ती दल भेजने के पहले दोनों पक्ष एक-दूसरे को अग्रिम सूचना देंगे। 



भारत और चीन की सेनाएं पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वुहान में अनौपचारिक बैठक के बाद अपने मुख्यालयों के बीच हॉटलाइन स्थापित करने के लंबित पड़े प्रस्ताव पर कथित रूप से सहमत हो गई हैं। चीन के आधिकारिक मीडिया ने आज यह जानकारी दी। पिछले साल 73 दिनों तक जारी दोकलम गतिरोध के बाद पहली बार दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने को लेकर इस तरह की पहल की जा रही है।


मोदी-शी वार्ता के बाद भारत-चीन सेना के बीच हॉटलाइन की तैयारी

मोदी ने भारत-चीन रिश्तों को ‘मजबूत’ करने के लिए पिछले सप्ताह शी जिनपिंग के साथ दो दिनी शिखर वार्ता ‘दिल से दिल तक’ की थी। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, ‘दोनों देशों के नेता सैन्य मुख्यालयों के बीच हॉटलाइन संपर्क पर सहमत हुए। इसे दोनों देशों के बीच भरोसा पैदा करने और सूचना साझा करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे भारत व चीन मुख्यालयों को 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सीमा गश्ती दलों के बीच तनाव और दोकलम जैसे गतिरोध से बचने के लिए संवाद बढ़ाने में मदद मिलेगी। 

सीमा गश्ती दलों के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी एलएसी पर तनाव दूर करने में मिलेगी मदद

बता दें कि पिछले साल भारतीय सेना द्वारा विवादित दोकलम क्षेत्र में चीनी सेना को सड़क निर्माण से रोकने के बाद दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ चुकी हैं। हॉटलाइन पर लंबे समय से वार्ता चल रही है लेकिन मुख्यालयों में किस स्तर की हॉटलाइन स्थापित की जाए, इसे लेकर योजना आगे नहीं बढ़ पाई। भारत-पाक के डायरेक्टर जनरल्स ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) के बीच हॉटलाइन सुविधाएं हैं लेकिन चीन के मामले में ऐसी किसी भी सुविधा के लिए चीनी सेना को एक नामित अधिकारी की पहचान करनी होगी।






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दोनों देशों के बीच भरोसा पैदा करेगी हॉटलाइन







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