Friday, 4 May 2018

कठुआ रेप पीड़िता की वकील की एमा वाटसन ने की तारीफ, कहा कुछ ऐसा

कठुआ रेप पीड़िता की वकील की एमा वाटसन ने की तारीफ, कहा कुछ ऐसा
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नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और हत्या की घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. पीड़िता के परिवार की ओर से इस केस को लड़ रही वकील दीपिका सिंह रजावत ने तमाम मुश्किलों के बाद भी पीड़िता के परिवार का साथ नहीं छोड़ा.


उनकी तारीफ इसलिए भी हुई क्योंकि वो परिवार के साथ उस वक्त खड़ी रहीं जब स्थानीय लोग तक आरोपियों का सर्मथन कर रहे थे. अब दीपिका सिंह रजावत को हॉलीवुड की सुपरस्टार एमा वाटसन का सपोर्ट मिला है. दीपिका सिंह रजावत की तस्वीर को शेयर करते हुए एमा वाटसन ने दीपिका को एक शक्तिशाली महिला बताया है.


 



एमा वाटसन के इस ट्वीट को लोग काफी लाइक और रीट्वीट भी कर रहे हैं. कुछ दिनों पहले भी दीपिका सिंह रजावत की यह तस्वीर काफी वायरल हुई थी और उनकी काफी तारीफ भी हुई थी . लोगों ने कहा था कि वो एक मजबूत महिला हैं. दरअसल यह तस्वीर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई खत्म होने के बाद ली गई थी.


इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया था. लोगों ने दीपिका की इस तस्वीर को काफी पसंद भी किया था और हर किसी ने उनके जज्बे को सलाम किया था.यहां तक खबरें आईं थीं कि दीपिका पर केस छोड़ने का काफी दबाब बनाया गया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और इस केस में जी जान से जुटी हुई हैं.


उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा था 'मेरा बलात्कार हो सकता, मर्डर भी किया जा सकता है और शायद प्रैक्टिस ही करने ना मिले. मुझे अलग-थलग कर दिया गया है. मुझे नहीं पता मैं कैसे रह पाऊंगी.'




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Three More Meet Between Pm Modi And Jinping, America Applause - Pm मोदी और जिनपिंग के बीच हो सकती हैं तीन और मुलाकातें, अमेरिका ने की तारीफ

Three More Meet Between Pm Modi And Jinping, America Applause - Pm मोदी
और जिनपिंग के बीच हो सकती हैं तीन और मुलाकातें, अमेरिका ने की तारीफ
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 07:09 PM IST



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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस साल कम से कम तीन और मुलाकातें हो सकती हैं। भारत में चीनी राजदूत लुओ झाओहुई ने शुक्रवार को यह बात कही। हाल ही में दोनों नेताओं के बीच वुहान में अनौपचारिक वार्ता हुई थी। 

वुहान समिट : सिनो-इंडिया रिलेशंस एंड इट्स वे फारवर्ड पर आयोजित सेमिनार में लुओ ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पिछले दिनों हुई दो दिवसीय समिट के दौरान वैश्विक और द्विपक्षीय दीर्घकालिक और रणनीतिक संबंधों को लेकर व्यापक सहमति बनी। वुहान में दोनों नेताओं की बातचीत से पुनर्विश्वास बहाली और संबंधों में सुधार को नई गति मिली जिसे दोकलाम में तनाव के चलते झटका लगा था। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शी का बीजिंग से बाहर दो बार मोदी का स्वागत किया जाना भारत के साथ संबंधों को दी जानी वाली अहमियत को दिखाता है। इससे पहले शी ने किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के लिए ऐसा नहीं किया। दोनों नेताओं के पास इस साल तीन से अधिक अवसरों पर मुलाकात के मौके होंगे।

चीनी राजदूत ने बताया कि दोनों नेता जून में चीन में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ), दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन, अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जी20 सम्मेलन में मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधित अधिकारी इन मुलाकातों को लेकर काम कर रहे हैं।  
 


चीन में पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात को लेकर अमेरिका ने सराहना की है। व्हाइट हाउस ने भी मोदी-जिनपिंग के बीच चीन के वुहान शहर में हुई बैठक को समर्थन देते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि दुनिया के नेता आपस में मिल रहे हैं। 

चीन में इस दो दिनी अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और शी जिनपिंग सैन्य व सुरक्षा मामलों में संचार व्यवस्था को सुधारने पर सहमत हुए थे। शिखर सम्मेलन के बारे में पूछे जाने पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के दोनों देशों के साथ अच्छे रिश्ते हैं ओर हम इसे इसी तरह आगे भी जारी रखना चाहते हैं। मेरा मानना है कि विश्व नेताओं के एक साथ आने से चीजें हमेशा ठीक हों। हम यदि सहयोग कर सकते हैं तो निश्चित तौर पर यह अच्छी बात होगी। 



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस साल कम से कम तीन और मुलाकातें हो सकती हैं। भारत में चीनी राजदूत लुओ झाओहुई ने शुक्रवार को यह बात कही। हाल ही में दोनों नेताओं के बीच वुहान में अनौपचारिक वार्ता हुई थी। 


वुहान समिट : सिनो-इंडिया रिलेशंस एंड इट्स वे फारवर्ड पर आयोजित सेमिनार में लुओ ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पिछले दिनों हुई दो दिवसीय समिट के दौरान वैश्विक और द्विपक्षीय दीर्घकालिक और रणनीतिक संबंधों को लेकर व्यापक सहमति बनी। वुहान में दोनों नेताओं की बातचीत से पुनर्विश्वास बहाली और संबंधों में सुधार को नई गति मिली जिसे दोकलाम में तनाव के चलते झटका लगा था। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शी का बीजिंग से बाहर दो बार मोदी का स्वागत किया जाना भारत के साथ संबंधों को दी जानी वाली अहमियत को दिखाता है। इससे पहले शी ने किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के लिए ऐसा नहीं किया। दोनों नेताओं के पास इस साल तीन से अधिक अवसरों पर मुलाकात के मौके होंगे।

चीनी राजदूत ने बताया कि दोनों नेता जून में चीन में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ), दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन, अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जी20 सम्मेलन में मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधित अधिकारी इन मुलाकातों को लेकर काम कर रहे हैं।  
 






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व्हाइट हाउस ने की मोदी और शी बैठक की सराहना







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Thursday, 3 May 2018

पाकिस्‍तानी जनरल बाजवा क्‍या भारत की तरफ बढ़ा रहे दोस्‍ती का हाथ?

पाकिस्‍तानी जनरल बाजवा क्‍या भारत की तरफ बढ़ा रहे दोस्‍ती का हाथ?
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अदालती फैसले के चलते नवाज शरीफ के सत्‍ता से बाहर होने के बाद पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा अचानक भारत को लेकर दिए अपने बयानों के कारण सुर्खियों में हैं. ऐसा इसलिए भी क्‍योंकि माना जाता रहा है कि नवाज शरीफ, भारत के साथ संबंध सुधारने के इच्‍छुक थे लेकिन अपनी सेना के कारण वह ऐसा नहीं कर सके. यह भी कहा जाता है कि भारत के साथ दोस्‍ती की चाह के कारण ही उनको सत्‍ता से बेदखल होना पड़ा. लेकिन अब स्‍थान की पूर्ति के लिए पाकिस्‍तान की सबसे ताकतवर शख्सियत के रूप में जनरल कमर जावेद बाजवा सामने आए हैं.


बाजवा सिद्धांत
जनरल बाजवा ने पिछले दिनों कहा कि भारत-पाक के बीच कश्‍मीर समेत सभी विवादों का हल विस्‍तृत रूप से सार्थक बातचीत से ही निकल सकता है. उन्‍होंने ये भी कहा है कि मोदी सरकार अपने सख्‍त रुख के कारण पाकिस्‍तान के साथ अभी बातचीत नहीं कर रही है लेकिन अपनी तेज गति से बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍था के कारण उसको अगले दो-तीन साल के भीतर पाकिस्‍तान के साथ बातचीत करने की दरकार होगी. इसके साथ ही यह भी उन्‍होंने हाल में कहा है कि पाकिस्‍तान को ऐसे शांतिप्रेमी देश के रूप में स्‍थापित करने का सपना देखते हैं जो दुनिया के साथ शांतिपूर्ण और सह-अस्तित्‍व की भावना के साथ रहना चाहता है. इन सारे बयानों को यदि एक साथ जोड़कर देखा जाए तो इसको पाकिस्‍तानी विदेश नीति के संदर्भ में बाजवा डॉक्ट्रिन(सिद्धांत) कहा जा रहा है. अब बड़ा सवाल उठता है कि आखिर जनरल बाजवा इस तरह के बयान क्‍यों दे रहे हैं?


बयान का मतलब
इसका जवाब लंदन के किंग्‍स कॉलेज में इंटरनेशनल रिलेशंस के प्रोफेसर हर्ष वी पंत ने दैनिक भास्‍कर में लिखे अपने लेख में देते हुए कहा है कि दरअसल जनरल बाजवा यह संकेत दे रहे हैं कि नवाज शरीफ के सीन से हटने के बाद अब पाकिस्‍तानी फौज का पूरी तरह से नियंत्रण है. यानी कि पाकिस्‍तान के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की बातचीत में सेना की भूमिका को नजरअंदाज करना असंभव है. हालांकि वह यह भी कहते हैं कि पाकिस्‍तान में इसी जुलाई-अगस्‍त में आम चुनाव होने वाले हैं और अगले एक साल के भीतर भारत में चुनाव होने वाले हैं. लिहाजा दोनों देशों के बीच रिश्‍तों में जमी बर्फ फिलहाल पिघलने वाली नहीं है.


‘ट्रैक 2’ की कूटनीति प्रक्रिया बहाल
हालांकि पाकिस्तानी संगठनों द्वारा भारत में बड़ी संख्या में आतंकी हमलों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में आए ठहराव के बीच भारतीय विशेषज्ञों के एक समूह ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा करने और 'ट्रैक 2' की कूटनीति प्रक्रिया को बहाल करने के लिए पाकिस्तान का दौरा किया. कूटनीतिक सूत्रों के मुताबिक मूल ट्रैक 2 पहल ‘नीमराणा संवाद’ को इस दौरे के साथ नई शुरुआत मिली. भारतीय पक्ष की अगुवाई पूर्व विदेश सचिव विवेक काटजू एवं अन्य विशेषज्ञों ने की, जबकि पाकिस्तानी पक्ष में पूर्व मंत्री जावेद जब्बार एवं अन्य शामिल थे. सूत्रों ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच इस्लामाबाद में 28 से 30 अप्रैल के बीच संवाद हुआ.


एक सूत्र के मुताबिक, ''दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा की और इस बात पर सहमति जताई कि दोनों देशों के बीच सभी मुद्दे बातचीत के जरिये सुलझाये जाने चाहिए.'' सूत्रों ने बैठक में चर्चा के विषयों के बारे में और जानकारी देते हुए बताया कि दोनों पक्षों ने कश्मीर, सियाचिन, सर क्रीक, आतंकवाद, नियंत्रण रेखा पर तनाव तथा अफगानिस्तान सहित क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की.


सूत्रों ने कहा कि दोनों पक्ष अपने प्रस्ताव विचार के लिए अपनी सरकारों को सौंपेंगे. पाकिस्तानी पक्ष में शामिल विशेषज्ञों में स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के पूर्व गवर्नर इशरत हुसैन भी थे जिनका नाम जुलाई में संभावित आम चुनाव के दौरान पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री के उम्मीदवारों के तौर पर मीडिया में चल रहा है. ट्रैक 2 की वार्ता को पूरी तरह गुप्त रखा गया और आयोजकों ने इस बारे में आधिकारिक रूप से कुछ भी साझा नहीं किया. 1990 के दशक की शुरुआत में नीमराणा संवाद की शुरुआत हुई थी.


साल 2016 में पाकिस्तान के संगठनों द्वारा किये गये आतंकी हमलों और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारत के लक्षित हमलों के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव पैदा हो गया था. दोनों पक्ष अक्सर एक दूसरे पर नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम उल्लंघन का आरोप लगाते हैं. हाल ही में भारत ने कहा था कि वह शंघाई सहयोग संगठन की रूपरेखा के तहत रूस में कई देशों के आतंकवाद निरोधक अभ्यास में पाकिस्तान के साथ भाग लेगा.




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Wednesday, 2 May 2018

प्रधानमंत्री की तारीफ का मतलब गठबंधन नहीं, कर्नाटक चुनाव में भाजपा से हाथ नहीं मिलाएंगे: देवगौड़ा

प्रधानमंत्री की तारीफ का मतलब गठबंधन नहीं, कर्नाटक चुनाव में भाजपा से हाथ नहीं
मिलाएंगे: देवगौड़ा
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बेंगलुरु. जनता दल सेकुलर (जेडीएस) प्रमुख एचडी देवेगौड़ा ने बुधवार को कहा कि आगामी कर्नाटक चुनाव में भाजपा से गठबंधन की संभावना नहीं है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को चुनावी रैली के दौरान देवगौड़ा की तारीफ की थी। इस पर मीडिया ने जेडीएस प्रमुख से गठबंधन की संभावनाओं पर सवाल पूछा। उन्होंने जवाब दिया कि प्रधानमंत्री की तारीफ का मतलब गठबंधन नहीं है। बता दें, मोदी ने उडुपी में कहा था कि प्रधानमंत्री के तौर पर देवगौड़ा जी हमेशा ही सम्मान के हकदार हैं और मैंने उनका सम्मान किया।


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