मतलबी लोग शायरी दूरियां तभी से हो गयी जब से वो मतलबी हो गए ———————————– मतलबी इस दुनिया से...
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मतलबी लोग शायरी दूरियां तभी से हो गयी जब से वो मतलबी हो गए ———————————– मतलबी इस दुनिया से...
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एक बार एक नगर में एक चौर चोरी करने में इतना माहिर हो गया की कोई कभी उसे पकड़ ही नहीं पाता था| चौर रोज नगर में कई घरों के ताले तौड़ देता और घरों से कीमती माल, सोना-चांदी और नगदी ले जाता| रोज-रोज नगर में हो रही चौरीयों से नगर वासी परेशान थे|आखिरकार एक दिन इन चौरीयों से तंग आकर नगर वासियों ने राजा के पास जाने का फैसला किया| अगले दिन नगर वासी एकत्रित होकर राजा के पास राजा के महल में पहुंचे और नगर में प्रतिदिन हो रही चोरियों के निवारण के लिए उचित प्रबंधन करने की विनती की| स्टोरी इन हिंदी
राजा ने प्रजा की समस्या सुनकर नगर कोतवाल को चौर को पकड़ने के लिए तलब किया| राजा ने नगर कोतवाल को सात दिन के भीतर चौर को पकड़ने का आदेश दिया|राजा का आदेश पाकर नगर कोतवाल ने चौर को पकड़ने में अपनी पूरी जान लगा दी और आख़िरकार सातवे दिन चौर पकड़ा गया| चौर को राजा के समक्ष प्रस्तुत किया गया| सभी दलीलें सुनने के बाद राजा ने चौर को फासी की सजा सुना दी| फासी के लिए चौर को नगर के बिच से फासी स्थल की और ले जाया गया| चौर को देखने के लिए मार्ग पर भारी भीड़ जमा थी| उसी भीड़ में एक मल्लिका नाम की वेश्या भी थी| चौर अत्यन्तं रूपवान और हष्ट-पुष्ट था| चौर के बलवान शरीर को देखकर वेश्या उस पर मोहित हो गई और कोतवाल से चौर को 100 स्वर्ण मुद्राओं के बदले छोड़ने का आग्रह किया| कोतवाल लालची था, वह वेश्या के लालच में फस गया और बोला, “मुझे तुम्हारी शर्त मंज़ूर है लेकिन चौर के बदले में तुम्हें मुझे कोई दूसरा व्यक्ति फासी के लिए भेजना होगा| वेश्या ने चौर की शर्त मंज़ूर कर ली|
छल – स्टोरी इन हिंदी
वेश्या पर उसी नगर के एक सेठ का पुत्र मोहित था| वह नित्य ही वेश्या के पास आता-जाता रहता था| अगले दिन मल्लिका ने नगर सेठ के पुत्र के आने पर उससे कहा, “यह चौर मेरा निकट सम्बन्धी है| नगर कोतवाल ने उसे छोड़ने के बदले में 100 स्वर्ण मुद्राएँ मांगी है| अतः तुम नगर कोतवाल को यह 100 स्वर्ण मुद्राएँ देकर आ जाओ| मल्लिका के प्रेम में पागल नगर सेठ का पुत्र कोतवाल के पास पहुंच गया| कोतवाल ने उसे मल्लिका द्वारा फासी के लिए भेजा गया आदमी समझकर नगर सेठ के पुत्र को ही फासी पर चढ़ा दिया और चौर को छोड़ दिया|
मल्लिका ख़ुशी-ख़ुशी चौर के साथ रहने लगी| कुछ दिनों बाद चौर का मन मल्लिका से उब गया और उसने सोचा, कि “अगर मेरे जैसे अनजान व्यक्ति के लिए यह अपने प्रेमी को मरवा सकती है तो फिर किसी और के लिए यह मेरी बलि भी दे सकती है|”
बस चौर के इतने सोचने भर की देर थी और चौर मल्लिका का सारा धन लूटकर अगले ही दिन फरार हो गया|
इसीलिए दोस्त कहा गया है, “छल का फल छल के रूप में ही सामने आता है, इसीलिए कभी भी किसी के साथ विश्वासघात नहीं करना चाहिए|”
छल – स्टोरी इन हिंदी
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कैलिफोर्निया में वांडेनबर्ग एयरफोर्स बेस से स्पेस लॉन्च
अंतरिक्ष यान कैलिफोर्निया के वांडेनबर्ग वायुसेना अड्डे से पैसिफिक समयानुसार सुबह 4.05 बजे एटलस वी. रॉकेट से लॉन्च किया गया। नासा के सुरक्षा अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि लॉन्च किए जाने से पहले धुंध ही एकमात्र चिंता की बात थी, जिसके खत्म होने के बाद लॉन्चिंग प्रक्रिया शुरू की गई। नासा के एक सुरक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, ‘इस मिशन के तहत मंगल की सतह के नीचे क्रस्ट, मैटल और कोर का पता लगाने के लिए उत्साहित हूं।’
कॉम्प्लेक्स 3 से छोड़ा जाएगा इनसाइट मार्स लैंडर
इनसाइट मंगल के गहरे आंतरिक संरचना का अध्ययन करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि पृथ्वी और इसके उपग्रह चंद्रमा समेत सभी चट्टानी खगोलीय पिंडों के निर्माण के बारे में पूर्ण जानकारी दे सके। इसके साथ ही यह भी जांच करना संभव होगा कि ग्रह के आंतरिक भाग से कितनी गर्मी प्रवाह हो रही है।
अंतरिक्ष यान कैलिफोर्निया के वांडेनबर्ग वायुसेना अड्डे से पैसिफिक समयानुसार सुबह 4.05 बजे एटलस वी. रॉकेट से लॉन्च किया गया। नासा के सुरक्षा अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि लॉन्च किए जाने से पहले धुंध ही एकमात्र चिंता की बात थी, जिसके खत्म होने के बाद लॉन्चिंग प्रक्रिया शुरू की गई। नासा के एक सुरक्षा अधिकारी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, ‘इस मिशन के तहत मंगल की सतह के नीचे क्रस्ट, मैटल और कोर का पता लगाने के लिए उत्साहित हूं।’
कॉम्प्लेक्स 3 से छोड़ा जाएगा इनसाइट मार्स लैंडर
इनसाइट मंगल के गहरे आंतरिक संरचना का अध्ययन करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि पृथ्वी और इसके उपग्रह चंद्रमा समेत सभी चट्टानी खगोलीय पिंडों के निर्माण के बारे में पूर्ण जानकारी दे सके। इसके साथ ही यह भी जांच करना संभव होगा कि ग्रह के आंतरिक भाग से कितनी गर्मी प्रवाह हो रही है।
- मंगल पर होने वाले भूकंपों का पता लगाने के लिए उपकरण में लगाया गया एक सिस्मोमीटर
- इनसाइट मार्स लैंडर का वजन 630 किलो है।
- 99.3 करोड़ डॉलर की लागत से तैयार हुई परियोजना।
- 26 नवम्बर तक सही तरीके से करने लग जाएगा काम।
- अरबों वर्ष पहले धरती की तरह पथरीले ग्रह बनने के कारणों का चल सकेगा पता।

रविंद्र कुमार, बंगलुरू: कर्नाटक विधानसभा चुनाव का समर अपने चरम पर है. राजनीतिक दलों के चर्चित चेहरे एक दिन में कई-कई रैलियों में शिरकत करते नजर आ रहे हैं. कर्नाटक के चुनावी खुमार के बीच ही बेंगलुरू में जी मीडिया ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री और बीजेपी कर्नाटक प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर के साथ खास बातचीत की. बातचीत के दौरान जावड़ेकर ने एक बार फिर दावा किया कि कर्नाटक से कांग्रेस जा रही है और बीजेपी आ रही है. इसके साथ ही उन्होंने कई अन्य मुद्दों पर भी जी मीडिया से बातचीत की. पढ़ें इंटरव्यू में पूछे गए सवाल और उनके जवाब...
सवाल- क्या कांग्रेस मुक्त हो पाएगा कर्नाटक?
जावड़ेकर- बिलकुल, कर्नाटक से कांग्रेस जा रही है बीजेपी आ रही है. हम पूर्ण बहुमत और अप्रत्याशित जीत की तरफ जा रहे हैं. हमें कोई आशंका नहीं है. मोदी जी के आने के बाद कांग्रेस ने हर चुनाव में अपना राज्य खोया है. कर्नाटक के आसपास ही पहले तेलंगाना, फिर आंध्रा, फिर केरल खोया, महाराष्ट्र खोया. चारों आसपास के राज्य खोए, अब कर्नाटक भी जा रहा है. इसी तरह नॉर्थ ईस्ट में भी अपने राज्य खोए. जम्मू कश्मीर, हरियाणा, हिमाचल और उतराखंड, झारखंड जहां भी कांग्रेस सत्ता में थी, हारी है.
कांग्रेस मुक्त भारत का मतलब मोदी जी ने अच्छा समझाया. हम कांग्रेस का जो corruption का कल्चर है उससे मुक्त करना चाहते हैं. कांग्रेस ने राजनीति में जो गंदगी फैलाई, उससे मुक्त करना चाहते हैं. कुशासन से मुक्त करना चाहते हैं. ये एक तरह से कल्चर की लड़ाई है. भारत की जो तरक्की नहीं हुई, हम उसके लिए लड़ रहे हैं.
सवाल- राहुल गांधी कह रहे हैं कर्नाटक से भाजपा का हार का सिलसिला शुरू होगा और ये राजस्थान एमपी होते हुए 2019 तक जाएगा. यानी कहीं न कही उनकी भी तैयारी है कर्नाटक के द्वारा 2019 जीतने की?
जावड़ेकर- ये तैयारी है या दिन में देखा हुआ सपना है, ये 15 तारीख को पता चल जाएगा. सच्चाई ये है कि लोकतंत्र में दिन में सपने देखने की मनाही नहीं है.
सवाल- आपने करप्शन की बात की, corruption मुक्त भारत बनाने की बात कही, कांग्रेस इसकी जननी है ऐसा आप कह रहे हैं लेकिन येदियुरप्पा जो आपके CM उम्मीदवार हैं. 2012-13 में उनको इसी आधार पर निकाला गया था भाजपा से. क्या आपकी नजर में आज वो पाक साफ हो गए?
जावड़ेकर- क्योंकि कोर्ट ने उनको बरी किया और आज उन पर कोई आरोप नहीं है, सभी आरोप गलत साबित हुआ. वो अपनी अलग पार्टी बनाए, 13 में तो हम सत्ता में बने रहते, अगर पार्टी तीन फाड़ में न होती. क्योंकि हमने सुशासन दिया था अच्छा काम किया था. इस बार सब एकजुट है, एक पार्टी है और यहां पूरा माहौल बन गया है. और येदियुरप्पा जी के प्रति लोग "रेत बंदू आपते मित्र" कहते हैं. किसानों ओर देहात में एक अच्छे प्रशासक और न्याय करने वाले राजा के रूप में उनको देखते हैं.
सवाल- लोगों में ये भी पहचान है कि लिंगायत को लेकर अलग धर्म का जो मसला उठा था, अभी की सरकार ने आपको भेजा है, 2013 में सिग्नेचर करने वालो में येदियुरप्पा भी थे, जिसका विरोध अब आप भी कर रहे हैं, येदियुरप्पा भी कर रहे हैं. क्या ये मुद्दा आपके लिए परेशानी का सबब बन रहा है कर्नाटक में?
जावड़ेकर- बिलकुल नहीं, ये दांव कांग्रेस पर उलट गया है. क्योंकि कांग्रेस की रणनीति हमेशा समाज को बांटने की रही है. मणिपुर चुनाव में भी मैं इंचार्ज था, तब भी कांग्रेस की नीति नागा कूकी मैंती, तीनों में लड़ाई करते रहो, रोड ब्लॉक करते रहो, बंद होता रहे, और लोग आपस में झगड़ते रहे ताकि कांग्रेस सत्ता में बनी रहे लेकिन अब हमारी सरकार आई तो सारी मिलिटेंसी खत्म होने लगी. पूरा लॉकआउट बंद हो गया. और सभी तीनों जाति एकसाथ काम कर रही हैं. यहां भी लिंगायत के मुद्दे पर कांग्रेस ने एकसमाज बांटने की कोशिश की, उसके लिए समाज में ही बहुत रिएक्शन है और कांग्रेस का ये दांव उलट गया है. कांग्रेस के बड़े-बड़े लिंगायत नेता आप किसी को भी पूछो लोग गलत मुहीम ही बताएंगे. कांग्रेस फिर साढ़े चार साल चुप क्यों रही, ये सिर्फ येदियुरप्पा को सीएम बनाने से रोकने की कवायद थी, जो उन्हें उलटी पड़ गई.
सवाल- येदियुरप्पा को रोकने का दांव था, कर्नाटक में ये भी प्रचलित है की बीजेपी के कई बड़े नेता चाहते है कि 90 से ज्यादा नहीं आए, इनको क्लब 90 कहा जा रहा है?
जावड़ेकर- ऐसा है ये मीडिया की क्या परिभाषा है मुझे समझ नहीं आती. क्योंकि लोक सभा के पहले लोग कहते थे के बीजेपी में एक ऐसा क्लब है जो कहती है बीजेपी 200 से ज्यादा नहीं आएगी, लेकिन 282 आए. यहां ऐसा कोई क्लब नहीं है, 90 की कोई बात नहीं कर रहा है. हमारा पूर्ण बहुमत होगा. हंग असेंबली नहीं होगी और बीजेपी अपने दम पर सरकार बनाएगी.
सवाल- या फिर JDS के साथ? क्योंकि PM मोदी, देवगौड़ा की बड़ाई कर रहे हैं? कुमार स्वामी पर कोई अटैक नहीं किया जा रहा है तो क्या हंग असेंबली की स्थिति में आप जेडीएस का सपोर्ट लेंगे या उन्हें समर्थन देंगे?
जावड़ेकर- नहीं, जेडीएस के खिलाफ तो हम लड़ रहे हैं. पीएम ने देवगौड़ा के लिए जो कहा, वो सभ्यता और शिष्टाचार का मसला है कि जिसमें पीएम पूर्व पीएम की इज्जत करते हैं. आज भी देवगौड़ा जी खुद लोगों का काम लेकर आते हैं अपना यही अनुभव मोदी जी ने बताया. क्योंकि राहुल गांधी ने बहुत ही विचित्र तरीके से देवगौड़ा जी की बात कही थी. हंग असेंबली नहीं बनेगी. पूर्ण बहुमत मिलेगा. BJP सत्ता में आएगी. इसलिए इस बार हमने मैनिफेस्टो की जगह वचन कहा है. नम कर्नाटक नमः वचना.
सवाल- इसी वचन में महिलाओं के लिए विशेष ध्यान दिया गया है मंगलसूत्र, स्मार्टफोन? मंगलसूत्र से मंगल होगा BJP का?
जावड़ेकर- ये BJP का मंगल होने का मुद्दा नहीं है. महिलाओं के सशक्तिकरण का एक सतत लगातार प्रयास मोदी सरकार कर रही है. अगर कुपोषण जैसी समस्या से हम जूझ रहे हैं तो ऐसे में गर्भवती रहते हुए ही महिला को अच्छा खाना मिले तो नवजात शिशु को भी अच्छा खाना मिले. फिर 6 महीने की उसको परवरिश के लिए छुट्टी मिले. उसकी सभी दवाए इंद्रधनुष पैकेज में सारे टीकाकरण हों. ये हमारा मूल प्रयास है. इसी में गरीब महिलाओं को भी एक स्मार्टफोन देना उसकी सशक्तिकरण का ही हिस्सा है. वो भी बात करना और जानकारी लेना चाहती है. ताकि उसका अच्छा उपयोग कर सके. और उसके साथ-साथ हमारे यहां सोने का महत्व है. इसलिए गरीब परिवार की शादी में 3 ग्राम सोना ओर 25000 रुपये हम देंगे. किसी को ये गलत लगेगा, मगर गले में मंगलसूत्र सुहाग की निशानी है.
सवाल- टीपू सुल्तान को लेकर कर्नाटक में काफी सियासत हुई. अब यही सियासत पाकिस्तान की तरफ से देखने को मिल रहा है और टीपू सुल्तान को टाइगर ऑफ मैसूर कह कर कहीं न कहीं भड़काने वाली बात कह कर बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है पाकिस्तान द्वारा?
जावड़ेकर- पाकिस्तान क्या कर रहा है उससे मुझे कोई लेना-देना नहीं, लेकिन कांग्रेस जो एक जयंती कर रही और विवेकानंद जयंती नहीं कर रही है, ये लोगों को समझ आ रहा है. हमारा कांग्रेस पर सबसे बड़ा प्रहार यही है कि आप मुसलमान को, गरीब को एक वोट बैंक की नजर से देखते हो. हम इस नजर से नहीं देखते. सबका साथ सबका विकास. हमारी उज्ज्वला योजना में मजहब नहीं देखा जाता. मुस्लिम बहनों को भी गैस मिला है. टीपू सुल्तान कोई मुद्दा नहीं है.
सवाल- पाकिस्तान पर ही, पाकिस्तान के जनक जिन्ना, जिसके प्रति BJP की अपनी ही विचार धारा है. जिन्ना की मजार पर जाने के कारण से आडवाणी जी को भी अध्यक्ष पद से हटना पड़ा था. जसवंत सिंह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया था. आपके शासन में AMU में जिन्ना की तस्वीर और सरकार चुप, आप चुप?
जावड़ेकर- नहीं-नहीं, ये चुप रहने का मसला नहीं है. ये अभी जो आंदोलन का मुद्दा है, वो मुद्दा वहां जो मारपीट हुई कोई बाहर वाला छात्रों को मारपीट किया, इसके कारण वो छात्र धरने पर हैं और उनकी मांग है कि जिन्होंने मारपीट की उनकी गिरफ्तारी हो और पुलिस पर कार्यवाही हो. क्योंकि उन्होंने बचाया नहीं. ये मुद्दा अलग है. वहां कुलपति निश्चित रूप से छात्रों से संवाद कर रहे हैं. इसके दो पक्ष हैं जिसमें मारपीट होने वाले छात्रों का आंदोलन चला.
सवाल- योगी जी बोलते हैं जिन्ना बर्दाश्त नहीं और BJP की भी यही नीति रही है, विचारधारा रही है कि जिन्ना बर्दाश्त नहीं. लेकिन जिन्ना की तस्वीर और जिन्ना पर आपकी क्या राय है?
जावड़ेकर- जिन्ना पर पार्टी की राय सबको पता है. और इसलिए वो फिर से दोबारा बताने की जरूरत नहीं. और अभी जो विवाद वहां पर है उस पर हमारे कुलपति लगातार संवाद करके नजर बनाए हुए हैं.
सवाल- हामिद अंसारी साहब भी इस पर कूद गए हैं?
जावड़ेकर- नहीं इसकी मुझे जानकारी नहीं है.
सवाल- जिन्ना की तस्वीर अभी हटनी चाहिए?
जावड़ेकर- मैं अभी कर्नाटक में व्यस्त हूं.
सवाल- आखिरी सवाल, क्योंकि येद्दयुरप्पा जी ने डेट तय कर दी है 17 या 18 को सीएम पद की शपथ लेंगे. लेकिन, कांग्रेस भी यही कह रही है?
जावड़ेकर- मैंने कहा है कि दिन में सपना देखने का अधिकार कांग्रेस को है. लेकिन, हम जो कह रहे हैं वो grounds well support है. आप बंगलुरू या बाहर में किसी भी किसान या लोगों से महिलाओं से बात करिए. बंगलुरू की अभी कैसी व्यवस्था है, गार्डन सिटी को गार्बेज सिटी बनाया. बंगलुरू के तालाब में पूरा सीवर डाल दिया और तालाब खराब हो गए. सड़क में गड्ढे होने से 190 लोगों की मौत हो चुकी है. corruption के मामले सामने आ रहे हैं. कानून-व्यवस्था ध्वस्त है. गुंडाराज है, 3500 किसानों की आत्महत्या हुई है. यही सब इश्यू हैं जिससे लोग 12 तारीख की वोट कर रहे हैं. ताकि कांग्रेस को बाहर का रास्ता दिखा सकें.

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हालांकि, हाईकोर्ट द्वारा पास उत्तर प्रदेश पारिवारिक अदालत नियम, 2006 के नियम 58 के अनुसार पारिवारिक अदालत के जज जिला जज की प्रशासनिक एवं अनुशासनात्मक देखरेख के तहत आएंगे। अलबत्ता, इन पर हाईकोर्ट का पूर्ण नियंत्रण होगा।
उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा एसोसिएशन ने नियम 58 को खत्म करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसने इसके 1995 की नियमावली के नियम 26 के विरोधाभाषी होने और संविधान के अनुच्छेद 235 का उल्लंघन करने की दलील दी थी। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला देते हुए मामले को हाईकोर्ट की प्रशासनिक इकाई के पास भेजने का निर्देश दिया था। ताकि नियम 58 के लिए उपयुक्त संशोधन किया जा सके और पारिवारिक अदालतों को प्रभावी तरीके से हाईकोर्ट की देखरेख में लाया जा सके। इसी फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।
याचिकाकर्ता की दलील -
1- हाईकोर्ट का उत्प्रेषण आज्ञापत्र जारी करना और उसी अदालत के समक्ष रिकॉर्ड पेश करने को कहना न्यायिक अधिकारों के दायरे से आगे जाना है। हाईकोर्ट सिर्फ निचली अदालतों के खिलाफ ही उतप्रेषण आज्ञापत्र जारी कर सकता है, न कि अपने खिलाफ। ऐसा करके हाईकोर्ट ने अपने अधिकारक्षेत्र को लांघा है और यह फैसला कानूनन सही नहीं है।
2- पारिवारिक अदालत अधिनियम, 1984 के अनुसार, पारिवारिक अदालत के कामकाज के लिए नियम बनाने का अधिकार भले ही राज्य सरकार के साथ-साथ हाईकोर्ट को हो लेकिन नियुक्तियों आदि के मामले में अंतिम फैसला हाईकोर्ट का ही होता है। ऐसा न्यायपालिका की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए किया गया है।
3- उत्तर प्रदेश की वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह संभव नहीं है कि जिला जज के पद वाले उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी को पारिवारिक अदालत का मुख्य जज बनाया जाए।
हालांकि, हाईकोर्ट द्वारा पास उत्तर प्रदेश पारिवारिक अदालत नियम, 2006 के नियम 58 के अनुसार पारिवारिक अदालत के जज जिला जज की प्रशासनिक एवं अनुशासनात्मक देखरेख के तहत आएंगे। अलबत्ता, इन पर हाईकोर्ट का पूर्ण नियंत्रण होगा।
उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा एसोसिएशन ने नियम 58 को खत्म करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसने इसके 1995 की नियमावली के नियम 26 के विरोधाभाषी होने और संविधान के अनुच्छेद 235 का उल्लंघन करने की दलील दी थी। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला देते हुए मामले को हाईकोर्ट की प्रशासनिक इकाई के पास भेजने का निर्देश दिया था। ताकि नियम 58 के लिए उपयुक्त संशोधन किया जा सके और पारिवारिक अदालतों को प्रभावी तरीके से हाईकोर्ट की देखरेख में लाया जा सके। इसी फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।
याचिकाकर्ता की दलील -
1- हाईकोर्ट का उत्प्रेषण आज्ञापत्र जारी करना और उसी अदालत के समक्ष रिकॉर्ड पेश करने को कहना न्यायिक अधिकारों के दायरे से आगे जाना है। हाईकोर्ट सिर्फ निचली अदालतों के खिलाफ ही उतप्रेषण आज्ञापत्र जारी कर सकता है, न कि अपने खिलाफ। ऐसा करके हाईकोर्ट ने अपने अधिकारक्षेत्र को लांघा है और यह फैसला कानूनन सही नहीं है।
2- पारिवारिक अदालत अधिनियम, 1984 के अनुसार, पारिवारिक अदालत के कामकाज के लिए नियम बनाने का अधिकार भले ही राज्य सरकार के साथ-साथ हाईकोर्ट को हो लेकिन नियुक्तियों आदि के मामले में अंतिम फैसला हाईकोर्ट का ही होता है। ऐसा न्यायपालिका की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए किया गया है।
3- उत्तर प्रदेश की वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह संभव नहीं है कि जिला जज के पद वाले उच्च न्यायिक सेवा के अधिकारी को पारिवारिक अदालत का मुख्य जज बनाया जाए।

ट्रैफिक नियमों को लेकर देश में लोग कितने बेपरवाह हैं, ये बात किसी से छिपी नहीं है. आए दिन सामने आने वाले आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि देश में ट्रेफिक नियमों में लापरवाही के कारण कितने लोग हादसों का शिकार बनते हैं.

नई दिल्ली: नक्षत्र अपनी चाल हर समय बदलते हैं. इन नक्षत्रों का हमारे जीवन पर भी बहुत प्रभाव पड़ता है. ज्योतिष विज्ञान के अनुसार कौन सा ग्रह और नक्षत्र आपकी कुंडली के कौन से घर में जा रहा है, इसके मुताबिक आपका जीवन प्रभावित होता है. ग्रहों की रोज बदलती चाल के कारण ही हमारा रोज का दिन भी अलग होता है. कभी हमें सफलता मिलती है तो कभी दिन सामान्य गुजरता है. तो आपका आज का दिन कैसा रहेगा ये जानिए हमारे इस राशिफल में...
मेष - आपका व्यक्तित्व आकर्षक रहेगा. मन भी मजबूत रहेगा. घर, जमीन-जायदाद से संबंधित कुछ बहुत अच्छे और नए अवसर आपको मिल सकते हैं. ऑफिस के कुछ अधूरे मामले निपटाने में आप लगे रहेंगे. आपके मन की शंका भी दूर हो सकती है. जो बदलाव हो रहे हैं, वह आपकी उन्नति के लिए भी जरूरी है. परिवार और समाज के लोग आपके लिए काफी मददगार हो सकते हैं.
वृष - आज आप थोड़ी फूर्ति और चिंता दिखाएं, तो मेहनत से भी सफलता मिल सकती है. सोचे हुए काम आसानी से पूरे होने के योग हैं. आज आप आने वाले दिनों की योजनाएं बना सकते हैं. किसी खास इंसान से आप अपने मन की बातें शेयर करेंगे. कुछ बड़े फैसले भी आप ले सकते हैं. माता से सुख मिलेगा. बिजनेस बढ़ने के योग हैं.
मिथुन - कन्फ्यूजन की स्थिति से निपटने की कोशिश में आप सफल हो सकते हैं. धैर्य और कोशिश के बीच संतुलन रखेंगे, तो ज्यादातर समस्याएं सुलझ सकती है. धन लाभ के योग बन रहे हैं. किसी एक व्यक्ति के साथ आपके संबंधों के बीच कोई मामला सुलझने के योग बन रहे हैं. कोई अच्छी खबर मिल सकती है. नौकरी में अधिकारी आपसे खुश हो सकते हैं. नई जिम्मेदारी भी मिलने की भी संभावना है.
कर्क - परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है. किसी नई तकनीक के कारण आपका कामकाज आसन हो सकता है. कोई नया उपकरण भी आज आप खरीद सकते हैं. किसी नए विचार पर काम कर सकते हैं. नया विचार, तकनीक आपके लिए कारगर और फायदेमंद साबित हो सकती है. बिजनेस में परिवार की सहायता से सफलता मिल सकती है. नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है. प्रेम में सफलता मिलने के योग हैं.
सिंह - आपके मन में कुछ बड़े विचार आ सकते हैं. भरोसेमंद लोगों से समय पर सही सलाह और मदद मिल सकती है. आप अपनी प्रतिभा दिखाने में सफल हो सकते हैं. पढ़ने और कुछ नया सीखने में रुचि होगी. बिजनेस या नौकरी के काम से यात्रा हो सकती है. संयम रखेंगे और खुद के लिए कुछ अच्छा काम भी होगा. सोचे हुए काम पूरे करने की कोशिश करेंगे.
कन्या - करियर में बदलाव के लिहाज से समय ठीक कहा जा सकता है. साफ और नपी-तुली बात करने से परेशानियों से बच सकते हैं. दोस्तों और रिश्तेदारों की मदद भी आपको मिल सकती हैं. धन लाभ के योग हैं. किए गए कामों में फायदा हो सकता है. संबंधों में सुधार होने के योग बन रहे हैं. सबका सम्मान करें. आपके लिए कुछ फैसलों में सटीकता हो सकती है. प्रोफेशन में सफलता मिल सकती है. विवाह योग्य लोगों को प्रस्ताव मिल सकते हैं. कोई बड़ा फैसला लेने से पहले साथ वालों से सलाह ले सकते हैं.
तुला - अविवाहित लोगों की लव लाइफ अच्छी हो सकती है. शादीशुदा लोगों को भी पार्टनर से मदद मिल सकती है. जीवनसाथी से आपके संबंध मधुर रहेंगे. कार्यक्षेत्र में कुछ लोगों से मदद मिल सकती है. घूमने-फिरने और मनोरंजन में समय बीत सकता है. आज कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है. कारोबार में व्यस्तता बढ़ सकती है. नौकरी में नया काम मिलने के योग हैं. कुछ नया भी सीखने को मिलेगा. इनकम के नए रास्ते खुल सकते हैं.
वृश्चिक - मेहनत कम करेंगे और फायदा ज्यादा हो सकता है. इससे किसी के साथ आपकी बहुत खास बातचीत हो सकती है, जिसका फायदा आपको करियर में हो सकता है. साथ काम करने वाला कोई व्यक्ति, आपको करियर से जुड़े मामले में बहुत मदद कर सकता है. आज आप खुश रहेंगे. कार्यक्षेत्र के बड़े काम संयम से करें. जिस ढंग से आप बात करेंगे, उससे दूसरे लोग आपके फेवर में हो सकते हैं. कार्यस्थल पर आपके लिए स्थितियां अच्छी हो सकती है.
धनु - अपने मन की बात किसी से कहना चाह रहे है तो कह दें. आज आप हर चीज पर गौर से ध्यान दें. अपने मन की आवाज सुनने की कोशिश करें. आज आप किसी रहस्य को जानने की कोशिश में रहेंगे. आपकी जिम्मेदारी भी बढ़ सकती है. कारोबार के लिए नए लोगों से कॉन्टैक्ट करना पड़ सकता है. दाम्पत्य जीवन में खुशहाली के योग बन रहे हैं. जीवनसाथी से सम्मान मिलेगा.
मकर - आपकी कोई बड़ी परेशानी पैसों से सुलझ सकती है. इनकम के कई रास्ते खुल सकते हैं. आज कामकाज ज्यादा हो सकता है. बॉस से बातचीत में आपको सफलता मिल सकती है. बिजनेस में फायदे के योग हैं. साथियों से मदद मिल सकती है. पार्टनर के सहयोग से आप सफल हो सकते हैं. रोजमर्रा के काम भी पूरे हो सकते हैं और आपकी सेहत अच्छी रहेगी.
कुंभ - नौकरीपेशा और बिजनेस करने वाले लोग अपने कामकाज से संतुष्ट हो सकते हैं. बड़े अधिकारियों से भी बातचीत होने की संभावना है. किसी की मदद करने का मौका मिल सकता है. दुश्मनों पर जीत मिलेगी. आज आपको संबंधों का फायदा मिल सकता है. संतान से सुख मिलेगा. कारोबार में सफलता के योग हैं. अधिकारी आपके कामों की तारीफ कर सकते हैं. पति-पत्नी के बीच सामंजस्य रहेगा. माता-पिता का आशीर्वाद लें.
मीन - धन लाभ के बड़े मौके मिल सकते हैं. पैसों के क्षेत्र में भी अच्छा खासा सुधार होने के योग हैं. कुछ अवसरों का फायदा आपको मिल सकता है. अचानक धन लाभ हो सकता है. निवेश के सुझावों पर फैसला अपने अनुसार ही करें. आसपास के लोगों या साथ काम करने वालों की तारीफ करें. आपका आत्मविश्वास भी बढ़ सकता है. सुख मिलेगा. कहीं से कोई अच्छी खबर मिल सकती है. काम-धंधा अच्छा चलेगा. कार्यस्थल पर माहौल भी अच्छा मिल सकता है.
नोरा फतेही और संजय दत्त का गाना ‘सरके चुनर’ रविवार को रिलीज हुआ था और कुछ ही घंटों में ये गाना विवादों में घिर गया. इस गाने के लिरिक्स में म...