Friday, 4 May 2018

After 23 Years, Haj Pilgramage By Sea Route Likely To Resume - क्रूज से होगी हज यात्रा, 23 साल बाद फिर से होगी शुरू

After 23 Years, Haj Pilgramage By Sea Route Likely To Resume - क्रूज से
होगी हज यात्रा, 23 साल बाद फिर से होगी शुरू
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जल्द ही हज यात्रा पर जाना और सस्ता हो जाएगा। सरकार ने अगले साल से समुद्र मार्ग से हज यात्रा शुरू करने के लिए ग्लोबल टेंडर जारी कर दिए हैं। सरकार की कोशिश है कि मुंबई से जेद्दा तक का 2300 नॉटिकल मील का सफर 3 से 4 दिन में पूरा हो जाए।

अल्पसंख्यक मंत्रालय ने मंहगी हवाई हज यात्रा का सस्ता विकल्प खोज निकाला है। सरकार ने 23 साल बाद समुद्र के रास्ते से हज यात्रा शुरु करने का ऐलान किया है। अभी तक हवाई मार्ग से हज यात्रा काफी महंगी पड़ती थी, जो 2 लाख से ऊपर तक पहुंच जाती थी। लेकिन समुद्र के रास्ते मुंबई से जेद्दा तक का सफर 60 हजार रुपए तक कम होगा।

क्रूज में वर्ल्ड क्लास सुविधाएं

केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के मुताबिक सरकार ने समुद्र यात्रा के लिए ग्लोबल टेंडर जारी कर दिए हैं। उनके मुताबिक जहाज में वर्ल्ड क्लास सुविधाएं होंगी और यात्रा में 3 से 4 दिन लगेंगे। यह जहाज कुल 15 ट्रिप लगाएगा, जिसमें एक बार में 5000 यात्री जा सकेंगे। यह जहाज एक बार में 2300 नॉटिकल मील (एक नॉटिकल मील में 1.8 किमी) का सफर तय करेगा।

नकवी के मुताबिक मंत्रालय के सचिव इस बारे में बातचीत करने के लिए जल्द ही सऊदी अरब रवाना होने वाले हैं। उनके मुताबिक सरकार का टारगेट है कि अगले साल तक कैसे भी हज यात्रा समुद्री मार्ग से शुरू हो जाए।


नकवी के मुताबिक सरकार ने सऊदी अरब के अधिकारियों से बातचीत करके हज यात्रा का कोटा भी बढ़वा दिया है। गौरतलब है कि सऊदी अरब अथॉरिटीज ने इस साल कई देशों का हज कोटा कम कर दिया है। उनके मुताबिक, आजादी के बाद पहली बार 2018 में भारत से रिकॉर्ड 1.75 लाख यात्री हज के लिए जायेंगे। वहीं इस बार हज पर जाने वालों में तकरीबन 47 फीसदी महिलाएं होंगी। इसके अलावा 1038 महिलाएं ऐसी होंगी, जो बिना किसी मैहरम या पुरुष अभिभावक के जाएंगी।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को 2022 तक हज यात्रियों को हवाई सफर में मिलने वाली सब्सिडी को खत्म करने को कहा था। जिसके बाद सरकार ने इस साल हज यात्रियों को दी जाने वाली सालाना करीब 400 करोड़ की सब्सिडी की राशि घटाकर 200 करोड़ कर दी है। जिलके चलते इस बार प्रति यात्री हज यात्रा शुल्क 30 से 35 हजार रुपये तक ज्यादा हो गया है।

23 साल पहले आखिरी सफर

साल 1995 तक हज यात्रा समुद्री मार्ग से भी होती थी, जो मुंबई के मझगांव के येलो गेट से सऊदी अरब के जेद्दा तक होती थी। एमवी अकबरी जहाज से होने वाली यह यात्रा 10 से 15 दिनों में पूरी होती थी। लेकिन इस जहाज के काफी पुराने होने के बाद इस यात्रा को समाप्त कर दिया गया।

हज यात्रा में ज्यादा स्वास्थ्य सुविधाएं

नकवी के मुताबिक इस साल हज यात्रियों की सुविधाओं में भी इजाफा किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बार हज यात्रियों की स्वास्थ्य जरूरतों का बेहद ख्याल रखा गया है। इसके लिए मक्का में 40 बिस्तरों वाले हॉस्पिटल, मदीना में 15 बिस्तरों वाला हॉस्पिटल और मक्का में डिस्पेंसरी की 10, मदीना में 3 और मक्का में 1 शाखाएं खोली गई हैं।



जल्द ही हज यात्रा पर जाना और सस्ता हो जाएगा। सरकार ने अगले साल से समुद्र मार्ग से हज यात्रा शुरू करने के लिए ग्लोबल टेंडर जारी कर दिए हैं। सरकार की कोशिश है कि मुंबई से जेद्दा तक का 2300 नॉटिकल मील का सफर 3 से 4 दिन में पूरा हो जाए।


अल्पसंख्यक मंत्रालय ने मंहगी हवाई हज यात्रा का सस्ता विकल्प खोज निकाला है। सरकार ने 23 साल बाद समुद्र के रास्ते से हज यात्रा शुरु करने का ऐलान किया है। अभी तक हवाई मार्ग से हज यात्रा काफी महंगी पड़ती थी, जो 2 लाख से ऊपर तक पहुंच जाती थी। लेकिन समुद्र के रास्ते मुंबई से जेद्दा तक का सफर 60 हजार रुपए तक कम होगा।

क्रूज में वर्ल्ड क्लास सुविधाएं

केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के मुताबिक सरकार ने समुद्र यात्रा के लिए ग्लोबल टेंडर जारी कर दिए हैं। उनके मुताबिक जहाज में वर्ल्ड क्लास सुविधाएं होंगी और यात्रा में 3 से 4 दिन लगेंगे। यह जहाज कुल 15 ट्रिप लगाएगा, जिसमें एक बार में 5000 यात्री जा सकेंगे। यह जहाज एक बार में 2300 नॉटिकल मील (एक नॉटिकल मील में 1.8 किमी) का सफर तय करेगा।

नकवी के मुताबिक मंत्रालय के सचिव इस बारे में बातचीत करने के लिए जल्द ही सऊदी अरब रवाना होने वाले हैं। उनके मुताबिक सरकार का टारगेट है कि अगले साल तक कैसे भी हज यात्रा समुद्री मार्ग से शुरू हो जाए।






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आजादी के बाद पहली बार सबसे ज्यादा हज यात्री







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Thursday, 3 May 2018

कर्नाटक के लिए भाजपा का घोषणापत्र: 1 लाख रुपए तक का फसली कर्ज माफ होगा, महिलाओं को मुफ्त स्मार्टफोन

कर्नाटक के लिए भाजपा का घोषणापत्र: 1 लाख रुपए तक का फसली कर्ज माफ होगा,
महिलाओं को मुफ्त स्मार्टफोन
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कर्नाटक चुनाव के लिए भाजपा ने शुक्रवार को घोषणापत्र जारी कर दिया। इसमें उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए कई योजनाओं का एलान किया। किसानों को 1 लाख रुपए तक फसल कर्ज माफ करने के साथ किसानों तक पानी पहुंचाने के लिए 1.50 लाख करोड़ रूपए के सिंचाई प्रोजेक्ट्स और 1 लाख रूपए तक के फसल कर्ज माफ कर दिए जाएंगे। वहीं, बीपीएल परिवारों को स्मार्टफोन और कॉलेज छात्रों को लैपटॉप देने का वादा किया।


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दक्षिण चीन सागर में चीन ने तैनात की क्रूज मिसाइलें, अमेरिका ने दी खामियाजा भुगतने की चेतावनी

दक्षिण चीन सागर में चीन ने तैनात की क्रूज मिसाइलें, अमेरिका ने दी खामियाजा भुगतने की
चेतावनी
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चीन ने विवादित दक्षिणी चीन समुद्र में ‘पोत भेदी क्रूज मिसाइल’ और ‘सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली’ तैनात की है.





दक्षिण चीन सागर में चीन ने तैनात की क्रूज मिसाइलें, अमेरिका ने दी खामियाजा भुगतने की चेतावनी

अमेरिका ने कहा कि हम चीन के दक्षिण चीन सागर के सैन्यीकरण से वाकिफ हैं. (फाइल फोटो)







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विरोध के बाद भी चीन ने तैनात की क्रूज मिसाइल, कहा- दक्षिणी चीन समुद्र में एकछत्र राज

विरोध के बाद भी चीन ने तैनात की क्रूज मिसाइल, कहा- दक्षिणी चीन समुद्र में एकछत्र
राज
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बीजिंग: चीन ने विवादित दक्षिणी चीन समुद्र में ‘पोत भेदी क्रूज मिसाइल’ और ‘सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली’ की तैनाती पर कहा है कि इस क्षेत्र पर ‘निर्विवाद रूप से उसका आधिपत्य’ है. ‘दक्षिणी चीन समुद्र’ और ‘पूर्वी चीन समुद्र’ को लेकर चीन हमेशा विवाद में रहा है. वहीं चीन दक्षिणी चीन समुद्र के पूरे हिस्से पर अपना दावा करता रहा है जबकि वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान इसके उलट दावा करते हैं.


यहां एक संवाददाता सम्मेलन में मिसाइल की कथित तैनाती पर विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिइंग ने कहा, “चीन का नान्साहा (अलग नाम से पहचाना जानेवाला) द्वीप और इससे जुड़े द्वीप पर चीन का निर्विवाद रूप से आधिपत्य है. ”वियतनाम और ताइवान अलग अलग इस पर चीन के विरुद्ध दावे करते हैं.  


चीन ने दक्षिण चीन सागर में सैन्य जमावड़े को सही ठहराया
आपको बता दें कि चीन की सेना का कहना है कि विवादित दक्षिण चीन सागर में द्वीपों पर अपनी रक्षा प्रणाली को मजबूत करना उसका हक है. हालांकि चीन ने कहा कि ये उपाय किसी खास देश को ध्यान में रखकर नहीं किए गए हैं. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेन गुओकियांग का बयान मंगलवार को ऐसे समय आया जब इससे पहले अमेरिका की नौसेना ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सागर में तीन विमान वाहक पोत तैनात किये थे. इस सागर के ज्यादातर हिस्से पर चीन अपना अधिकार बताता है.


‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने कल खबर दी कि चीन ने क्षेत्र में सैन्य उपकरणों को जाम करने वाली प्रणाली लगाई है. मंत्रालय की वेबसाइट पर रेन के हवाले से कहा गया कि ऐसे उपाय करना चीन के अधिकार में है. उन्होंने कहा कि इससे उसकी संप्रभुता एवं सुरक्षा के साथ क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के संरक्षण में मदद मिलेगी. 


दक्षिण चीन सागर में हालात अब भी उलझे हुए हैं
वियतनाम के राजदूत तोन सिन्ह थान्ह ने मंगलवार (27 फरवरी) को कहा कि दक्षिण चीन सागर में हालात ‘‘अब भी उलझे हुए’’ हैं, लेकिन सकारात्मक पहलू यह है कि चीन एवं दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के संगठन (आसियान) ने आचार संहिता पर बातचीत शुरू करने की प्रतिबद्धता जाहिर की है ताकि सीमा क्षेत्र के दावों से निपटा जा सके. तोन ने कहा कि वियतनाम ‘‘अपने पड़ोसियों, खासकर चीन जैसे बड़े पड़ोसियों, को अहमियत देता है.’’ इस मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में तोन ने पत्रकारों को बताया, ‘‘वहां के (दक्षिण चीन सागर के) हालात अब भी उलझे हुए हैं. वहां का घटनाक्रम सकारात्मक है, खासकर आचार संहिता को लेकर, जिसे चीन एवं आसियान दोनों ने मंजूरी दी है. उन्होंने आचार संहिता की बातचीत शुरू करने को लेकर प्रतिबद्धता जाहिर की है.’’


इनपुट भाषा से भी 




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