Friday, 4 May 2018

राहुल गांधी ने पीएम मोदी से किया सवाल- भ्रष्ट येदियुरप्पा को क्यों चुना सीएम कैंडिडेट

राहुल गांधी ने पीएम मोदी से किया सवाल- भ्रष्ट येदियुरप्पा को क्यों चुना सीएम कैंडिडेट
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नई दिल्ली: कर्नाटक में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार में लगे राहुल गांधी लगातार बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साध रहे हैं. शुक्रवार को एक बार फिर उन्होंने अपनी जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान कलगी में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी को लेकर कई तीखी टिप्पणियां कीं. इस दौरान एक ओर जहां उन्होंने कर्नाटक की मौजूदा सिद्दारमैया सरकार के कामों की तारीफ की तो वहीं बीजेपी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार बी एस येदुरप्पा पर निशाना भी साधा. राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा, "मोदी जी मेरे बारे में उल्टी सीधी बात करते हैं कि मुझे भाषण देने नहीं आता. मोदी जी जो कहना चाहे कहें. वो मेरे प्रधानमंत्री हैं मैं उन पर पर्शनल अटैक नहीं करुंगा. लेकिन मेरा हक है सवाल पूछने का वो मैं करुंगा. क्यों येद्दुरप्पा जैसे भ्रष्ट को मुख्यमंत्री बनाया. अमित शाह ने भी येद्दुरप्पा को सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री कहा... तो उनको मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार क्यों बनाया."


जो आप बोल रहे हो उसे करके दिखाओ
कलगी में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "मोदी जी जो आप बोल रहे हो उसे करके दिखाओ. नीरव मोदी पैसा ले कर भाग गया. मोदी जी किसानों का कर्जा क्यों नहीं माफ करते. मैंने जब सिद्दारमैया जी से पूछा कि क्या किसानों का पैसा माफ हो सकता है. सिद्दारमैया जी ने 10 दिन के भीतर किसानों का 8 हजार करोड़ रुपये माफ कर दिया. आप लिख के ले लीजिये मोदी कभी भी किसानों का कर्जा माफ नहीं करेगें."


कर्नाटक में कोई भी भूखा नहीं है
अपने भाषण में आगे उन्होंने कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार की तारीफ करते हुए कहा, "कर्नाटक ने लगभग 90 प्रतिशत किए हुए वादे पूरे किए हैं. कर्नाटक में कोई भी भूखा नहीं है. गुजरात में भूखे लोगों की लाइन लगी हुई है. इंदिरा कैंटीन में गरीब से गरीब व्यक्ति भर पेट खाना खा रहा है. कर्नाटक में लड़कियों की शिक्षा हम फ्री में दिलवाते हैं."


मोदी जी चुप रहते हैं
पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा, "बेटी बचाओ बीजेपी के एमएलए से. मोदी जी का एमएलए उन्नाव में एक महिला से रेप करता है. मोदी जी चुप रहते हैं. कठुआ में एक बच्ची से रेप होता है और मोदी जी चुप रहते हैं. ऐसा पहली बार हुआ है कि हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री देश से बाहर जाता है और उससे कहा जाता है कि तुम भारत में महिलाओं की रक्षा नहीं कर सकते. ये शर्म की बात है."


सिद्दारमैया जी किसी पर पर्शनल अटैक नहीं कर सकते
राहुल गांधी ने अपने भाषण में आगे कहा, "सिद्दारमैया जी किसी पर पर्शनल अटैक नहीं कर सकते. मोदी जी के मंत्री भी कर्नाटक की रोडों (सड़कों) की तारीफ करते हैं. मोदी जी मेरे बारे में उल्टी सीधी बात करते हैं कि मुझे भाषण देने नहीं आता. मोदी जी जो कहना चाहे कहें. वो मेरे प्रधानमंत्री हैं मैं उन पर पर्शनल अटैक नहीं करुंगा. लेकिन मेरा हक है सवाल पूछने का वो मैं करूंगा. क्यों येदियुरप्पा जैसे भ्रष्ट को मुख्यमंत्री बनाया. अमित शाह ने भी येद्दुरप्पा को सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री कहा... तो उनको मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार क्यों बनाया."


2019 में कांग्रेस दिल्ली में सरकार बनाएगी
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने अगले लोकसभा चुनावों का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा करते हुए कहा, "2019 में कांग्रेस दिल्ली में सरकार बनाएगी. 371 J का विरोध बीजेपी ने किया था. कर्नाटक के लोगों को लाखों रुपये 371 J से मिलता है. हमारी लड़ाई ये है कि कर्नाटक की जनता का जो पैसा है. वो आपको वापस दिलाया जाए. लगभग 35 हजार करोड़ रुपये जो कि जनता का पैसा है, वो मोदी के मित्र गटक गए." राहुल गांधी ने आगे (रेड्डी ब्रदर्स पर इशारा करते हुए) कहा, "चोरों को हम विधानसभा के अंदर नहीं घुसने देंगे."


दुनिया में पेट्रोल के दाम गिरते जा रहे हैं
राहुल गांधी ने पेट्रोलियम के दामों पर बात करते हुए कहा, "दुनिया में पेट्रोल के दाम गिरते जा रहे हैं. हम विदेश से पेट्रोल खरीदते हैं. लाखों-करोड़ों रुपये की बचत हो रही है. मैं सवाल पूछना चाहता हूं कि जब पूरे विश्व में पेट्रोल के दाम घट रहे हैं तो हिंदुस्तान में क्यों बढ़ रहा है. मोदी जी को अपने भाषण में जवाब देना चाहिए वो ये बचे हुए पैसे कहां जा रहे हैं. मोदी जी वो पैसे अपने 5-10 मित्रों में बांट देते हैं. वो पैसे महिआओं को क्यों नहीं मिलते."




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Thursday, 3 May 2018

कर्नाटक चुनाव : क्या येदियुरप्पा के किले 'शिकारीपुरा' में सेंध लगा पाएगी कांग्रेस?

कर्नाटक चुनाव : क्या येदियुरप्पा के किले 'शिकारीपुरा' में सेंध लगा पाएगी कांग्रेस?
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नई दिल्ली : कर्नाटक विधानसभा चुनाव की जंग धीरे-धीरे निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है. यह चुनाव जहां देश की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के लिए अपने विजय रथ को आगे बढ़ाने और 'कांग्रेस मुक्त भारत' के उसके नारे को सही साबित करने का मौका देगा तो वहीं देश में अपने सिमटते अस्तित्व को बचाने में जुटी कांग्रेस के लिए कर्नाटक का रण उसके लिए संजीवनी का काम कर सकता है. विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के लिए जहां अपनी सीटों को बचाने का दबाव है वहीं बीजेपी को अपने गढ़ में सेंध लगने की आशंका. बीजेपी की राज्य इकाई के सबसे कद्दावर नेताओं में से एक बीएस येदियुरप्पा अपने मजबूत किले शिकारीपुरा से चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं. 


कर्नाटक विधानसभा सीट संख्या 115 शिकारीपुरा निर्वाचन क्षेत्र. शिकारीपुरा ऐतिहासिक स्थानों और प्राकृतिक आकर्षण स्थानों से घिरा हुआ है, जिसमें प्रसिद्ध अंजनेय मंदिर शामिल हैं. यहां देश के अलग अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में भक्त आते हैं. शिकारीपुरा विधानसभा क्षेत्र की कुल आबादी 2,13,590 हैं जिसमें से 1,08,344 पुरुष और 1,05,246 महिलाएं हैं. 


शिकारीपुरा निर्वाचन क्षेत्र में ज्यादातर कुरुबा, गुडिगर्स, लिंगायत, लैम्बानी, हैवीक, मुस्लिम, ईसाई और अन्य जातियां रहती हैं. क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से इस सीट को पारंपरिक रूप से बीजेपी का गढ़ कहा जाता है. इस सीट पर पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बी.एस. येदियुरप्पा का एकछत्र राज रहा है. 


येदियुरप्पा ने 1983 में इस सीट से पहली बार चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी. इसके बाद उन्होंने 1985 उप-चुनाव, विधानसभा चुनाव 1989, 1994, 2004, 2008 और 2013 में जीत हासिल कर इस निर्वाचन क्षेत्र को विपक्षी दलों के लिए अभेद्य किले में स्थापित कर दिया. हालांकि 1999 में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार महालींग्प्पा के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा था लेकिन उसके बाद से उन्होंने कभी इस सीट पर हार नहीं मिला.


शिकारीपुरा विधानसभा क्षेत्र में 2014 में हुए उपचुनाव में येदियुरप्पा की जगह उनके बेटे बी.वाई राघवेंद्र ने चुनाव लड़ा था और कांग्रेस के अपने प्रतिद्वंद्वी एच.एस. शांथवीरप्पा गौड़ा को मात दी थी. विधानसभा चुनाव 2018 में शिकारीपुरा निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी ने एक बार फिर येदियुरप्पा को मैदान में उतारा है. 


1965 में सामाजिक कल्याण विभाग में प्रथम श्रेणी क्लर्क के रूप में नियुक्त येदियुरप्पा नौकरी छोड़कर और शिकारीपुरा चले गए जहां उन्होंने वीरभद्र शास्त्री की शंकर चावल मिल में एक क्लर्क के रूप में कार्य किया. अपने कॉलेज के दिनों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े येदियुरप्पा ने 1970 में सार्वजनिक सेवा शुरू की. उन्हें संघ की शिकारीपुर इकाई के कार्यवाहक (सचिव) नियुक्त किया गया था. इसके बाद वह 1972 में शिकारीपुरा टाउन नगर पालिका के लिए चुने गए और उन्हें जनसंघ की तालुक इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. 


येदियुरप्पा 1975 में शिकारीपुरा के टाउन नगर पालिका के अध्यक्ष चुने गए. इसके बाद 1980 में उन्हें बीजेपी की शिकारीपुरा तालुक इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया और 1988 में येदियुरप्पा को कर्नाटक की बीजेपी इकाई का अध्यक्ष बना दिया गया. येदियुरप्पा ने 12 नवंबर 2007 को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. हालांकि, जेडी (एस) ने मंत्रालयों पर असहमति जताते हुए सरकार को समर्थन करने से इंकार कर दिया जिसके परिणामस्वरूप 19 नवंबर 2007 को उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में इस्तीफा देना पड़ा. 


येदियुरप्पा को दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में बीजेपी को ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए भी जाना जाता है उन्होंने दक्षिण भारत में बीजेपी के लिए प्रवेश द्वार बनाया. उनके नेतृत्व में बीजेपी ने 2008 विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की और येदियुरप्पा ने 30 मई 2008 को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की. हालांकि 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा. 


येदियुरप्पा को 2011 में उस वक्त तब तगड़ा झटका लगा जब उनके खिलाफ पांच मामले दर्ज किए गए, येदियुरप्पा पर जमीन के अवैध अधिसूचना और भ्रष्टाचार के आरोप लगे, हालांकि उच्च न्यायालय ने उन्हें क्लीन चिट देकर उन्हें और पार्टी को राहत दे दी. येदियुरप्पा को 2016 में फिर से प्रदेशाध्यक्ष चुना गया. 


येदियुरप्पा और बीजेपी की पारंपरिक सीट व सुरक्षित गढ़ होने के कारण विपक्षियों के लिए इस किले में सेंध लगाना मुश्किल सा दिखाई पड़ता है. पिछले नौ चुनावों में बीजेपी ने सिर्फ एक बार ही यह सीट हारी है. इसी रिकॉर्ड को देखते हुए सत्तारूढ़ कांग्रेस ने येदियुरप्पा के खिलाफ स्थानीय नगर पालिका सदस्य गोनी मालतेश को मैदान में उतारा है. 


वहीं जेडी (एस) ने बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ लो-प्रोफाइल नेता एच.टी. बालीगर को चुनाव मैदान में उतारा है. इसके अलावा आम आदर्मी पार्टी ने चंद्रकांत एस. रेवांकर और चार निर्दलीय अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. ऑल इंडिया मज्लिस ए इतेहदुल मुसलिमीन पहले ही जनता दल (सेक्युलर) को अपना समर्थन देने की घोषणा कर चुकी है. कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 12 मई को मतदान होगा और मतों की गणना 15 मई को होगी.




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Wednesday, 2 May 2018

Siddaramaiah । सिद्धारमैया की PM Modi को चुनौती, येदियुरप्पा की उपलब्धियों पर 15 मिनट बोलकर दिखाएं

Siddaramaiah । सिद्धारमैया की PM Modi को चुनौती, येदियुरप्पा की उपलब्धियों पर
15 मिनट बोलकर दिखाएं
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बेंगलुरु : कर्नाटक में चुनावी जंग तेज होती जा रही है. राजनीतिक दलों द्वारा एकदूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला पूरे उफान पर है. जुवानी जंग में दल अपने विरोधियों के सामने नई-नई चुनौती पेश कर रहे हैं. पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को बिना पर्चे के 15 मिनट बोलने की चुनौती दी थी. पीएम की इस चुनौती पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पलटवार किया है. उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने चुनौती का एक नया हमला करते हुए कहा कि पीएम मोदी कर्नाटक में येदियुरप्पा सरकार की उपलब्धियों पर 15 मिनट बोलकर दिखाएं. सिद्धारमैया ने कहा कि भले ही प्रधानमंत्री उपलब्धियों के लिए कागज पर लिखे भाषण का इस्तेमाल कर सकते हैं.


सिद्धारमैया ने कहा कि बीजेपी के मुख्यमंत्री के चेहरे येदियुरप्पा के खाते में भ्रष्टाचार के अलावा कुछ और है नहीं. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के चलते ही कर्नाटक में बीजेपी सत्ता से बाहर हुई थी. 



पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की तरीफ किए जाने पर भी सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया. उन्होंने कहा, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा को लेकर पीएम मोदी के मन में उमड़ा प्रेम कुछ नहीं, सिर्फ सत्ता के लालच में किया एक गुप्त समझौता है.


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उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने ही कुछ दिन पहले कहा था कि वह देवगौड़ा को रिटायरमेंट होम भेज देंगे. सिद्धारमैया ने कहा कि हम पहले से ही कहते आए हैं कि जेडीएस संघ का ही एक हिस्सा है. 



प्रधानमंत्री ने दिया था चैलेंज
एक मई, मंगलवार को कर्नाटक में अपने चुनाव प्रचार का श्रीगणेश करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक रैली में कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया और राहुल गांधी को चैलेंज किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें एक चुनौती दी थी कि अगर वह संसद में बोलेंगे तो मोदी जी बैठ नहीं पाएंगे. पीएम मोदी ने कहा, राहुल जी ने सही कहा, 'हम आपके सामने बैठ नहीं पाएंगे क्योंकि आप 'नामदार' हैं और हम 'कामदार', हमारी इतनी हैसियत नहीं कि हम नामदार लोगों के सामने बैठ पाएं.'


उन्होंने कहा, 'अगर राहुल गांधी वाकई चैलेंज देना चाहते हैं तो पहले खुद बिना कागज के 15 मिनट बोलकर दिखाएं. कर्नाटक चुनावों में राहुल गांधी जो भी रैलियां कर रहे हैं, उनमें राज्य सरकारी की उपलब्धियां गिनवाएं वो भी बिना कागज का पन्ना पढ़े.' 




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