Thursday, 3 May 2018

United States can't ignore UP if wants to improve ties with India: Sidharth Nath Singh

United States can't ignore UP if wants to improve ties with India:
Sidharth Nath Singh
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नई दिल्‍ली: यूपी के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा है कि अगर अमेरिका को भारत के साथ मिलकर तरक्‍की करनी है तो उसे यूपी की जरूरत पड़ेगी. सिद्धार्थनाथ सिंह यूपी के एक प्रतिनिधिमंडल को लेकर अमेरिका गए हैं. वाशिंगटन में उन्‍होंने कहा कि अमेरिकी सरकार को यह समझना होगा कि अगर उसे भारत के साथ कारोबार बढ़ाना है तो यूपी इसमें सबसे मजबूत कड़ी होगा. अन्‍य राज्‍यों में भी अमेरिकी कंपनियां कारोबार फैला सकती हैं. उन्‍होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि अगर भारत का हेल्‍थ इंडेक्‍स सुधारना है तो इसकी शुरुआत यूपी से ही होगी, क्‍योंकि आबादी के लिहाज से यूपी बड़े जनसंख्‍या घनत्‍व वाले भारतीय राज्‍यों में से एक है.


 



 


यूपी में निवेश की अपार संभावनाएं
सिंह इस दौरान कैलिफोर्निया की सिलिकॉन वैली में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से भी मिले. इसके बाद उन्‍होंने अमेरिकी सरकार के अफसरों से मुलाकात की और यूपी में निवेश के लिए उन्‍हें प्रेरित किया. उन्‍होंने कहा कि अगर अमेरिकी कंपनियां यूपी में निवेश करेंगी तो इससे उनके कारोबार में बढ़ोतरी होगी, क्‍योंकि यूपी बहुत बड़ा बाजार है और तमाम संभावनाएं हैं. हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां रक्षा निर्माण, आईटी और स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्रों में नए अवसर के लिए हब विकसित करने का ऐलान किया था. इसमें भारत के बड़े कॉरपोरेट-टाटा समूह, रिलायंस और अडानी ग्रुप ने निवेश में दिलचस्‍पी दिखाई है. कुछ बड़े शैक्षिक संस्‍थानों ने भी यहां अपने केंद्र खोलने का प्रस्‍ताव किया है.


 



 


ये बड़े कांट्रेक्‍ट साइन हुए
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने अमेरिका की स्‍टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ कुछ समझौते किए हैं. मीडिया रिपोर्टों में दावा है कि ये समझौते वैक्‍सीन, रेडिएशन एंड कैंसर बॉयोलॉजी सेंटर से संबंधित हैं. इसके तहत यूनिवर्सिटी यूपी में सहयोगी बढ़ाएगी. यूपी में विश्‍वविद्यालय एक एनालिटिकल डेटा सेंटर भी खोल सकता है.


इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा
सिद्धार्थनाथ सिंह के कार्यक्रम में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य कम्पनियों में से एक ‘मेडट्रॉनिक’ के अधिकारियों से भी मिलने का कार्यक्रम था. यह कंपनी उत्तर प्रदेश के हर जिले में कैथ लैब खोलने में दिलचस्पी ले रही है. प्रदेश के द्व‍ितीय श्रेणी के शहरों में अपनी सेवा का विस्तार करने की इच्छुक ‘उबर‘ के अधिकारियों से भी मुलाकात करना कार्यक्रम का हिस्‍सा था. मास्टरकार्ड और वीजा कार्ड ने भी उत्तर प्रदेश में अपना व्यापार फैलाने में रुचि दिखाई है.




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Wednesday, 2 May 2018

Aligar Muslim University Jinnah portrait Swami Prasad Maurya calls Mahapurush Harnath Singh

Aligar Muslim University Jinnah portrait Swami Prasad Maurya calls
Mahapurush Harnath Singh
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कानपुर: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के स्टूडेंट यूनियन ऑफिस में पाकिस्तानी संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. जिन्ना विवाद को लेकर योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कानपुर में कहा कि जिन्ना भारत के महान पुरुष थे. बंटवारे से पहले जिन्ना का भी देश के लिए योगदान था. अपनी पार्टी के सांसदों और अन्य नेताओं पर हमला बोलते हुए मौर्य ने कहा, ' चाहे उनकी ही पार्टी के सांसद या विधायक क्यों न हो ऐसी बयानबाजी करने वालों को वे घटिया किस्म का मानते हैं, क्योकि देश के बंटवारे के पहले जिन्ना का भी योगदान रहा है.'


मौर्य देशवासियों से अपने बयान के लिए माफी मांगे
स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान पर नव निर्वाचित राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने कहा कि उनके इस कृत्य से उत्तर प्रदेश सरकार और बीजेपी की छवि पर देश के अंदर बहुत बड़ा धक्का लगा है. उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, पीएम नरेंद्र मोदी,  सीएम योगी आदित्यनाथ, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे को ट्वीट करते हुए कहा कि अपने बयान के लिए स्वामी प्रसाद मौर्य देशवासियों से माफी मांगे, अन्यथा उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निकाल दिया जाए.


मौर्य का पार्टी से मोहभंग हो चुका है- हरनाथ सिंह
हरनाथ सिंह ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य का बीजेपी से मोहभंग हो चुका है. शायद, उन्होंने अपने लिए नए ठिकाने तलाश लिए है, इसलिए ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं. बता दें, पिछले दिनों स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था कि मायावती का शासनकाल, योगी आदित्यनाथ के शासनकाल से बेहतर था. मौर्य के मुताबिक मायावती के राज में भ्रष्टाचार पर लगाम रहता है.


AMU देशद्रोहियों का अड्डा रहा है- हरनाथ सिंह
हरनाथ सिंह यादव AMU में जिन्ना की तस्वीर को लेकर कहा कि यह जघन्य अपराध में आता है. उन्होंने कहा कि लंबे समय से AMU देशद्रोही गतिविधियों का अड्डा रहा है. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की.


 



 


इस विवाद को लेकर मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि जो मुसलमान भारत में रह रहे हैं, उन्होंने जिन्ना की सोच और बंटवारे के फैसले को कभी स्वीकार नहीं किया. इसलिए, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जिन्ना की तस्वीर को जरूर हटा देना चाहिए. 


आडवाणी को जिन्ना की तारीफ करने पर देना पड़ा था इस्तीफा
2005 में लालकृष्ण आडवाणी का पाकिस्तान दौरा हर किसी को याद होगा. उस दौरे में लालकृष्ण आडवाणी ने जिन्ना को घर्मनिरपेक्ष नेता कहा था. अपने बयान की वजह से आडवाणी को पार्टी के अध्यक्ष पद से तुरंत इस्तीफा देना पड़ा था.


अलीगढ़ के सांसद सतीष गौतम की चिट्ठी के बाद शुरू हुआ विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब स्थानीय बीजेपी सांसद सतीष गौतम ने यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को चिट्ठी लिखकर पूछा कि, क्या AMU के छात्रसंघ कार्यालय में पाकिस्तानी संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है? अगर, जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है तो किस विभाग में लगी है और किन कारणों से लगी है वह बताएं. साथ में यह भी पूछा था कि AMU में जिन्ना की तस्वीर का लगा होना कितना तार्किक है?




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