Saturday, 5 May 2018

Exchange Of Gunfire Between Police And A Homicide Suspect In Terre Haute - अमेरिका में बीच सड़क पर एनकाउंटर, मासूमों की जान का प्यासा 'खल्लास'

Exchange Of Gunfire Between Police And A Homicide Suspect In Terre
Haute - अमेरिका में बीच सड़क पर एनकाउंटर, मासूमों की जान का प्यासा 'खल्लास'
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ये कोई फिल्मी शूटिंग नहीं है बल्कि असल मुठभेड़ की दिल दहला देने वाली तस्वीर है। अमेरिका के टेरे हॉट शहर में पुलिस उस हालत को काबू करने की कोशिश में है जब एक खूंखार सैकड़ों की जान पर खतरा बन गया। 

एक नर हत्यारे के मंसूबों पर पानी फेरने की खातिर पुलिस अधिकारियों की एक बटालियन मुठभेड़ में लगी हुई है। आमने-सामने की इस गोलीबारी में एक पुलिस अधिकारी को अपनी जान भी गंवानी पड़ी। 

कई घंटों तक चली ये मुठभेड़ तभी खत्म हुई जब नर हत्यारा मारा गया। इस मुठभेड़ में पुलिस बीच सड़क पर डटी रही तो खतरनाक इरादे लिए नर हत्यारा एक अपार्टमेंट से गोलीबारी कर रहा था। 

पुलिस को इस बात की भी चिंता थी कि इस मुठभेड़ में आम नागरिकों को कोई नुकसान ना हो जबकि दरिंदे को किसी की परवाह नहीं थी। उसका उद्देश्य ही लोगों को नुकसान पहुंचाने का था और वो निर्दोष लोगों की जान लेने पर आमादा था। 



ये कोई फिल्मी शूटिंग नहीं है बल्कि असल मुठभेड़ की दिल दहला देने वाली तस्वीर है। अमेरिका के टेरे हॉट शहर में पुलिस उस हालत को काबू करने की कोशिश में है जब एक खूंखार सैकड़ों की जान पर खतरा बन गया। 


एक नर हत्यारे के मंसूबों पर पानी फेरने की खातिर पुलिस अधिकारियों की एक बटालियन मुठभेड़ में लगी हुई है। आमने-सामने की इस गोलीबारी में एक पुलिस अधिकारी को अपनी जान भी गंवानी पड़ी। 

कई घंटों तक चली ये मुठभेड़ तभी खत्म हुई जब नर हत्यारा मारा गया। इस मुठभेड़ में पुलिस बीच सड़क पर डटी रही तो खतरनाक इरादे लिए नर हत्यारा एक अपार्टमेंट से गोलीबारी कर रहा था। 

पुलिस को इस बात की भी चिंता थी कि इस मुठभेड़ में आम नागरिकों को कोई नुकसान ना हो जबकि दरिंदे को किसी की परवाह नहीं थी। उसका उद्देश्य ही लोगों को नुकसान पहुंचाने का था और वो निर्दोष लोगों की जान लेने पर आमादा था। 





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परमाणु समझौते पर इजरायल ने खोला ईरान के खिलाफ मोर्चा, नेतन्याहू की पीएम मोदी सहित कई नेताओं से वार्ता

परमाणु समझौते पर इजरायल ने खोला ईरान के खिलाफ मोर्चा, नेतन्याहू की पीएम मोदी
सहित कई नेताओं से वार्ता
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ईरान ने परमाणु कार्यक्रमों पर रोक लगाने को लेकर वर्ष 2015 में अमेरिका एवं पांच विश्वशक्तियों के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे जिसके बदले में उसे प्रतिबंधों से राहत मिली थी.





परमाणु समझौते पर इजरायल ने खोला ईरान के खिलाफ मोर्चा, नेतन्याहू की पीएम मोदी सहित कई नेताओं से वार्ता

भारत दौरे पर पहुंचे इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से नई दिल्ली में एक मुलाकात के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी. (फाइल फोटो)







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Friday, 4 May 2018

आईपीएल11: सबसे महंगे बिके स्टोक्स-जयदेव फ्लॉप; 20 लाख में खरीदे गए मयंक विकेट लेने में दूसरे नंबर पर

आईपीएल11: सबसे महंगे बिके स्टोक्स-जयदेव फ्लॉप; 20 लाख में खरीदे गए मयंक विकेट लेने में
दूसरे नंबर पर
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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें संस्करण में 34 मैच हो चुके हैं। 5 टीमें 9-9 और 3 टीमें 8-8 मैच खेल चुकी हैं। लेकिन, अब तक के मैचों में एक बात सामने आ रही है कि इस टूर्नामेंट में महंगे बिके खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। इस लिस्ट में बेन स्टोक्स, जयदेव उनादकट, मनीष पांडेट लोकेश राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और कुनाल पंडया का नाम शामिल है। स्टोक्स ने 8 मैच में सिर्फ 1 विकेट लिया है। इन सभी को 9 करोड़ से 12.5 करोड़ में खरीदा गया। उधर, सिर्फ 20 लाख के खिलाड़ी मुंबई के मयंक मार्कंडे बेहतरीन खेल रहे हैं। ट्रेंट बोल्ट के बाद टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले मयंक दूसरे गेंदबाज हैं।


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अमेरिका के इस द्वीप पर 24 घंटे में 250 बार आया भूकंप, शांत पड़े ज्‍वालामुखी में हुआ विस्‍फोट

अमेरिका के इस द्वीप पर 24 घंटे में 250 बार आया भूकंप, शांत पड़े ज्‍वालामुखी में हुआ विस्‍फोट
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हवाई के गवर्नर डेविड इगे ने कहा कि उन्होंने हजारों लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नेशनल गार्ड के सैन्य संरक्षकों को सक्रिय किया है.





अमेरिका के इस द्वीप पर 24 घंटे में 250 बार आया भूकंप, शांत पड़े ज्‍वालामुखी में हुआ विस्‍फोट

हवाई के सक्रिय ज्वालामुखी किलाएवा से उठता धुएं का गुब्‍बार. (Reuters/4 May, 2018)







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जजों की नियुक्ति पर विवाद: कॉलेजियम भेज रहा है कम नाम- एजी; कोर्ट ने कहा- सरकार सिफारिशें दबाकर बैठी

जजों की नियुक्ति पर विवाद: कॉलेजियम भेज रहा है कम नाम- एजी; कोर्ट ने कहा- सरकार
सिफारिशें दबाकर बैठी
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. जजों की नियुक्ति के मुद्दे पर सरकार और न्यायपालिका के बीच जारी विवाद शुक्रवार को काफी तल्ख हो गया। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल (एजी) ने केंद्र की ओर से कॉलेजियम को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के खाली पद भरने के लिए बहुत कम नामों की सिफारिश की जा रही है।


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Nirbhaya Case: Decision On The Plea Of The Guilty - निर्भया मामला: दोषियों की पुनर्विचार याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित

Nirbhaya Case: Decision On The Plea Of The Guilty - निर्भया मामला:
दोषियों की पुनर्विचार याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित
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अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 10:49 PM IST





सुप्रीम कोर्ट



सुप्रीम कोर्ट







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निर्भया गैंगरेप व हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दोषियों की पुनर्विचार याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया। दोषियों की ओर से कहा गया कि यह मामला फांसी का सजा का बनता ही नहीं है। मालूम हो कि विनय, पवन और मुकेश ने पुनर्विचार याचिकाएं दायर की हैं लेकिन अक्षय ने अब तक पुनर्विचार याचिका नहीं दायर की है। 


दोषी विनय और पवन की ओर से पेश वकील ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ केसमक्ष कहा कि दोषी गरीब पृष्ठभूमि से हैं। वे आदतन अपराधी नहीं हैं। उन्हें सुधरने का मौका दिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने कहा कि दोषियों की इन दलीलों को पहले ही ठुकराया जा चुका है। 

बहरहाल पीठ ने इस दोषियों की पुनर्विचार याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। पीठ ने कहा कि अगर कोई पक्ष लिखित दलीलें पेश करना चाहता है तो वह आठ मई तक पेश कर सकता है। मालूम हो कि निचली अदलत ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी। बाद में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने सजा को बरकरार रखा था।  





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Us Military Pilots Hits In Africa By Chinese Lasers Says Trump Administration - अमेरिकी विमानों पर चीनी सैनिकों का लेजर हमला, दो पायलट जख्मी

Us Military Pilots Hits In Africa By Chinese Lasers Says Trump
Administration - अमेरिकी विमानों पर चीनी सैनिकों का लेजर हमला, दो पायलट जख्मी
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अफ्रीका के जिबूती में स्थित चीन के सैन्य बेस पर मौजूद सैनिकों ने एक अमेरिकी विमान पर लेजर हमला कर दिया। इसमें दो अमेरिकी वायुसैनिक घायल हो गए। हालांकि चीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। 

पेंटागन की प्रवक्ता डाना डब्ल्यू वाइट ने कहा कि लेजर हमले में सी-130 विमान में सवार दो वायुसैनिक घायल हुए हैं। उन्हें यकीन है कि इसके पीछे चीन के सैनिक हैं। डान ने यह भी बताया कि दो से ज्यादा और दस से कम बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। हाल के हफ्तों में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। 

उन्होंने चीन के समक्ष इसका आधिकारिक विरोध दर्ज कराया है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह लेजर पायलटों को कुछ समय के लिए अंधा भी कर सकता है। पेंटागन का आरोप है कि यह लेजर सैन्य स्तर का था, जिससे दो अमेरिकी पायलट घायल हो गए।
 
उधर, चीन के रक्षा और विदेश मंत्रालय ने अलग-अलग बयान जारी करके इन आरोपों को आधारहीन करार देते हुए नकार दिया है।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, अमेरिका में कुछ लोगों को तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए। न की ऐसे झूठे आरोप लगाने चाहिए। ज्ञात हो कि 2017 में चीन ने जिबूती में सैन्य बेस बनाया था, जिसके बाद पहली बार अमेरिका से उसका टकराव हुआ है। यहां अमेरिका के भी चार हजार से ज्यादा सैनिक तैनात हैं। 


चीन द्वारा दक्षिण सागर की तीन चौकियों पर एंटी शिप क्रूज मिसाइलें और जमीन से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम तैनात करने के बाद अमेरिका भड़क गया है। क्षेत्र में ताजा सैन्यीकरण पर अमेरिका ने चिंता जताते हुए चीन को चेतावनी दी है कि उसे निकट व दूरगामी अवधि में इसके नतीजे भुगतने होंगे।

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने कहा कि हम दक्षिण चीन सागर में चीन के सैन्यीकरण से अच्छी तरह वाकिफ हैं और हमने इस मुद्दे को प्रत्यक्ष रूप से चीनी नेतृत्व के सामने उठाते हुए उसे अंजाम भुगतने की चेतावनी दी हैै। हालांकि सैंडर्स ने यह नहीं बताया कि चीन को क्या परिणाम भुगतने होंगे। 

एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर यह भी बताया कि हमें यह सूचना भी मिली है कि चीन ने स्प्राली द्वीपों पर पिछले माह चीन ने कुछ हथियार सिस्टम भी तैनात किए हैं। इनमें चट्टान भेदी फायरिंग उपकरण और खतरनाक हथियार शामिल हैं।

अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक चीन ने पिछले दिनों इस क्षेत्र में सात आइलैंड, मिसाइल स्टेशन, हैंगर और रडार स्टेशन बना चुका है। राष्ट्रपति के तौर पर बराक ओबामा भी अपने कार्यकाल के दौरान दक्षिण चीन सागर पर चीन के बढ़ते कब्जे को लेकर विरोध जता चुके हैं। पश्चिमी प्रशांत सागर में भी चीन अपनी विस्तारवादी नीतियों के चलते अमेरिका को चुनौती देता रहा है।


अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने भी विवादित क्षेत्र में चीनी सैन्य निर्माण पर चिंता जताई है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता दाना व्हाइट ने संवाददातों से कहा, हम इन कृत्रिम द्वीपों के सैन्यीकरण से जुड़ी चिंताओं के बारे में बहुत मुखर हैं। चीन को यह महसूस करना होगा कि उन्हें समुद्र के नि:शुल्क नेविगेशन से फायदा हुआ है और अमेरिकी नौसेना इसके गारंटर हैं।

एडवांस हथियारों का प्रदर्शन कर चुका है चीन
बृहस्पतिवार को चीन ने विवादित तीन चौकियों पर मिसाइलों की तैनाती को सही ठहराया है। उसने कहा कि दक्षिण सागर पर चीन की निर्विवाद संप्रभुता है। यहां चीन अप्रैल में अब तक का अपना सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास भी कर चुका है। यहां पहली बार चीन के विमानवाहक हमला समूह और पीएलए के सबसे एडवांस हथियारों का प्रदर्शन किया गया है। 



अफ्रीका के जिबूती में स्थित चीन के सैन्य बेस पर मौजूद सैनिकों ने एक अमेरिकी विमान पर लेजर हमला कर दिया। इसमें दो अमेरिकी वायुसैनिक घायल हो गए। हालांकि चीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। 


पेंटागन की प्रवक्ता डाना डब्ल्यू वाइट ने कहा कि लेजर हमले में सी-130 विमान में सवार दो वायुसैनिक घायल हुए हैं। उन्हें यकीन है कि इसके पीछे चीन के सैनिक हैं। डान ने यह भी बताया कि दो से ज्यादा और दस से कम बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। हाल के हफ्तों में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। 

उन्होंने चीन के समक्ष इसका आधिकारिक विरोध दर्ज कराया है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह लेजर पायलटों को कुछ समय के लिए अंधा भी कर सकता है। पेंटागन का आरोप है कि यह लेजर सैन्य स्तर का था, जिससे दो अमेरिकी पायलट घायल हो गए।
 
उधर, चीन के रक्षा और विदेश मंत्रालय ने अलग-अलग बयान जारी करके इन आरोपों को आधारहीन करार देते हुए नकार दिया है।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, अमेरिका में कुछ लोगों को तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए। न की ऐसे झूठे आरोप लगाने चाहिए। ज्ञात हो कि 2017 में चीन ने जिबूती में सैन्य बेस बनाया था, जिसके बाद पहली बार अमेरिका से उसका टकराव हुआ है। यहां अमेरिका के भी चार हजार से ज्यादा सैनिक तैनात हैं। 







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भड़का अमेरिका, नतीजों की चेतावनी







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Refusal Of Stay On Order Of Cbi Probe Of Uppsc Recruitment - यूपीपीएससी भर्ती की सीबीआई जांच के आदेश पर रोक से इनकार

Refusal Of Stay On Order Of Cbi Probe Of Uppsc Recruitment - यूपीपीएससी
भर्ती की सीबीआई जांच के आदेश पर रोक से इनकार
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ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 11:47 PM IST



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वर्ष 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्तियों की सीबीआई जांच के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है। हालांकि कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश पर रोक लगाने से फिलहाल इनकार कर दिया है। 

जस्टिस एसए बोबड़े और जस्टिस एल नागेश्वर राव की पीठ यूपीपीएसी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है। 

पीठ ने नौ और 18 जनवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट के दिए गए आदेशों को भी फिलहाल बरकरार रखने के निर्देश दिए हैं। इसका मतलब है कि सीबीआई यूपीपीएससी के मौजूदा चेयरमैन और सदस्यों को तलब कर पूछताछ नहीं कर सकेगी। साथ ही इनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। 

आयोग को सीबीआई द्वारा पूछे जाने वाले सवालों के जवाब मुहैया कराने होंगे। साथ ही आयोग को वे दस्तावेज भी मुहैया कराने होंगे, जिनकी जांच एजेंसी को दरकार होगी। मामले की अगली सुनवाई जुलाई के पहले हफ्ते में होगी। हालांकि सीबीआई आयोग के पूर्व चेयरमैन और पूर्व सदस्यों से पूछताछ कर सकेगी।



वर्ष 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्तियों की सीबीआई जांच के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है। हालांकि कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश पर रोक लगाने से फिलहाल इनकार कर दिया है। 


जस्टिस एसए बोबड़े और जस्टिस एल नागेश्वर राव की पीठ यूपीपीएसी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है। 

पीठ ने नौ और 18 जनवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट के दिए गए आदेशों को भी फिलहाल बरकरार रखने के निर्देश दिए हैं। इसका मतलब है कि सीबीआई यूपीपीएससी के मौजूदा चेयरमैन और सदस्यों को तलब कर पूछताछ नहीं कर सकेगी। साथ ही इनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। 

आयोग को सीबीआई द्वारा पूछे जाने वाले सवालों के जवाब मुहैया कराने होंगे। साथ ही आयोग को वे दस्तावेज भी मुहैया कराने होंगे, जिनकी जांच एजेंसी को दरकार होगी। मामले की अगली सुनवाई जुलाई के पहले हफ्ते में होगी। हालांकि सीबीआई आयोग के पूर्व चेयरमैन और पूर्व सदस्यों से पूछताछ कर सकेगी।





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How E-Commerce Websites write Fake Reviews । ZEE जानकारीः भरोसेमंद E-Commerce Websites पर भी किस तरह लिखे जाते हैं Fake Reviews

How E-Commerce Websites write Fake Reviews । ZEE जानकारीः भरोसेमंद
E-Commerce Websites पर भी किस तरह लिखे जाते हैं Fake Reviews
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आजकल जब भी आप कोई चीज़ खरीदते हैं, कोई Hotel Book करते हैं, कोई Restaurant Book करते है, या कोई गाड़ी खरीदते हैं तो उससे पहले Online Reviews ज़रूर पढ़ते हैं. इन Reviews को पढ़ते हुए धीरे धीरे हमारा भरोसा बढ़ता है और हम इन्हीं Reviews के आधार पर कोई Product खरीद लेते हैं या फिर किसी सर्विस के लिए पैसे दे देते हैं. लेकिन ये युग बेईमानी और मिलावट का युग है और अब Online Reviews में Fake Reviews की मिलावट होने लगी है. अब तमाम कंपनियां, Fake Reviews की मदद से अपनी तिजोरियां भर रही हैं और ये सब कुछ आपके भरोसे की कीमत पर हो रहा है. आज हम आपको बताएंगे कि Internet पर विश्वसनीय मानी जाने वाली E-Commerce Websites पर भी किस तरह Fake Reviews लिखे जाते हैं और आपको किस तरह धोखा दिया जाता है. 


इसके लिए हम London में रहने वाले एक ऐसे व्यक्ति की मदद लेंगे, जिसने सिर्फ एक फोन नंबर और कुछ फर्ज़ी तस्वीरों की मदद से Fake Reviews के इस पूरे खेल को Expose कर दिया. ये एक दिलचस्प कहानी है, जिसे देखकर आप जागरूक बनेंगे और Fake Reviews के जाल में फंसने से बच जाएंगे. लेकिन इससे पहले कुछ ज़रुरी बातें. एक आंकड़े के मुताबिक दुनियाभर में 97 फीसदी लोग, कोई भी सामान खरीदने से पहले, और Hotel या Restaurant में किसी भी तरह की Booking से पहले, Online Reviews पढ़ते हैं. Global Information Measurement Company, Nielsen के आंकड़े कहते हैं, कि दुनियाभर में 66 फीसदी लोग Online Reviews पर आंख बंद करके भरोसा करते हैं. जबकि Asia Pacific में ये आंकड़ा 70 फीसदी लोगों का है.


पिछले वर्ष एक रिपोर्ट आई थी, जिसका नाम था - Asia Pacific Fraud Insights. इससे ये पता चला था कि भारत में हर दूसरा आदमी Online Fraud का शिकार है. रिपोर्ट में कहा गया था, कि भारत के 48 प्रतिशत Online Users, किसी ना किसी रुप में धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं. और इसमें Fake Online Reviews भी शामिल हैं. इस रिपोर्ट में भारत सहित एशिया के दस देशों को शामिल किया गया था. ध्यान देने वाली बात ये है, कि Asia Pacific region में इंडोनेशिया के बाद भारत दूसरा ऐसा देश है, जहां सबसे ज़्यादा Digital धोखाधड़ी होती है.


अलग-अलग Reports के मुताबिक Online क्षेत्र में ऐसी कई एजेंसियां सक्रिय हैं, जो किसी सामान या Service को अच्छा या बुरा बताने के लिए Fake Reviews लिखवाती हैं. यानी Fake Reviews लिखने वाले शार्प शूटर ठेके पर रखे जाते हैं और वो किसी कंपनी के पक्ष में या विरोध में Reviews लिखते रहते हैं. जबकि हम और आप जैसे आम लोगों को कभी इस गोलमाल का पता नहीं चलता. और इसके लिए Fake Reviews लिखने वालों को पैसा या अन्य लुभावने Offers दिए जाते हैं.


हाल ही में एक जांच ये में पाया गया था, कि Amazon और Trust Pilot जैसी Websites पर कई ऐसे Reviews थे, जो पूरी तरह से फर्ज़ी थे. और उन Reviews को लिखने वालों को पैसा या फिर उपहार दिए गए थे. हालांकि यहां हम साफ कर दें कि Amazon या Trust Pilot जैसी Websites पर Fake Reviews होने का मतलब ये नहीं है, कि इस धोखाधड़ी में ये Websites भी शामिल हैं. आम तौर पर Fake Reviews का ये पूरा कारोबार वो Vendors करते हैं, जो इन Websites की मदद से अपना सामान बेचते हैं.


अब आपको उस व्यक्ति के बारे में बताते हैं, जिसने Fake Reviews वाले काले बाज़ार की पहली झलक दुनिया को दिखाई है. इस व्यक्ति का नाम है, Oobah Butler, जो एक Freelance Writer हैं. ये व्यक्ति कभी मशहूर Website, Trip Advisor पर Restaurants के लिए Fake Reviews लिखने का काम करता था. एक दिन इस व्यक्ति को लगा, कि क्यों ना एक कदम आगे बढ़कर, एक नकली Restaurant शुरू किया जाए, जिसका असलियत में कोई वजूद ही ना हो. इस व्यक्ति ने सोचा था कि ऐसा करने से Fake Reviews का पूरा कारोबार एक झटके में Expose हो जाएगा. 


इसके लिए इसने अपने घर का इस्तेमाल किया. और एक फर्ज़ी Restaurant बना दिया. इसके बाद इसने एक Website बनाई और उसमें खाने-पीने से जुड़ी कुछ तस्वीरें Post कर दीं. ये तस्वीरें भी फर्ज़ी थीं. इस Website पर Restaurant की खासियतें बताते हुए ये लिखा गया, कि वहां Mood के हिसाब से खाना मिलता है. इसके बाद इस Restaurant को Trip Advisor नामक Website पर Register करवाया गया. और इसके लिए इस आदमी ने अपना ही फोन नंबर दे दिया.


कुछ दिनों के बाद Trip Advisor की तरफ से Restaurant के Registration की सूचना भी आ गई. इसके बाद इस व्यक्ति ने अपने दोस्तों की मदद से इस फर्ज़ी Restaurant के बारे में Fake Reviews लिखने शुरु कर दिए. Restaurant की Website पर ये लिखा गया था, कि वहां पर लोग सिर्फ बुकिंग के ज़रिए ही आ सकते हैं और वो बुकिंग सिर्फ फ़ोन से होगी. शुरुआत में Trip Advisor पर इस Restaurant की Rank, 18 हज़ार 190 थी. लेकिन, Fake Reviews की वजह से ये फर्ज़ी Restaurant लोगों के बीच मशहूर होता चला गया. और इसकी Rank बढ़ती चली गई. 


और देखते ही देखते ये Restaurant 30वें नंबर पर पहुंच गया. जब लोग इस Restaurant में बुकिंग के लिए फोन करते थे, तो हर बार उन्हें Waiting List में डाल दिया जाता था. लोगों को शक न हो, इसके लिए बीच में कुछ Fake Reviews डाल दिए जाते थे. जिनमें लोग ये लिखते थे कि दो हफ्ते के इंतजार के बाद आखिरकार उनका नसीब खुला और उन्हें इस Restaurant में जाने का मौका मिला. इन Fake Reviews को पढ़कर लोगों की दिलचस्पी बढ़ती चली गई. और Trip Advisor पर Register होने के 7 महीने के बाद ये Restaurant, London का नंबर वन Restaurant बन गया. 


लेकिन नकली Restaurant के असली मेहमानों वाली कहानी यहीं ख़त्म नहीं होती. इसके बाद भी बहुत कुछ ऐसा हुआ, जो हैरान कर देने वाला है. और इसके लिए आपको हमारी ये रिपोर्ट देखनी चाहिए. Wion Channel ने Fake Reviews वाले काले बाज़ार का खुलासा करने वाले इस Freelance Writer से बात भी की है. WION ने Amazon, Flipkart और eBay जैसी मशहूर E-Commerce Websites से Fake Reviews को लेकर प्रतिक्रिया मांगी है. इस पर Amazon का एक छोटा सा जवाब आया है. Amazon ने कहा है कि उनकी टीम का कोई सदस्य इस मामले को लेकर संपर्क करेगा. जबकि FlipKart और eBay की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है.


प्रशंसा बहुत मीठा शब्द है . तारीफ़ सभी को अच्छी लगती है . अक्सर जब भी किसी Product की तारीफ होती है तो उसे हर कोई खरीदना चाहता है लेकिन आपको ये नहीं भूलना चाहिए कि इस तारीफ में भी मिलावट हो सकती है. अब आपको बताते हैं कि Fake Reviews को पहचानने का तरीका क्या है? Fake Reviews लिखने वाले लोग कभी भी अपने बारे में जानकारी नहीं देते हैं . अक्सर ये देखा जाता है कि जो लोग Fake Reviews देते हैं वो या तो Product को बहुत अच्छा बताते हैं या फिर बहुत ज़्यादा खराब . यानी उनका Review संतुलित नहीं होता. क्योंकि वो Product इस्तेमाल  किए बिना ही Reviews लिखते हैं . इसकी एक वजह ये भी है कि उन्हें किसी Product को अच्छा या बुरा बताने के लिए ही पैसे मिलते हैं, संतुलित और सच्ची बातें लिखने के लिए पैसे नहीं मिलते.


अगर आपको किसी Product पर एक ही समय पर.. बहुत ज़्यादा Reviews दिखाई दें . तो इस बात की आशंका बढ़ जाती है कि ये Reviews फर्जी होंगे. क्योंकि अक्सर कुछ कंपनियां अपने Products की Marketing के लिए Fake Reviews देने वाले लोगों को Hire करती हैं. जिनका मकसद जल्दी से जल्दी Product की Rating बढ़ाना होता है . Fake Reviews में अक्सर सामान्य बातें लिखी होती हैं . Product को लेकर बहुत कम जानकारी दी जाती है . यानी Product के बारे में Details नहीं दिए जाते. ऐसे Reviews किसी भी Product पर Fit किए जा सकते हैं . और ऐसा नहीं लगता है कि ये Reviews, Product इस्तेमाल करने के बाद लिखे गए हैं . 


Fake Reviews लिखने वाले लोग अक्सर बहुत छोटे वाक्यों का इस्तेमाल करते हैं . मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि सच बोलने की तुलना में झूठ बोलने में ज़्यादा दिमागी ताकत खर्च होती है . इसका असर शब्दावली पर पड़ता है. इसके अलावा Fake Reviews लिखने वाले लोग व्याकरण संबंधी गलतियां करते हैं. कुल मिलाकर Fake Reviews हों या Fake News दोनों ही आपके भरोसे को तोड़ते हैं. और इन दोनों का पता लगाना मुश्किल होता है.




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