Saturday, 26 May 2018

महिला सशक्तिकरण | Women Empowerment in India Speech

महिला सशक्तिकरण | Women Empowerment in India Speech
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21 वी सदी, यानी की एक ऐसा युग जहाँ महिलाओं के सम्मान और महिलाओं के पुरुषों के साथ कदम से कदम और कंधे से कन्धा मिलाने की लिए कई अभियान चलाए गए| लेकिन क्या वाकई में इन अभियानों, आन्दोलनों से हमारी महिलाओं के प्रति सोच में कुछ परिवर्तन आया है| आज मुद्दा महिलाओं को सशक्त करने का नहीं वरन हमारी दकियानूसी सोच में परिवर्तन करने का है| आज हम महिला सशक्तिकरण के इसी मुद्दे पर हम बात करेंगे….Women Empowerment in India Speech





महिला सशक्तिकरण | Women Empowerment in India Speech


कई सालों पहले हमारी भारतीय संस्कृति में कई सारे बदलाव हुए| उन्हीं में एक सबसे बड़ा बदलाव था भारतीय संस्कृति का छोटे-छोटे समाज के रूप में परिवर्तित होना| सालो पहले हमारी भारतीय संस्कृति ने अलग-अलग सामाजिक परिपेक्ष में बदलना शुरू किया जहाँ अपना काम के अनुसार अलग-अलग समाज बने जैसे कोई जुते सिलाई का कम करता है तो वह मोची हुआ, कोई सोने-चंडी के आभूषण बनाता है तो वह सुनार हुआ और अगर कोई लकड़ी का कम करता है तो वह सुतार हुआ| लेकिन इन सभी समाजों के साथ कई सारी दकियानूसी प्रथाएँ और सोच भी उभर कर आई जैसे, दहेज़ प्रथा, घूँघट प्रथा, लड़के की चाह….और इन्हीं  प्रथाओं ने महिलाओं से अपने ही जीवन से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार छिन लिया|


माहिला सशक्तिकरण क्या है ? 


आखिरकार इन सभी दकियानूसी सोच और प्रथाओं से ऊपर उठ कर महिलाओं ने अपने अधिकार के लिए संघर्ष करन शुरू किया और आज हम सभी महिलाओं के सम्मान और अधिकार के लिए लड़ रहें हैं| महिला सशक्तिकरण अभियान महिलाओं के संघर्ष को गति देने का ही एक रूप है जहाँ महिला और पुरुष दोनो समाज की इस सोच से लड़ते हुए उन्हें अपना उचित सम्मान और अधिकार दिलाने का प्रयत्न कर रहें हैं|


इसी कड़ी में हम 8 मार्च को पुरे विश्व में महिला दिवस के रूप में मानते हैं| जहाँ हम महिलाओं के अधिकारों के बारे में चर्चा करते है और महिलाओं को अपना उचित अधिकार दिलाने के लिए कई सारी योजनाओं के ऊपर विचार विमर्श करते हैं|


क्या है महिला आरक्षण | What is Women’s Empowerment All About

भारतीय संविधान दुनियां के उन मुख्य संविधानों में से है जो महिला पुरुष समानता की बात करता है| भारतीय संविधान में सामाजिक, राजनितिक और आर्थिक रूप से महिलाओं को पुरुषों के सामान अधिकार प्राप्त है| लेकिन विडंबना इस बात की है, कि आज भी महिलाओं को अपने अधिकारों को प्राप्त करने और अपने सम्मान के लिए लड़ना पड रहा है|


महिलाओं को पुरुषों के समक्ष लाने और अपना उचित अधिकार दिलाने के लिए भारत की कांग्रेस सरकार ने साल 2008 में एक बिल पेश किया जिसके अनुसार संसद की 33 % सीटों पर महिलाओं के आरक्षण की बात कही गई| कांग्रेस सरकार ने राज्यसभा में इस बिल को पास करवा दिया लेकिन पूर्ण रूप से बहुमत नहीं मिलने के कारण कांग्रेस सरकार इस बिल को लोकसभा में पास नहीं करवा पाई|


आज भी हम नारी शक्ति व् नारी सम्मन की बात तो करते है लेकिन जब महिलाओं के लिए त्राग की बात सामने आती है तो आज भी भारतीय पुरुषों के कदम पीछे की और हट जाते हैं| इस बात का प्रत्यक्ष उदारहण पंचायती चुनाओं में देखने को मिलता है जहाँ राजनीति के क्षेत्र में महिलाओं को 33 % आरक्षण प्राप्त है| यहाँ महिलाऐं पार्टी का टिकैत लेकर चुनाओं जीत तो जाती है लैकिन राजनितिक फैसले आज भी घर के पुरुष ही मिल कर करते हैं|


महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता | women in development


भारत! जिसे कभी सोने की चिड़िया कहा जाता था, जिसके साहित्य और संस्कृति की दुनिया भर में कसमें खाई जाती थी, जहाँ नारी को देवी के रूप में पूजा जाता था| आज वही भारत अपने ही देश में महिलाओं के अधिकारों को पाने के लिए संघर्ष कर रहा है| आखिर क्यों हमें महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) की आवश्यकता है….


देश का विकास :-

 जी हाँ, आपने यह कहावत तो सुनी होगी की किसी भी देश का भविष्य उस देश के युवाओं के हाथ में होता है और लड़कियां और महिलाऐं भी युवा वर्ग में ही आती है, तो फिर क्यों भारत में आज भी महिलाऐं और लड़कियां घर के चूल्हे चोक तक सिमित है| क्यों आज भी महिलाओं को अपने निर्णय खुद लेने और घर के बहार की दुनियां देखने का अधिकार तक प्राप्त नहीं है|



रुडीवादी सोच में परिवर्तन

भारत में साहित्य और संस्कृति को मानने और अपनाने पर काफी जोर दिया जाता है लेकिन साहित्य और संस्कृति को मानने में एक सबसे गलत बात यह है की हम सालों पुराणी हमारी दकियानूसी सोच को नहीं बदल पते जिसके कारन हम आज भी पिछड़े हुएं हैं| अगर महिलाओं को पढने और आगे बढ़ने का उचित अवसर दिया जाए तो वे दुनिया बदलने की ताकत रखती है|


शिक्षा का स्तर

यह बात तो साफ है की आज भी भारत की लगभग एक चोथाई आबादी गाँओं में निवास करती है जहाँ बहतर शीशा की सुविधा नहीं होने के कारण आज भी भारत पूर्ण रूप से शिक्षित देश नहीं बन पाया है| अगर महिलाओं को पढने के उचित अवसर मिलें तो वह अपने परिवार को भी शिक्षित कर अपना व् अपने गाँव का स्तर सुधर सकती है|


गरीबी

महिला सशक्तिकरण का सबसे प्रमुख कारण है गरीबी जैसी गंभीर बीमारी को दूर करना| आप यकीं करें या ना करें भारत में आज भी कई ऐसे इलाकें है जहाँ परिवार दो वक्त की रोटी तक नहीं जूटा पाता| कई बच्चे भोजन के आभाव में भुकमरी का शिकार हो जाते हैं| अगर महिलाओं को शिक्षा व् आगे बढ़ने के उचित अवसर मिले तो वे अपना व् अपने परिवार का खर्चा उठा सकती है|


महिला सशक्तिकरण के लिए कुछ खास कानून | Women’s Right

  • अनैतिक यातायात (रोकथाम) अधिनियम, 1956

  • दहेज निषेध अधिनियम, 1961

  • मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961

  • गर्भावस्था अधिनियम, 1971

  • समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976

  • सती आयोग (रोकथाम) अधिनियम, 1987

  • प्री-कॉन्सेशेशन एंड प्री-नेटाल डायग्नॉस्टिक टेक्निक्स (विनियमन और निवारण) अधिनियम, 1994

  • बाल विवाह अधिनियम, 2006

  • कार्यस्थल पर महिलाओं की यौन उत्पीड़न (रोकथाम और संरक्षण) अधिनियम, 2013

भारत सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई गई योजनाएं | Indian Government Schemes for  Women

  • बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना

  • लाडली लक्ष्न्मी योजना

  • महिला छात्रावास योजना

  • आंगनवाडी योजना

  • इंदिरा गाँधी मात्रत्व सहयोग योजना

  • राष्ट्रीय महिला कोष

महिला सशक्तिकरण | Women Empowerment in India Speech



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पढ़ें महिला सशक्तिकरण पर “हाल ही में मिस वर्ल्ड बनी भारत की मानुषी छिल्लर के बारे में!



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Friday, 4 May 2018

Know What World Bank Report Says On Electricity Program Of India - भारत के गांवों में बिजली को लेकर वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट ने किया ये दावा

Know What World Bank Report Says On Electricity Program Of India - भारत
के गांवों में बिजली को लेकर वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट ने किया ये दावा
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Know What World Bank Report Says On Electricity Program Of India - भारत के गांवों में बिजली को लेकर वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट ने किया ये दावा- Amar Ujala Hindi News















































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Can see a lot of years of India Blues in Shubman Gill: Karthik

Can see a lot of years of India Blues in Shubman Gill: Karthik
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Indian T20 Cricket 2018

Tags: Indian T20 Cricket 2018, 33rd match - Kolkata Knight Riders Vs Chennai Super Kings at Kolkata, May 03, 2018, Kolkata XI, Chennai XI, Krishnakumar Dinesh Karthik, Shubman Gill, IPL

Published on: May 04, 2018

Scorecard | Commentary | Graphs

Kolkata Knight Riders had sweet revenge for their defeat against Chennai Super Kings the last time the two teams met with a comfortable victory on Thursday.


Kolkata Knight Riders had sweet revenge for their defeat against Chennai Super Kings the last time the two teams met with a comfortable victory on Thursday.


One of the stars of the win was Shubman Gill with 57 off 36 balls, and KKR skipper Dinesh Karthik was all praise for the young lad.


“Credit to the management to have taken so many U-19 players. We were a little harsh on Gill earlier, but he’s hit first-ball boundaries in the past too, so he’s been good,” said Dinesh Karthik at the post-match presentation.


“That boy is special. I don’t want to hype it up and put extra pressure on him. I can see a lot of years of India Blues in him,” the KKR captain added.


Karthik also heaped riches on the spin trio of Narine, Kuldeep Yadav and Piyush Chawla. “I picked it up early, that we can bowl a lot of spin on this wicket. Our bowlers are so confident. They wanted to bowl.


“You need to be pushing boundaries. Narine is a thorough all-rounder. Provides impetus at the top and also bowled the pressure overs. He’s a great player to have in the team,” Karthik went on to add.


--By A Cricket Correspondent



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Bill Gates Praises Digital India, Predict Incredible Future - बिल गेट्स ने की डिजिटल इंडिया की सराहना, 'अविश्वसनीय है भारत का भविष्य'

Bill Gates Praises Digital India, Predict Incredible Future - बिल गेट्स ने
की डिजिटल इंडिया की सराहना, 'अविश्वसनीय है भारत का भविष्य'
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प्रौद्योगिकी विकास के साथ साहसी फैसलों का उपयोग भारत के समावेशी विकास में सुधार और स्वास्थ्य व शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद कर सकता है। माइक्रोसाफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने ऐसा एक साक्षात्कार के दौरान कहा। सामाजिक व आर्थिक सुधारों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया की सराहना करते हुए गेट्स ने कहा कि डिजिटलीकरण निगरानी की गुणवत्ता और अंतत: शिक्षा व्यवस्था के सुधार के लिए मददगार है। 

तकनीकी विकास भारत के विकास को तेजी देगा : बिल गेट्स

बिल गेट्स ने आगे यह कहा कि धारणा यह है कि अगर आप अपने आवाम के स्वास्थ्य और पोषण तथा शिक्षा प्रणाली का खयाल रखते हैं, तो भारत के उज्ज्वल भविष्य की इतनी अधिक संभावना है कि इस पर विश्वास नहीं किया जा सकता। जब बिल गेट्स से पूछा गया कि जैसे भारत के शीर्ष नेताओं का कहना था कि डिजिटलीकरण व आधुनिक प्रौद्योगिकी से भारत को आदर्श समाज के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी? तो उन्होंने बिल्कुल हां कहकर इसका उत्तर दिया। 

गेट्स बिल एंड मिलिंडा फाउंडेशन के प्रमुख के तौर पर दुनिया भर में समाज सेवा का काम कर रहें हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अगले 20-25 सालों में जीवन प्रत्याशा, मां की मौत के बिना शिशु का जन्म और कुपोषण जैसे मुद्दों पर बहुत तरक्की करेगा। सिर्फ यही नहीं, यह लैंगिक असंतुलन को दूर करने में भी मदद करेगा। गेट्स ने भारत की जनसंख्या प्रोफाइल को देखते हुए भारत को एक युवा देश कहा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए कदमों की भी तारीफ की।



प्रौद्योगिकी विकास के साथ साहसी फैसलों का उपयोग भारत के समावेशी विकास में सुधार और स्वास्थ्य व शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद कर सकता है। माइक्रोसाफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने ऐसा एक साक्षात्कार के दौरान कहा। सामाजिक व आर्थिक सुधारों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया की सराहना करते हुए गेट्स ने कहा कि डिजिटलीकरण निगरानी की गुणवत्ता और अंतत: शिक्षा व्यवस्था के सुधार के लिए मददगार है। 


तकनीकी विकास भारत के विकास को तेजी देगा : बिल गेट्स

बिल गेट्स ने आगे यह कहा कि धारणा यह है कि अगर आप अपने आवाम के स्वास्थ्य और पोषण तथा शिक्षा प्रणाली का खयाल रखते हैं, तो भारत के उज्ज्वल भविष्य की इतनी अधिक संभावना है कि इस पर विश्वास नहीं किया जा सकता। जब बिल गेट्स से पूछा गया कि जैसे भारत के शीर्ष नेताओं का कहना था कि डिजिटलीकरण व आधुनिक प्रौद्योगिकी से भारत को आदर्श समाज के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी? तो उन्होंने बिल्कुल हां कहकर इसका उत्तर दिया। 

गेट्स बिल एंड मिलिंडा फाउंडेशन के प्रमुख के तौर पर दुनिया भर में समाज सेवा का काम कर रहें हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अगले 20-25 सालों में जीवन प्रत्याशा, मां की मौत के बिना शिशु का जन्म और कुपोषण जैसे मुद्दों पर बहुत तरक्की करेगा। सिर्फ यही नहीं, यह लैंगिक असंतुलन को दूर करने में भी मदद करेगा। गेट्स ने भारत की जनसंख्या प्रोफाइल को देखते हुए भारत को एक युवा देश कहा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए कदमों की भी तारीफ की।





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15 Luxury Hotels In India Included In The List Of World's Most Wanted Hotels - दुनिया के मोस्ट वांटेड होटलों की सूची में शामिल भारत के 15 लक्जरी होटल

15 Luxury Hotels In India Included In The List Of World's Most Wanted
Hotels - दुनिया के मोस्ट वांटेड होटलों की सूची में शामिल भारत के 15 लक्जरी होटल
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली, Updated Fri, 04 May 2018 03:14 PM IST


ग्राहकों की बढ़ती आकांक्षा को पूरा करने में अब भारतीय लक्जरी होटल भी दुनिया के अन्य देशों से प्रतिस्पर्धा में सफल होने लगे हैं। तभी तो होटल्स डॉट कॉम की वर्ष 2018 की रिपोर्ट में भारत के 15 लक्जरी होटल दुनिया के मोस्ट वांटेड होटलों की सूची में शामिल हो पाए हैं। इसमें दिल्ली के तीन, मुंबई और बंगलूरू के 4-4 होटल शामिल हैं। पिछले साल इस सूची में भारत के 8 होटल ही शामिल हो पाए थे। इसमें होटल्स डॉट कॉम द्वारा तैयार वर्ष 2018 की सूची में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के तीन लक्जरी होटलों को स्थान मिला है, जिनमें दि लीला पैलेस, अंदाज-हयात और दि इंपीरियल शामिल हैं। 

होटल्स डॉट कॉम के मोस्ट वांटेड लिस्ट 2018 में दिल्ली के 3 जबकि मुंबई और बंगलूरू के 4-4 होटल शामिल

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के चार होटलों को इस सूची में स्थान मिला है, जिनमें ताजमहल पैलेस, ताज-सांताक्रुज, द ओबराय और जेडब्ल्यू मेरिएट-सहार शामिल हैं। इसमें देश की आईटी राजधानी बंगलूरू के भी चार होटलों को स्थान मिला है। वहां के द ओबराय, सेंट मार्क्स होटल, शांग्री-ला होटल और ताज बंगलूरू इस सूची में शामिल हैं। इसमें चेन्नई के द लीला पैलेस, पुणे के जेडब्ल्यू मैरिएट, कोलकाता के द ओबराय ग्रेंड और गुरूग्राम (एनसीआर) के द ओबराय को भी स्थान मिला है।  

 




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Neemrana Dialogue: No Change In India Position That Terror And Talks Cannot Go Together - भारत की पाक को दो टूक, आतंकवाद और बातचीत साथ साथ नहीं चल सकते

Neemrana Dialogue: No Change In India Position That Terror And Talks
Cannot Go Together - भारत की पाक को दो टूक, आतंकवाद और बातचीत साथ साथ नहीं
चल सकते
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 09:57 AM IST



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भारत सरकार का कहना है कि उसने पाकिस्तान के साथ अनौपचारिक बातचीत नीमराना शुरू कर दी है। यह दोनों देशों के बीच एक सामान्य प्रक्रिया है। जहां एक तरफ विदेश मंत्रालय इस बात पर चुप्पी साधे हुए है कि इस बातचीत को सरकार की तरफ से मंजूरी मिली थी या नहीं वहीं मंत्रालय का कहना है कि वह पहले की स्थिति पर कायम है कि बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते।

इस बातचीत को नीमराना डायलॉग नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि साल 1991-92 में राजस्थान के नीमराना किले में भारत और पाकिस्तान के बीच पहली बैठक हुई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार का कहना है कि दोनों तरफ से व्यावहारिक आदान-प्रदान सामान्य प्रक्रिया के तौर पर जारी है। यह दो नागरिक समाज के बीच एक बैठक थी जोकि पीपुल टू पीपुल बातची का का हिस्सा है। इसमें कुछ नया नहीं है। 

नीमराना डायलॉग की नए सिरे से शुरुआत करने के लिए हाल ही में भारत से एक दल इस्लामाबाद गया था। भारत की तरफ से जहां इस दल का प्रतिनिधित्व पूर्व विदेश सचिव और पाकिस्तान विशेषज्ञ विवेक काटजू और पूर्व एनसीईआरटी प्रमुख जेएस राजपूत ने किया था। वहीं पाकिस्तान की तरफ से पूर्व मंत्री जावेद जब्बर सहित दूसरे लोग मौजूद थे। यह बातचीत 28 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच हुई थी। 

जब कुमार से पूछा गया कि क्या इस डायलॉग को मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है तो उन्होंने इसका सीधा जवाब ना देते हुए बस इतना कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रति भारत का रवैया साफ है जिसमें कोई बदलाव नहीं आया है। हमारी स्थिति अब भी वही है कि वार्ता और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों को लेकर बातचीत हुई थी।



भारत सरकार का कहना है कि उसने पाकिस्तान के साथ अनौपचारिक बातचीत नीमराना शुरू कर दी है। यह दोनों देशों के बीच एक सामान्य प्रक्रिया है। जहां एक तरफ विदेश मंत्रालय इस बात पर चुप्पी साधे हुए है कि इस बातचीत को सरकार की तरफ से मंजूरी मिली थी या नहीं वहीं मंत्रालय का कहना है कि वह पहले की स्थिति पर कायम है कि बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते।


इस बातचीत को नीमराना डायलॉग नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि साल 1991-92 में राजस्थान के नीमराना किले में भारत और पाकिस्तान के बीच पहली बैठक हुई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार का कहना है कि दोनों तरफ से व्यावहारिक आदान-प्रदान सामान्य प्रक्रिया के तौर पर जारी है। यह दो नागरिक समाज के बीच एक बैठक थी जोकि पीपुल टू पीपुल बातची का का हिस्सा है। इसमें कुछ नया नहीं है। 

नीमराना डायलॉग की नए सिरे से शुरुआत करने के लिए हाल ही में भारत से एक दल इस्लामाबाद गया था। भारत की तरफ से जहां इस दल का प्रतिनिधित्व पूर्व विदेश सचिव और पाकिस्तान विशेषज्ञ विवेक काटजू और पूर्व एनसीईआरटी प्रमुख जेएस राजपूत ने किया था। वहीं पाकिस्तान की तरफ से पूर्व मंत्री जावेद जब्बर सहित दूसरे लोग मौजूद थे। यह बातचीत 28 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच हुई थी। 

जब कुमार से पूछा गया कि क्या इस डायलॉग को मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है तो उन्होंने इसका सीधा जवाब ना देते हुए बस इतना कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रति भारत का रवैया साफ है जिसमें कोई बदलाव नहीं आया है। हमारी स्थिति अब भी वही है कि वार्ता और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों को लेकर बातचीत हुई थी।





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India doing extremely well on electrification: World Bank

India doing extremely well on electrification: World Bank
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देश के गांवों में बिजली पहुंचाने का दावा करने वाली मोदी सरकार की तारीफ वर्ल्ड बैंक (World Bank) ने की है. विश्व बैंक ने कहा कि भारत ने विद्युतीकरण के क्षेत्र में ‘बहुत अच्छा’ काम किया है और देश की 80 प्रतिशत आबादी तक बिजली पहुंच गई है.




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Thursday, 3 May 2018

United States can't ignore UP if wants to improve ties with India: Sidharth Nath Singh

United States can't ignore UP if wants to improve ties with India:
Sidharth Nath Singh
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नई दिल्‍ली: यूपी के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा है कि अगर अमेरिका को भारत के साथ मिलकर तरक्‍की करनी है तो उसे यूपी की जरूरत पड़ेगी. सिद्धार्थनाथ सिंह यूपी के एक प्रतिनिधिमंडल को लेकर अमेरिका गए हैं. वाशिंगटन में उन्‍होंने कहा कि अमेरिकी सरकार को यह समझना होगा कि अगर उसे भारत के साथ कारोबार बढ़ाना है तो यूपी इसमें सबसे मजबूत कड़ी होगा. अन्‍य राज्‍यों में भी अमेरिकी कंपनियां कारोबार फैला सकती हैं. उन्‍होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि अगर भारत का हेल्‍थ इंडेक्‍स सुधारना है तो इसकी शुरुआत यूपी से ही होगी, क्‍योंकि आबादी के लिहाज से यूपी बड़े जनसंख्‍या घनत्‍व वाले भारतीय राज्‍यों में से एक है.


 



 


यूपी में निवेश की अपार संभावनाएं
सिंह इस दौरान कैलिफोर्निया की सिलिकॉन वैली में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से भी मिले. इसके बाद उन्‍होंने अमेरिकी सरकार के अफसरों से मुलाकात की और यूपी में निवेश के लिए उन्‍हें प्रेरित किया. उन्‍होंने कहा कि अगर अमेरिकी कंपनियां यूपी में निवेश करेंगी तो इससे उनके कारोबार में बढ़ोतरी होगी, क्‍योंकि यूपी बहुत बड़ा बाजार है और तमाम संभावनाएं हैं. हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां रक्षा निर्माण, आईटी और स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्रों में नए अवसर के लिए हब विकसित करने का ऐलान किया था. इसमें भारत के बड़े कॉरपोरेट-टाटा समूह, रिलायंस और अडानी ग्रुप ने निवेश में दिलचस्‍पी दिखाई है. कुछ बड़े शैक्षिक संस्‍थानों ने भी यहां अपने केंद्र खोलने का प्रस्‍ताव किया है.


 



 


ये बड़े कांट्रेक्‍ट साइन हुए
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने अमेरिका की स्‍टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ कुछ समझौते किए हैं. मीडिया रिपोर्टों में दावा है कि ये समझौते वैक्‍सीन, रेडिएशन एंड कैंसर बॉयोलॉजी सेंटर से संबंधित हैं. इसके तहत यूनिवर्सिटी यूपी में सहयोगी बढ़ाएगी. यूपी में विश्‍वविद्यालय एक एनालिटिकल डेटा सेंटर भी खोल सकता है.


इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा
सिद्धार्थनाथ सिंह के कार्यक्रम में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य कम्पनियों में से एक ‘मेडट्रॉनिक’ के अधिकारियों से भी मिलने का कार्यक्रम था. यह कंपनी उत्तर प्रदेश के हर जिले में कैथ लैब खोलने में दिलचस्पी ले रही है. प्रदेश के द्व‍ितीय श्रेणी के शहरों में अपनी सेवा का विस्तार करने की इच्छुक ‘उबर‘ के अधिकारियों से भी मुलाकात करना कार्यक्रम का हिस्‍सा था. मास्टरकार्ड और वीजा कार्ड ने भी उत्तर प्रदेश में अपना व्यापार फैलाने में रुचि दिखाई है.




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Indian prisoner Jetindaera Arjanwara return to india from pakistan prison

Indian prisoner Jetindaera Arjanwara return to india from pakistan
prison
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Publish Date:Fri, 04 May 2018 08:14 AM (IST)



अमृतसर (एएनआइ)। आखिरकार पाकिस्तान की जेल में पिछले 5 साल से बंद भारतीय नागरिक जितेंद्र अर्जुनवार रिहा हो गया। जितेंद्र के स्वदेश लौटने पर न सिर्फ उनका परिवार बल्कि पूरे देश में खुशी का माहौल है। पाकिस्तान की जेल से रिहा होने के बाद मध्यप्रदेश के निवासी जितेंद्र ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि वे अपने वतन लौटकर बहुत खुशी महसूस कर रहे हैं। जितेंद्र ने बताया कि वे टीबी और कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मेरा पाकिस्तान की जेल में इलाज किया गया और अब मैं वापस लौटकर काफी खुश हूं।'


अटारी नायब तहसीलदार करणपाल सिंह ने कहा कि उन्हें अर्जुनवार को आइसीपी अटासी से अस्पताल ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने कहा, 'मुझे जितेंद्र अर्जुनवार को आइसीपी अटारी से अस्पताल ले जाने की जिम्मेदारी दी गई। उन्हें चिकित्सा अधिकारियों के साथ एम्बुलेंस के माध्यम से लाया गया।' पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने बुधवार को घोषणा की कि वह खराब स्वास्थ्य के कारण भारतीय कैदी जितेंद्र अर्जुनवार को रिहा कर रहे हैं। बता दें कि पहले जितेंद्र को 4 मई को रिहा करने की जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्हें 1 दिन पहले ही रिहा कर दिया गया।



स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सिवनी होंगे रवाना


रिहाई के बाद जितेंद्र को बाघा बॉर्डर पर बीएसएफ के हवाले कर दिया गया। जिसके बाद वहां जितेंद्र का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया गया। बता दें कि जितेंद्र को अभी 2 से 4 दिन स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बाघा बॉर्डर पर ही रखा जाएगा। पूरी तरह से स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही उसे सिवनी अपने घर भेजा जाएगा। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बाघा बॉर्डर से जितेंद्र को उसके भाई भरत के साथ पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ सिवनी के लिए रवाना कर दिया जाएगा।


5 साल बाद स्वदेश लौटे जितेंद्र



करीब पांच सालों से पाकिस्तानी जेल में बंद मध्य प्रदेश का 20 वर्षीय जीतेंद्र अर्जनवार भारत लौट आया है। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के बरघाट गांव का निवासी जीतेंद्र 12 अगस्त, 2013 को घर से झगड़कर राजस्थान की ओर निकल गया था। वहां अजमेर से सीमा पारकर पाकिस्तान जा पहुंचा। पाकिस्तानी रेंजर्स ने उसे पकड़कर सिंध की हैदराबाद सेंट्रल जेल में बंद कर दिया। करीब साल भर बाद जून 2014 में उसकी सजा पूरी हो गई। लेकिन उसकी रिहाई तब तक संभव नहीं थी, जब तक कि भारत उसे अपने नागरिक रूप में स्वीकार न कर ले। कुछ दिन पहले ही यह प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जीतेंद्र को कराची जेल से रिहा कर दिया गया और आज वे स्वदेश लौट आए हैं।


By Nancy Bajpai




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