Saturday, 5 May 2018

Narendra Modi Rallies Karnataka Assebly Election Bjp Congress News And Updates

Narendra Modi Rallies Karnataka Assebly Election Bjp Congress News And
Updates
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बेंगलुरु.नरेंद्र मोदी शनिवार को कर्नाटक के टुमकुर में कहा कि कांग्रेस कई सालों तक गरीब-गरीब चिल्लाती रही। लेकिन जब देश ने एक गरीब परिवार के व्यक्ति को प्रधानमंत्री चुन लिया तो उसने ये कहना बंद कर लिया। मोदी आज कर्नाटक में गड़ाग, शिमोगा और मैंगलुरु में भी सभाएं करेंगे। विधानसभा चुनाव के लिए 12 मई को मतदान होगा, 15 को नतीजे आएंगे।

वो तो आलू से सोना पैदा करने के बारे में सोचते हैं

- मोदी ने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा, "अब कांग्रेस वालों ने ऊपर से नीचे तक, लोकल हो, देशी हो या विदेशी हो, इधर से हो या उधर से हो, समझ हो या न हो, चना का पेड़ होता है या पौधा होता है, लाल मिर्च होती है या हरी, इसका भी जिनको ज्ञान नहीं है। जो आलू से सोना पैदा करने के बारे में सोचते हैं। वो अब दिन-रात किसान-किसान बोल रहे हैं।"
- "इंदिरा गांधी के समय से लेकर कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए गरीबों को मूर्ख बना रही है। कांग्रेस एक झूठ बोलने वाली पार्टी है। वे एक बार फिर चुनाव जीतने के लिए झूठ का सहारा ले रहे हैं। न तो उन्हें किसानों की चिंता है और न ही गरीबों की। लोग अब कांग्रेस से थक चुके हैं।"
- "कर्नाटक के लोगों को कांग्रेस और जेडीएस के अनकहे गठबंधन को समझना चाहिए। वे लड़ते दिख तो रहे हैं लेकिन बेंगलुरु में जेडीएस, कांग्रेस के एक मेयर को समर्थन कर रही है।"

टुमकुरु महान लोगों की भूमि
- मोदी ने कहा, "टुमकुरु महान लोगों की धरती है। प्रधानमंत्री बनने के बाद मैं यहां आया था और सिद्धगंगा मठ के स्वामी शिवकुमार का आशीर्वाद लिया था।"

- "टुमकुरु के लोगों को हेमावती नदी का पानी क्यों नहीं मिल पा रहा? सिंचाई के क्षेत्र में बीते 30 साल से कोई काम नहीं हुआ। कांग्रेस की रुचि तो केवल कालाधन भरने में है। "



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Thursday, 3 May 2018

Amit Shah Will Start Election Preparations In Madhya Pradesh - मध्यप्रदेश में चुनावी तैयारियों का श्रीगणेश करेंगे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह

Amit Shah Will Start Election Preparations In Madhya Pradesh - मध्यप्रदेश
में चुनावी तैयारियों का श्रीगणेश करेंगे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह
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डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 09:06 AM IST



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बीजेपी का एक कोर-ग्रुप मध्य प्रदेश में चुनावी तैयारियों का श्रीगणेश करने के लिए 4 मई को भोपाल पहुंचने वाला है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में यह कोर ग्रुप चुनावी मंथन शिविर में हिस्सा लेगा। कर्नाटक चुनावों से थोड़ा वक्त निकाल कर अमित शाह इस दौरान तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी करेंगे।

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के खिलाफ उठ रही विरोध की लहर को शांत करने के लिए बीजेपी का कोर ग्रुप भोपाल जाने वाला है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह कोर ग्रुप चार दिनों तक राज्य में जल्दी चुनावों की रणनीति तय करने का खाका तैयार करेगा। साथ ही, कोर ग्रुप उन चुनौतियों का भी आंकलन करेगा, जिनका पार्टी पिछले कुछ समय से सामना कर रही है। साथ ही कमजोर मोर्चों पर रणनीति बनाने पर भी चर्चा भी करेंगे। 

बीजेपी अध्यक्ष इस विशेष मंथन शिविर से निकले सुझावों की समीक्षा भी करेंगे और उपचुनावों में मिली हार के कारणों पर भी मंथन करेंगे। इसके अलावा शाह बीजेपी के तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक करेंगे। बैठक में करीब 3000 कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी के करीब 58 जिलाध्यक्ष और 800 से ज्यादा मंडल अध्यक्षों के शामिल होने की उम्मीद है।

सूत्रों के मुताबिक कोर ग्रुप के साथ इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के अलावा मुख्यमंत्री, नवनिर्वाचित राज्य प्रभारी राकेश सिंह, पार्टी इन-चार्ज विनय सहस्रबुद्धे, पूर्व राज्य प्रभारी और राज्य सभा सांसद प्रभात झा के भी शामिल होने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि हाल ही में कांग्रेस ने भी राज्य में चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। राज्य के दो क्षत्रपों दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बावजूद वरिष्ठ नेता कमल नाथ को राज्य प्रभारी बनाया गया है। इन बदलावों से बीजेपी में यह संदेश गया है कि कांग्रेस पार्टी में पूरी एकजुटता है और पूरी तरह से वह चुनावी रणनीति बनाने में जुटी हुई है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी को कहीं न कहीं अंदेशा है कि 15 साल पुराने शासन के खिलाफ विरोध के स्वर उठ सकते हैं। दिग्विजय सिंह पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के लिए राज्य के कोने-कोने का दौरा कर रहे हैं।

4 दिनों तक होने वाली इस कोर ग्रुप की मीटिंग में बीजेपी नेता वरिष्ठ आरएसएस सहयोगियों के साथ भी आगामी चुनावी रणनीति पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। पार्टी की कोशिश है कि चुनावों की अधिसूचना जारी होने से पहले ही राज्य में चुनावी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। गौरतलब है कि इस साल के आखिर तक बीजेपी शासित मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी चुनाव होने हैं।



बीजेपी का एक कोर-ग्रुप मध्य प्रदेश में चुनावी तैयारियों का श्रीगणेश करने के लिए 4 मई को भोपाल पहुंचने वाला है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में यह कोर ग्रुप चुनावी मंथन शिविर में हिस्सा लेगा। कर्नाटक चुनावों से थोड़ा वक्त निकाल कर अमित शाह इस दौरान तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी करेंगे।


मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के खिलाफ उठ रही विरोध की लहर को शांत करने के लिए बीजेपी का कोर ग्रुप भोपाल जाने वाला है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह कोर ग्रुप चार दिनों तक राज्य में जल्दी चुनावों की रणनीति तय करने का खाका तैयार करेगा। साथ ही, कोर ग्रुप उन चुनौतियों का भी आंकलन करेगा, जिनका पार्टी पिछले कुछ समय से सामना कर रही है। साथ ही कमजोर मोर्चों पर रणनीति बनाने पर भी चर्चा भी करेंगे। 

बीजेपी अध्यक्ष इस विशेष मंथन शिविर से निकले सुझावों की समीक्षा भी करेंगे और उपचुनावों में मिली हार के कारणों पर भी मंथन करेंगे। इसके अलावा शाह बीजेपी के तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक करेंगे। बैठक में करीब 3000 कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी के करीब 58 जिलाध्यक्ष और 800 से ज्यादा मंडल अध्यक्षों के शामिल होने की उम्मीद है।

सूत्रों के मुताबिक कोर ग्रुप के साथ इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के अलावा मुख्यमंत्री, नवनिर्वाचित राज्य प्रभारी राकेश सिंह, पार्टी इन-चार्ज विनय सहस्रबुद्धे, पूर्व राज्य प्रभारी और राज्य सभा सांसद प्रभात झा के भी शामिल होने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि हाल ही में कांग्रेस ने भी राज्य में चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। राज्य के दो क्षत्रपों दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बावजूद वरिष्ठ नेता कमल नाथ को राज्य प्रभारी बनाया गया है। इन बदलावों से बीजेपी में यह संदेश गया है कि कांग्रेस पार्टी में पूरी एकजुटता है और पूरी तरह से वह चुनावी रणनीति बनाने में जुटी हुई है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी को कहीं न कहीं अंदेशा है कि 15 साल पुराने शासन के खिलाफ विरोध के स्वर उठ सकते हैं। दिग्विजय सिंह पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के लिए राज्य के कोने-कोने का दौरा कर रहे हैं।

4 दिनों तक होने वाली इस कोर ग्रुप की मीटिंग में बीजेपी नेता वरिष्ठ आरएसएस सहयोगियों के साथ भी आगामी चुनावी रणनीति पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। पार्टी की कोशिश है कि चुनावों की अधिसूचना जारी होने से पहले ही राज्य में चुनावी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। गौरतलब है कि इस साल के आखिर तक बीजेपी शासित मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी चुनाव होने हैं।





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Congress Gives Support To Cpi (m) In Maheshtala By Election In West Bengal - प. बंगाल के महेशतला उपचुनाव में कांग्रेस ने माकपा को दिया समर्थन

Congress Gives Support To Cpi (m) In Maheshtala By Election In West
Bengal - प. बंगाल के महेशतला उपचुनाव में कांग्रेस ने माकपा को दिया समर्थन
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ब्यूरो, अमर उजाला, कोलकाता
Updated Thu, 03 May 2018 10:59 PM IST



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पश्चिम बंगाल के महेशतला विधानसभा सीट पर 28 मई को होने वाले उपचुनाव में माकपा उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला किया है। इससे दोनों दलों के एक बार फिर करीब आने का संकेत मिलता है। इन दोनों दलों ने वर्ष 2016 के विधानसभा चुनावों में तालमेल किया था। लेकिन बाद में दोनों के रास्ते अलग हो गए थे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अब्दुल मन्नान ने कहा कि उनकी पार्टी के महेशतला उपचुनाव में उम्मीदवार उतारने की संभावना नहीं है। वर्ष 2016 में भी उस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार मैदान में नहीं थे। 

पार्टी इस बार भी वहां माकपा उम्मीदवार को समर्थन देगी। ध्यान रहे कि तृणमूल कांग्रेस की महिला विधायक कस्तूरी दास के निधन की वजह से महेशतला सीट पर उपचुनाव हो रहा है। पार्टी ने इस बार यहां कस्तूरी के पति बिलाल दास को अपना उम्मीदवार बनाया है।



पश्चिम बंगाल के महेशतला विधानसभा सीट पर 28 मई को होने वाले उपचुनाव में माकपा उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला किया है। इससे दोनों दलों के एक बार फिर करीब आने का संकेत मिलता है। इन दोनों दलों ने वर्ष 2016 के विधानसभा चुनावों में तालमेल किया था। लेकिन बाद में दोनों के रास्ते अलग हो गए थे।


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अब्दुल मन्नान ने कहा कि उनकी पार्टी के महेशतला उपचुनाव में उम्मीदवार उतारने की संभावना नहीं है। वर्ष 2016 में भी उस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार मैदान में नहीं थे। 

पार्टी इस बार भी वहां माकपा उम्मीदवार को समर्थन देगी। ध्यान रहे कि तृणमूल कांग्रेस की महिला विधायक कस्तूरी दास के निधन की वजह से महेशतला सीट पर उपचुनाव हो रहा है। पार्टी ने इस बार यहां कस्तूरी के पति बिलाल दास को अपना उम्मीदवार बनाया है।





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Wednesday, 2 May 2018

Narendra Modi Rallies In Karnataka Assembly Election

Narendra Modi Rallies In Karnataka Assembly Election
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बेंगलुरू.कर्नाटक में मोदी गुरुवार को कलबुर्गी, बेल्लारी और बेंगलुरु में 3 रैलियां करेंगे। इस दौरान मोदी 47 सीटों को कवर करेंगे। उधर, स्थानीय नेताओं की मांग पर प्रधानमंत्री की रैलियों की संख्या बढ़ा दी है। पहले शेडयूल में उन्हें 15 जगह जनसभाओं को संबोधित करना था। अब 6 और रैलियां करेंगे। यानी मोदी अब कुल 21 रैलियां करेंगे। हालांकि, अभी भाजपा ने यह नहीं बताया है कि ये रैलियां कहां और कब होंगी। इन नेताओं का कहना है कि मोदी की 1 मई को हुई 3 रैलियों से माहौल बदला है। बता दें कि राज्य में 224 सीटों पर 12 मई को वोटिंग होगी और 16 मई को नतीजे आएंगे।

21 सभाओं में 215 सीटों को कवर करेंगे
- कर्नाटक में मोदी की पहले 15 रैलियां प्रस्तावित थीं। अब 6 और रैलियों में बदलाव किया गया है। मोदी के चुनाव प्रचार का अगला चरण 5 मई को शुरू होगा। इसमें मोदी टुमकुर, शिवमोगा (शिमोगा) और गड़ाग में सभाएं करेंगे। यहां वे 49 सीटों को कवर करेंगे।

- मोदी 7 मई को रायचूर, चित्रदुर्ग, कोलार और 8 मई को विजयवाड़ा और मैंगलुरु में रैली करेंगे। इन दो दिनों में वे 65 सीटों को कवर करेंगे।

- मोदी ने अपने चुनाव अभियान की शुरुआत 1 मई को थी। मोदी ने पहली सभा में चामाराजनगर, मैसूर और मांड्या की 22 सीटों को कवर किया था। इस तरह मोदी 21 सभाओं के जरिए 215 सीटों को कवर करेंगे।

मोदी ने साधा था राहुल गांधी के 15 मिनट की चुनौती पर निशाना
- नरेंद्र मोदी ने पहले चरण के चुनावी अभियान में कांग्रेस सीएम सिद्धारमैया और राहुल गांधी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था- राहुल सिद्धारमैया सरकार की उपलब्धियों पर किभी भी भाषा में बिना पढ़े 15 मिनट बोलकर दिखाएं।

- मोदी के इस बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई। जवाब में सिद्धारमैया ने कहा था- "येदियुरप्पा की पूर्व सरकार की उपलब्धियों पर प्रधानमंत्री कागज से पढ़कर ही 15 मिनट बोल दें।"

मोदी ने किसानों से भी किया संवाद
- मोदी ने बुधवार को पार्टी की किसान इकाई के कार्यकर्ताओं से भी ऐप के जरिए बात की। कर्नाटक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शिकायतों पर मोदी ने कर्नाटक सरकार को उदासीन बताया।



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Florida special election results hint at potential Democratic wave in the midterms – ThinkProgress

Florida special election results hint at potential Democratic wave in
the midterms – ThinkProgress
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On Tuesday, Floridians in two separate districts cast their votes in the state’s final special election before the November midterms — and the results may point to a rising progressive movement in the state.


Democrats have fared well in previous special elections in the notoriously purple state that voted for President Donald Trump in 2016 — 49 percent to Hillary Clinton’s 47.8 percent.


That streak appears to have continued into Tuesday’s election, at least in south Florida.


Democrat Javier Fernandez won Florida’s 114th House District by four percentage points despite being outspent by his opponent three to one. The 114th district, located along the southeastern coast of Miami-Dade county, has flip-flopped between Republican and Democratic representation over the years. Fernandez will replace Daisy Baez, a Democrat who held the seat for just a year before resigning in October 2017 after it was revealed that she did not reside in the district she represented — a requirement under Florida law. Before Baez was elected, Republican Erik Fresen represented the 114th district for nearly eight years.


The partisan shift in the district has happened only in the last year or so, aided by a rapidly changing demographic that leans to left, in addition to a progressive push for tighter gun restrictions in the wake of the shooting in Parkland, Florida. Coral Gables, an affluent city in the 114th district, was one of the first municipalities to push for an assault weapons ban after the shooting. Because municipal governments in the state are not allowed to regulate their own gun laws according to the Florida constitution, the mayor of Coral Gables, along with a number of south Florida mayors, have sued the state, claiming the provision violates their First Amendment rights.


While Fernandez will only hold office for six months, Democrats have considered the 114th district a significant win, coming on the heels of a series of wins in small local elections.


“Tonight’s special election victory is the latest in a string of special election victories for Florida Democrats, which shows us that after nearly 20 years of failed Republican leadership, people are ready for a change,” state party chairwoman Terrie Rizzo said in a statement to The Miami Herald.


The other special election Tuesday occurred in Florida’s House District 39, which encompasses Polk and Osceola counties in central Florida — a  solidly Republican part of the state. The Republican candidate, 22-year-old Josie Tomkow, was expected to win, and she did easily, with 60 percent of the vote. The seat went plus-19 points for Trump in 2018, and Tomkow campaigned on a pro-Trump agenda, demonstrating that in Florida’s deep red districts, the president’s policies are still popular.


But elsewhere in the state, Democrats continue to rack up the wins. In September, Annette Taddeo won Florida’s Senate District 40, a Latinx-majority district with a long and confusing history of voting for Democratic presidents but Republican lawmakers. Margaret Good, a Democrat in Sarasota along the state’s west coast, flipped a Republican-held seat in a district Trump won last February. Trump won the district by five points, while Good was able to win by a margin of 7.4 points.




Good’s win was the 36th pick-up for Democrats since Trump was elected.


There is a progressive movement growing in Florida, with the recent influx of some 300,000 mostly liberal Puerto Ricans displaced by Hurricane Maria and the possibility of former felons having their rights restored.


Some demographic experts, however, are skeptical as to whether it could actually help turn the state blue for good.


The number of Democratic candidates is double the number of Republican candidates for the highly contested race for governor, many of them advocating for a $15 minimum wage, free community college tuition, and affordable housing.


Florida’s “blue wave” is consistent with what many other purple states like Pennsylvania and Arizona are experiencing.


According to the Cook Report, 13 congressional districts have shifted to the Democrats’ favor ahead of November’s midterm elections, and there are at least 38 districts where Republicans have announced they are retiring, running for another office, or resigning outright — 12 of those are at serious risk of falling to a Democrat.












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No Prise Rise In Petrol And Diesel Due To Karnataka Election, No Official Statement From Ministry - तो क्या 12 मई के बाद बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम!

No Prise Rise In Petrol And Diesel Due To Karnataka Election, No
Official Statement From Ministry - तो क्या 12 मई के बाद बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के
दाम!
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No Prise Rise In Petrol And Diesel Due To Karnataka Election, No Official Statement From Ministry - तो क्या 12 मई के बाद बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम!- Amar Ujala Hindi News















































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Karnataka Election First Time In The Country Chunavana App To Be Use

Karnataka Election First Time In The Country Chunavana App To Be Use
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बेंगलुरु.कर्नाटक विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग इलेक्शन से जुड़ी अहम जानकारी मुहैया कराने के लिए खास मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करेगा। देश में अपनी तरह का यह पहला प्रयोग होगा। बुधवार को कर्नाटक रिमोट सेंसिंग एजेंसी ने चुनाव (इलेक्शन) ऐप लॉन्च किया। आयोग के मुताबिक, इससे राज्य के 5 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं को पोलिंग बूथ, उम्मीदवारों और मतदान से जुड़ी अहम जानकारी मिलेगी। बता दें कि कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों के लिए 12 मई को वोट डाले जाएंगे और नतीजे 15 तारीख को आएंगे।

ऐप पर मिलेगा सभी मतदान केंद्रों का नक्शा

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने चुनाव ऐप लॉन्च करते हुए कहा कि यह मतदाताओं के बीच जागरुकता बढ़ाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का बेहतर इस्तेमाल साबित होगा।

- चुनाव ऐप में कर्नाटक की सभी विधानसभा सीटों के अंतर्गत आने वाले 56 हजार 696 मतदान केंद्रों का नक्शा लोड किया गया है। इसके जरिए मतदाता अपना वोटर आईडी नंबर, मतदान केंद्र तक जाने का रास्ता और वहां लगी कतारों की जानकारी हासिल कर पाएंगे।

उम्मीदवारों की परफार्मेंस भी पता चलेगी

- इस ऐप के जरिए मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार से जुड़ी अहम जानकारी जान सकते हैं। मसलन पिछले चुनावों में उम्मीदवारों की परफार्मेंस क्या थी और उन्हें कितने वोट मिले थे।

ऐप के साथ वेब पर भी मिलेगी जानकारी

- चुनाव ऐप के जैसे ही वेबसाइट kgis.ksrsac.in/election पर भी जानकारियां उपलब्ध रहेंगी। इसके लिए कर्नाटक एप्लीकेशन सेंटर ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मतदाता चाहें तो साइट पर जाकर भी किसी विधानसभा क्षेत्र और उम्मीदवारों से जुड़ी जानकारियां हासिल कर सकते हैं।

मतगणना के वक्त भी अपडेट मिलेगा

- चुनाव आयोग ने वेब और ऐप को ऐसे डिजाइन कराया है कि मतगणना के वक्त भी लोगों को उम्मीदवारों को मिले वोटों के अपडेट मिलते रहेंगे। साथ ही ऐप में दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर बुक करने का ऑप्शन दिया गया है, ताकि वे मतदान केंद्र तक आसानी से पहुंच सकें।



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Libya Violence: Many Killed In Tripoli Election Hq Attack - लीबिया में आत्मघाती हमला, चुनाव आयोग के मुख्यालय में 11 लोगों के मारे जाने की खबर

Libya Violence: Many Killed In Tripoli Election Hq Attack - लीबिया में
आत्मघाती हमला, चुनाव आयोग के मुख्यालय में 11 लोगों के मारे जाने की खबर
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लीबिया में हुए एक आत्मघाती हमले में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है। आत्मघाती हमलावर ने राजधानी त्रिपोली स्थित चुनाव आयोग के मुख्यालय में खुद को उड़ा दिया। सरकार ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने मृतकों की संख्या की पुष्टि कर दी है, जबकि हमले में दो घायल भी हैं। 

आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय चुनाव आयोग के मुख्यालय से तेज धमाके की आवाज सुनी, जिसके बाद वहां धुएं का काला गुबार बन गया। 

धमाके के बाद गोलियों की आवाज भी सुनाई दी गईं। हालांकि अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे इस्लामिक स्टेट (आईएस) है। बता दें कि 30 मार्च को भी लीबिया के पूर्वी हिस्से में एक आत्मघाती कार हमले में आठ लोगों की मौत हो गई थी, जिसकी जिम्मेदारी आईएस ने ली थी। 



लीबिया में हुए एक आत्मघाती हमले में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है। आत्मघाती हमलावर ने राजधानी त्रिपोली स्थित चुनाव आयोग के मुख्यालय में खुद को उड़ा दिया। सरकार ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने मृतकों की संख्या की पुष्टि कर दी है, जबकि हमले में दो घायल भी हैं। 


आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय चुनाव आयोग के मुख्यालय से तेज धमाके की आवाज सुनी, जिसके बाद वहां धुएं का काला गुबार बन गया। 

धमाके के बाद गोलियों की आवाज भी सुनाई दी गईं। हालांकि अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे इस्लामिक स्टेट (आईएस) है। बता दें कि 30 मार्च को भी लीबिया के पूर्वी हिस्से में एक आत्मघाती कार हमले में आठ लोगों की मौत हो गई थी, जिसकी जिम्मेदारी आईएस ने ली थी। 





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Amit Shah Will Go To Madhya Pradesh To Check Election Preparations - चुनावी तैयारियों का जायजा लेने मध्यप्रदेश जाएंगे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह

Amit Shah Will Go To Madhya Pradesh To Check Election Preparations -
चुनावी तैयारियों का जायजा लेने मध्यप्रदेश जाएंगे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Updated Wed, 02 May 2018 04:42 PM IST



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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह चार मई को भोपाल पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि शाह राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेंगे साथ ही प्रचार की रणनीति भी तय करेंगे। शाह चार दिनों तक राज्य में रहेंगे और पार्टी के सभी 400 मंडलों की बैठक लेंगे। 

गौरतलब है कि हाल ही में राकेश सिंह को प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राकेश सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद शाह का यह पहला प्रदेश दौरा है। मध्यप्रदेश भाजपा की कोर टीम चार दिनों तक राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में चुनावी रणनीति तय करेगी और उसकेa चरणवार क्रियान्वन की रूपरेखा भी तय की जाएगी।



भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह चार मई को भोपाल पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि शाह राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेंगे साथ ही प्रचार की रणनीति भी तय करेंगे। शाह चार दिनों तक राज्य में रहेंगे और पार्टी के सभी 400 मंडलों की बैठक लेंगे। 


गौरतलब है कि हाल ही में राकेश सिंह को प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राकेश सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद शाह का यह पहला प्रदेश दौरा है। मध्यप्रदेश भाजपा की कोर टीम चार दिनों तक राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में चुनावी रणनीति तय करेगी और उसकेa चरणवार क्रियान्वन की रूपरेखा भी तय की जाएगी।




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