Friday, 4 May 2018

कर्नाटक विधानसभा चुनाव : 'मुधोल' में भाजपा को मिल रही कड़ी चुनौती

कर्नाटक विधानसभा चुनाव : 'मुधोल' में भाजपा को मिल रही कड़ी चुनौती
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नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव की जंग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस की विचारधाराओं के साथ दिग्गजों की जंग के रूप में भी देखी जा रही है.  दोनों पार्टियां जहां हर सीट पर जीत हासिल करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही हैं तो वहीं कुछ सीटें ऐसी हैं जहां नेताओं का रुतबा उनकी जीत की गारंटी तय करता दिखाई देता है. भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बी.एस. येदियुरप्पा के बाद राज्य इकाई के दूसरे दिग्गज नेता गोविंद करजोल मुधोल विधानसभा क्षेत्र से मैदान में हैं. कर्नाटक विधानसभा क्षेत्र संख्या-19 यानी मुधोल निर्वाचन क्षेत्र दुनिया भर में शिकारी कुत्ते की मूल नस्ल के लिए जाना जाता है.


1900 के दशक में इंग्लैंड की यात्रा करने वाले मुधोल के महाराजा किंग जॉर्ज पांचवें को शिकारी कुत्तों का एक जोड़ा भेंट किया था, जो मुधोल नस्ल को लोकप्रिय बनाता था. मुधोल में शिव का एक बहुत पुराना भूमिगत मंदिर है. साथ ही मुधोर यहां पाए जाने वाले बारीक पत्थरों के लिए भी प्रसिद्ध है. मुधोल तालुक में बहुत अधिक संख्या में हैंडलूम हैं, जहां हस्तनिर्मित साड़ी बनाई जाती हैं.


मुधोल कई चीनी कारखानों के लिए भी पूरे राज्य में प्रसिद्ध है
इन साड़ियों की देश भर में अच्छी मांग भी हैं. इसके अलावा मुधोल कई चीनी कारखानों के लिए भी पूरे राज्य में प्रसिद्ध है. बात करें क्षेत्रीय राजनीति की तो मुधोल निर्वाचन क्षेत्र 1978 से लेकर 2008 से अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी के लिए आरक्षित था.  हालांकि 2013 में इसे एक सामान्य श्रेणी निर्वाचन क्षेत्र में बदल दिया गया था. उत्तरी कर्नाटक के बागलकोट जिले में स्थित मुधोल निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव की शुरुआत 1957 के बाद से कभी भी भाजपा का नेता दूसरे नंबर पर नहीं रहा. हालांकि 1999 इसका अकेला अपवाद रहा है, जहां कांग्रेस उम्मीदवार रामप्पा बालाप्पा ने गोविंद करजोल को शिकस्त दी थी. 


गोविंद करजोल मुधोल निर्वाचन क्षेत्र के सबसे अनुभवी उम्मीदवार
भाजपा कर्नाटक इकाई के उपाध्यक्ष गोविंद करजोल मुधोल निर्वाचन क्षेत्र के सबसे अनुभवी उम्मीदवार हैं.  1994 में जनता दल के टिकट पर कांग्रेस के उम्मीदवार रामप्पा बालाप्पा के खिलाफ चुनाव लड़कर जीतने वाले गोविंद ने इस क्षेत्र पर कब्जा जमाया था.  हालांकि 1999 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बालाप्पा के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा था, लेकिन 2004, 2008 और 2013 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज कर गोविंद ने इस सीट को भाजपा की सुरक्षित सीटों में शुमार कर दिया. प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद विधानसभा चुनाव 2018 में एक बार फिर से मैदान में हैं. 


नए नेता सतीश को टिकट दिए जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया
वहीं लगातार पांच विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के हाथ के साथ मैदान में उतरने वाले रामप्पा बालाप्पा से पार्टी ने किनारा कर सतीश चिन्नपा बंदीवद्दार को टिकट दिया है. नए नेता सतीश को टिकट दिए जाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया था और पांच बार गोविंद के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले रामप्पा बालाप्पा को फिर से टिकट देने की मांग की थी. वहीं राज्य में सत्ता की राह तलाश रही जनता दल (सेक्युलर) ने शंकर नाईक को चुनाव मैदान में उतारा है. शंकर ने 2003 में अखिल भारतीय प्रगतिशील जनता दल (एआईपीजेडी) का दामन छोड़कर जेडी (एस) का हाथ थामा था. 


इसके साथ ही शिवसेना के अरविंद कांबली, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के भीमराव कालवगोल, प्रबुद्ध रिपब्लिकन पार्टी के रमेश गोन्यागोल, कर्नाटक राज्य रोयता संघ के बस्वंत लक्ष्मण कांबली और एक निर्दलीय चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन पहले ही जनता दल (सेक्युलर) को अपना समर्थन देने की घोषणा कर चुकी है. कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 12 मई को मतदान होगा और मतों की गणना 15 मई को होगी. 


इनपुट एजेंसी से भी  




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Thursday, 3 May 2018

कर्नाटक के लिए भाजपा का घोषणापत्र: 1 लाख रुपए तक का फसली कर्ज माफ होगा, महिलाओं को मुफ्त स्मार्टफोन

कर्नाटक के लिए भाजपा का घोषणापत्र: 1 लाख रुपए तक का फसली कर्ज माफ होगा,
महिलाओं को मुफ्त स्मार्टफोन
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कर्नाटक चुनाव के लिए भाजपा ने शुक्रवार को घोषणापत्र जारी कर दिया। इसमें उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए कई योजनाओं का एलान किया। किसानों को 1 लाख रुपए तक फसल कर्ज माफ करने के साथ किसानों तक पानी पहुंचाने के लिए 1.50 लाख करोड़ रूपए के सिंचाई प्रोजेक्ट्स और 1 लाख रूपए तक के फसल कर्ज माफ कर दिए जाएंगे। वहीं, बीपीएल परिवारों को स्मार्टफोन और कॉलेज छात्रों को लैपटॉप देने का वादा किया।


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Wednesday, 2 May 2018

कांग्रेस ने BJP पर किया पलटवार, कहा- अब भाजपा नेताओं के सपने में भी राहुल गांधी आ रहे हैं

कांग्रेस ने BJP पर किया पलटवार, कहा- अब भाजपा नेताओं के सपने में भी राहुल गांधी आ
रहे हैं
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राहुल गांधी को ‘बिना पढ़े भाषण देने’ की चुनौती दिए जाने पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने बुधवार(2 मई) को कहा कि मोदी ‘जन आक्रोश’ रैली के राहुल के भाषण का वीडियो देख लें तो उनको जवाब मिल जाएगा. पार्टी ने यह भी दावा किया कि अब तो भाजपा नेताओं के सपने में भी कांग्रेस अध्यक्ष आ रहे हैं. कर्नाटक विधानसभा चुनाव में ‘सांप्रदायिक कार्ड’ के भाजपा के आरोप को खारिज करते हुए कांग्रेस ने यह आरोप लगाया कि भाजपा कर्नाटक में 'येद्दी-रेड्डी गैंग' को सरंक्षण दे रही है और ‘भ्रष्टाचार की प्रतिमूर्ति' बीएस येदियुरप्पा के साथ खड़े होने वाले प्रधानमंत्री मोदी को इस विषय पर बात करने का नैतिक अधिकार नहीं है.


पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा के नेता इन दिनों दिन-रात राहुल गांधी का नाम ले रहे हैं. ऐसा लगता है कि राहुल गांधी उनके सपने में भी आ रहे हैं.’’ राहुल को ‘बिना पढ़े भाषण देने’ की मोदी द्वारा चुनौती दिए जाने पर शुक्ला ने कहा, ‘‘रामलीला मैदान में सबने देखा कि राहुल जी 32 मिनट तक बोले और उनका भाषण लिखा हुआ नहीं था.


प्रधानमंत्री को राहुल जी को उस भाषण का वीडियो देखना चाहिए. अगर वह भाषण देखेंगे और सुनेंगे तो उनको जवाब जरूर मिल जाएगा.’’ प्रधानमंत्री ने कल कर्नाटक में एक चुनावी सभा में कहा था, 'हम कांग्रेस के अध्यक्ष के सामने नहीं बैठ सकते हैं, आप नामदार और हम कामदार हैं.


हम तो अच्छे कपड़े भी नहीं पहन सकते हैं, आपके सामने कैसे बैठेंगे.' मोदी ने तंज कसते हुए कहा कि आप (राहुल) जिस भाषा में भी बात कर सकें, हाथ में कागज लिए बगैर कर्नाटक सरकार की उपलब्धियां ही जनता के सामने बोल दीजिए. शुक्ला ने कहा, 'प्रधानमंत्री के मंच पर येदियुरप्पा खड़े होते हैं. ऐसे में मोदी जी को भ्रष्टाचार पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. येदियुरप्पा भ्रष्टाचार की प्रतिमूर्ति हैं. जब आप उनका साथ दे रहे हैं और भ्रष्टाचार के बारे में बोलते हैं तो अजीबोगरीब लगता है.' उन्होंने दावा किया, 'सीबीआई ने केंद्र सरकार के दबाव में येदियुरप्पा को क्लीनचिट दी है.


ऐसे में कर्नाटक सरकार ने राज्य को लूटने की जांच एसआईटी से कराने का फैसला किया.' शुक्ला ने कहा, 'अब 'येद्दी-रेड्डी गैंग' कर्नाटक में फिर से शासन करना और लूटना चाहता है. भाजपा इस गैंग को संरक्षण दे रही है. कर्नाटक की जनता से अपील है कि वह इस गैंग से सावधान रहे.' वह जाहिर तौर पर येदियुरप्पा और खनन कारोबारी रेड्डी बंधुओं के संदर्भ में ‘येद्दी-रेड्डी’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे थे. कर्नाटक में कांग्रेस पर ‘सांप्रदायिक कार्ड’ खेलने के भाजपा के आरोप पर शुक्ला ने कहा, ‘‘कर्नाटक में सांप्रदायिक कार्ड खेलने का सवाल ही नहीं है. कांग्रेस सबको साथ लेकर चल रही है.


राहुल जी मंदिरों, मठों और दूसरे सभी धार्मिक स्थलों एवं गुरुओं के पास जा रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘सांप्रदायिक कार्ड भाजपा खेल रही है।भाजपा को यह बताना चाहिए कि जिन्ना को लेकर उसकी क्या नीति है. उसे देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए.’’ शुक्ला ने दावा किया, ‘‘ भाजपा के मार्गदर्शक और सर्वोच्च नेता लालकृष्ण आडवाणी ने जिन्ना की मजार जाकर मत्था टेका और देशभक्त बताया. उनके नेता जसवंत सिंह ने भी जिन्ना को देशभक्त बताया था और अपनी किताब में भी जिन्ना की तारीफ की थी. अब उत्तर प्रदेश के एक मंत्री (स्वामी प्रसाद मौर्य) ने जिन्ना को देशभक्त बता दिया. भाजपा बताए कि क्या वह जिन्ना को देशभक्त मानती है?’’ पिछले दिनों कर्नाटक में भाजपा अध्यक्ष की जुबान फिसलने का हवाला देते हुए शुक्ला ने कहा, 'अमित शाह जी बुद्धिमान व्यक्ति हैं. उनकी जुबान नहीं फिसली है, बल्कि जो बात दिमाग में थी वही जुबान पर आ गयी.


उन्होंने सही कहा येदियुरप्पा सरकार सबसे भ्रष्ट थी।' गौरतलब है कि शाह ने मार्च महीने के अंत में बेंगलूरू में एक संवाददाता सम्मेलन में त्रुटिवश कहा था कि यदि भ्रष्टाचार में कोई प्रतिस्पर्धा कर ली जाए तो येदियुरप्पा सरकार को इस प्रतियोगिता में पहला स्थान मिल जाएगा. हालांकि पास में बैठे एक भाजपा नेता के याद दिलाने पर शाह ने अपनी गलती मानते हुए कहा कि उनका अर्थ वर्तमान की सिद्धरमैया सरकार से था. शुक्ला ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार में किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है और सरकार कुछ नहीं कर रही है.


कश्मीर में स्कूली बस पर पथराव की घटना पर दुख प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार के समय घाटी के हालात बहुत शांतिपूर्ण थे और वहां के लोग चुनावों में बड़े पैमाने पर भागीदारी कर रहे थे, लेकिन इस सरकार ने वहां की स्थिति को ‘चिंताजनक’ बना दिया. 




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प्रधानमंत्री की तारीफ का मतलब गठबंधन नहीं, कर्नाटक चुनाव में भाजपा से हाथ नहीं मिलाएंगे: देवगौड़ा

प्रधानमंत्री की तारीफ का मतलब गठबंधन नहीं, कर्नाटक चुनाव में भाजपा से हाथ नहीं
मिलाएंगे: देवगौड़ा
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बेंगलुरु. जनता दल सेकुलर (जेडीएस) प्रमुख एचडी देवेगौड़ा ने बुधवार को कहा कि आगामी कर्नाटक चुनाव में भाजपा से गठबंधन की संभावना नहीं है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को चुनावी रैली के दौरान देवगौड़ा की तारीफ की थी। इस पर मीडिया ने जेडीएस प्रमुख से गठबंधन की संभावनाओं पर सवाल पूछा। उन्होंने जवाब दिया कि प्रधानमंत्री की तारीफ का मतलब गठबंधन नहीं है। बता दें, मोदी ने उडुपी में कहा था कि प्रधानमंत्री के तौर पर देवगौड़ा जी हमेशा ही सम्मान के हकदार हैं और मैंने उनका सम्मान किया।


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Amit Shah Will Go To Madhya Pradesh To Check Election Preparations - चुनावी तैयारियों का जायजा लेने मध्यप्रदेश जाएंगे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह

Amit Shah Will Go To Madhya Pradesh To Check Election Preparations -
चुनावी तैयारियों का जायजा लेने मध्यप्रदेश जाएंगे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Updated Wed, 02 May 2018 04:42 PM IST



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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह चार मई को भोपाल पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि शाह राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेंगे साथ ही प्रचार की रणनीति भी तय करेंगे। शाह चार दिनों तक राज्य में रहेंगे और पार्टी के सभी 400 मंडलों की बैठक लेंगे। 

गौरतलब है कि हाल ही में राकेश सिंह को प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राकेश सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद शाह का यह पहला प्रदेश दौरा है। मध्यप्रदेश भाजपा की कोर टीम चार दिनों तक राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में चुनावी रणनीति तय करेगी और उसकेa चरणवार क्रियान्वन की रूपरेखा भी तय की जाएगी।



भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह चार मई को भोपाल पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि शाह राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेंगे साथ ही प्रचार की रणनीति भी तय करेंगे। शाह चार दिनों तक राज्य में रहेंगे और पार्टी के सभी 400 मंडलों की बैठक लेंगे। 


गौरतलब है कि हाल ही में राकेश सिंह को प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राकेश सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद शाह का यह पहला प्रदेश दौरा है। मध्यप्रदेश भाजपा की कोर टीम चार दिनों तक राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में चुनावी रणनीति तय करेगी और उसकेa चरणवार क्रियान्वन की रूपरेखा भी तय की जाएगी।




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