Friday, 4 May 2018

Cm Yogi Adityanath Says Siddaramaiah Is Very Perfect In Lying - कर्नाटक चुनाव: सीएम योगी बोले- झूठ बोलने में बहुत परफेक्ट हैं सिद्धरमैया

Cm Yogi Adityanath Says Siddaramaiah Is Very Perfect In Lying - कर्नाटक
चुनाव: सीएम योगी बोले- झूठ बोलने में बहुत परफेक्ट हैं सिद्धरमैया
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया झूठ बोलने में बहुत परफेक्ट हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भाजपा की बड़ी जीत होने वाली है जबकि यहां कांग्रेस बुरी तरह हारने वाली है, क्योंकि कांग्रेस विभाजनकारी और भ्रष्टाचार की राजनीति करती है। 

इस दौरान उन्होंने गुरुवार को आए आंधी-तूफान पर भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आए तेज तूफान और बारिश के कारण जो बाधा आई है उसपर वह खुद नजर बनाए हुए हैं। पूरे प्रदेश में राहत कार्य जारी है। जिस पर उनकी नजर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वह कल से राज्य के दौरे पर निकलेंगे और तूफान से हुए नुकसान का जायजा लेंगे।

इससे पहले कर्नाटक में भाजपा के लिए वोट मांग रहे यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने जनता से कहा कि वह कांग्रेस को खारिज कर दे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिहादी मानसिकता वाली पार्टी है और वह बांटने की राजनीति करती है। एक जनसभा में आदित्यनाथ ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर ‘सबसे भ्रष्ट सरकार’ चलाने का आरोप लगाया। योगी ने कहा, ‘मैं यहां आपसे अपील करने आया हूं कि आप कांग्रेस की विभाजनकारी, आतंकवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली राजनीति को पूरी तरह खारिज कर दें।’ 
सिद्धारमैया पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ‘जिहादियों’ ने राज्य में पिछले पांच वर्षों में भाजपा के 23 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी और यह इस बात का प्रमाण है। आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश और कर्नाटक की तुलना करते हुए कहा कि उनके प्रदेश में कोई जिहादी तत्व अपना सिर नहीं उठा सकता।

सिद्धारमैया कर्नाटक को एटीएम की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए मैं यहां यह बताने आया हूं कि कर्नाटक मुक्त कांग्रेस इस वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है। उत्तर प्रदेश के आंधी से प्रभावित होने के बावजूद कर्नाटक में योगी आदित्यनाथ के चुनाव प्रचार करने की कांग्रेस ने आलोचना की है। मालूम हो कि धूल भरी आंधी से प्रदेश में कई लोगों की मौत हो गई है। 

कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट के जरिये प्रदेश के मुख्यमंत्री की इस बात के लिए खिंचाई की है कि वह प्रभावितों को छोड़कर कर्नाटक में प्रचार कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने इतिहास का ज्ञान दुरुस्त करना चाहिए। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार को कर्नाटक में एक चुनावी रैली में कांग्रेस पर सेना और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के अपमान करने का आरोप लगाया था।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया झूठ बोलने में बहुत परफेक्ट हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भाजपा की बड़ी जीत होने वाली है जबकि यहां कांग्रेस बुरी तरह हारने वाली है, क्योंकि कांग्रेस विभाजनकारी और भ्रष्टाचार की राजनीति करती है। 


इस दौरान उन्होंने गुरुवार को आए आंधी-तूफान पर भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आए तेज तूफान और बारिश के कारण जो बाधा आई है उसपर वह खुद नजर बनाए हुए हैं। पूरे प्रदेश में राहत कार्य जारी है। जिस पर उनकी नजर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वह कल से राज्य के दौरे पर निकलेंगे और तूफान से हुए नुकसान का जायजा लेंगे।

इससे पहले कर्नाटक में भाजपा के लिए वोट मांग रहे यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने जनता से कहा कि वह कांग्रेस को खारिज कर दे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिहादी मानसिकता वाली पार्टी है और वह बांटने की राजनीति करती है। एक जनसभा में आदित्यनाथ ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर ‘सबसे भ्रष्ट सरकार’ चलाने का आरोप लगाया। योगी ने कहा, ‘मैं यहां आपसे अपील करने आया हूं कि आप कांग्रेस की विभाजनकारी, आतंकवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली राजनीति को पूरी तरह खारिज कर दें।’ 





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जिहादियों ने राज्य में पिछले 5 वर्षों में BJP के 23 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी







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After Narendra Modi And Amit Shah Top Choice Of Karnataka Is Yogi Adityanath - मोदी और शाह के बाद कर्नाटक की टॉप च्वाइस योगी आदित्यनाथ

After Narendra Modi And Amit Shah Top Choice Of Karnataka Is Yogi
Adityanath - मोदी और शाह के बाद कर्नाटक की टॉप च्वाइस योगी आदित्यनाथ
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद यदि भाजपा में प्रचार के लिए किसी की सबसे अधिक मांग है तो वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। योगी आदित्यनाथ भाजपा के लगातार स्टार प्रचारक बने हुए हैं और राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद से प्रचार के लिए उनकी मांग बराबर बनी है। तटीय कर्नाटक में भी आदित्यनाथ की काफी मांग है। वह हुबली, उडुपी समेत दक्षिण कन्नड. तथा उत्तरी कन्नड़ में राजनीति का समीकरण बदल सकते हैं।

भाजपा के कर्नाटक चुनाव प्रचार में व्यस्त केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि राज्य में वह न केवल जनसभा को संबोधित करेंगे, बल्कि रोड शो समेत अन्य प्रचार में भी शामिल होंगे। माना यह जा रहा है कि योगी चुनाव प्रचार के आखिरी दिन 10 मई तक राज्य में पार्टी के पक्ष में राजनीतिक समीकरण बनाने के लिए दर्जन भर से अधिक जन सभाओं को संबोधित कर सकते हैं।

कहां-कहां योगी ने किया प्रचार

मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी ने गुजरात, हिमाचल और त्रिपुरा में भाजपा के पक्ष में प्रचार में हिस्सा लिया। गुजरात में योगी ने काफी दौरा किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद योगी आदित्यनाथ ही स्टार प्रचारक थे। त्रिपुरा में भाजपा को फहराने में उनकी काफी बड़ी भूमिका मानी जा रही है। इसी तरह से कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें स्टार प्रचारक के रूप में मैदान में उतारा है। माना जा रहा है कि कर्नाटक में योगी के प्रचार के बाद भाजपा वोटों के ध्रुवीकरण के एजेंडे को नया आकार देने में सफल हो सकती है। इससे कांग्रेस की उम्मीदों को कुछ झटका लगने की भी उम्मीद है।

क्यों है योगी की मांग

योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय से हैं। भगवाधारी हैं और हिन्दुत्व के प्रतीक के रूप में उन्हें भाजपा में देखा जा रहा है। कर्नाटक में तटीय कर्नाटक का क्षेत्र काफी संवेदनशील है। अल्पसंख्य भी बड़ी मात्रा में हैं। कर्नाटक का यही वह क्षेत्र है, जहां पिछले दो-तीन सालों में दो दर्जन के करीब भाजपा के कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है और उन पर जानलेवा हमले हुए हैं। हुबली में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर ईज ऑफ डूइंग मर्डर का आरोप लगाया था। माना जा रहा है कि यहां से राजनीति का सांप्रदायिक रंग वोटों के ध्रुवीकरण में सहायक हो सकता है। ऐसा हुआ तो पूरे कर्नाटक में चुनाव का गणित अपना असर दिखा सकता है। वैसे भी इस इलाके में लिंगायतों का ठीक-ठाक प्रभाव भी है।  दक्षिणी कन्नड़ तो भाजपा के गढ़ के रूप में गिना जाता है। वैसे भी कर्नाटक हर मठ-मंदिरों का राज्य है। योगी आदित्यनाथ इसके लिए काफी उपयुक्त समझे जा रहे हैं।



प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद यदि भाजपा में प्रचार के लिए किसी की सबसे अधिक मांग है तो वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। योगी आदित्यनाथ भाजपा के लगातार स्टार प्रचारक बने हुए हैं और राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद से प्रचार के लिए उनकी मांग बराबर बनी है। तटीय कर्नाटक में भी आदित्यनाथ की काफी मांग है। वह हुबली, उडुपी समेत दक्षिण कन्नड. तथा उत्तरी कन्नड़ में राजनीति का समीकरण बदल सकते हैं।


भाजपा के कर्नाटक चुनाव प्रचार में व्यस्त केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि राज्य में वह न केवल जनसभा को संबोधित करेंगे, बल्कि रोड शो समेत अन्य प्रचार में भी शामिल होंगे। माना यह जा रहा है कि योगी चुनाव प्रचार के आखिरी दिन 10 मई तक राज्य में पार्टी के पक्ष में राजनीतिक समीकरण बनाने के लिए दर्जन भर से अधिक जन सभाओं को संबोधित कर सकते हैं।

कहां-कहां योगी ने किया प्रचार

मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी ने गुजरात, हिमाचल और त्रिपुरा में भाजपा के पक्ष में प्रचार में हिस्सा लिया। गुजरात में योगी ने काफी दौरा किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद योगी आदित्यनाथ ही स्टार प्रचारक थे। त्रिपुरा में भाजपा को फहराने में उनकी काफी बड़ी भूमिका मानी जा रही है। इसी तरह से कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें स्टार प्रचारक के रूप में मैदान में उतारा है। माना जा रहा है कि कर्नाटक में योगी के प्रचार के बाद भाजपा वोटों के ध्रुवीकरण के एजेंडे को नया आकार देने में सफल हो सकती है। इससे कांग्रेस की उम्मीदों को कुछ झटका लगने की भी उम्मीद है।

क्यों है योगी की मांग

योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय से हैं। भगवाधारी हैं और हिन्दुत्व के प्रतीक के रूप में उन्हें भाजपा में देखा जा रहा है। कर्नाटक में तटीय कर्नाटक का क्षेत्र काफी संवेदनशील है। अल्पसंख्य भी बड़ी मात्रा में हैं। कर्नाटक का यही वह क्षेत्र है, जहां पिछले दो-तीन सालों में दो दर्जन के करीब भाजपा के कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है और उन पर जानलेवा हमले हुए हैं। हुबली में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर ईज ऑफ डूइंग मर्डर का आरोप लगाया था। माना जा रहा है कि यहां से राजनीति का सांप्रदायिक रंग वोटों के ध्रुवीकरण में सहायक हो सकता है। ऐसा हुआ तो पूरे कर्नाटक में चुनाव का गणित अपना असर दिखा सकता है। वैसे भी इस इलाके में लिंगायतों का ठीक-ठाक प्रभाव भी है।  दक्षिणी कन्नड़ तो भाजपा के गढ़ के रूप में गिना जाता है। वैसे भी कर्नाटक हर मठ-मंदिरों का राज्य है। योगी आदित्यनाथ इसके लिए काफी उपयुक्त समझे जा रहे हैं।





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