Saturday, 5 May 2018

After The Gangrape The Minor Burnt Alive - गैंगरेप के बाद नाबालिग को परिवार के सामने जिंदा जलाया, पुलिस बोली- अब तक 14 गिरफ्तार

After The Gangrape The Minor Burnt Alive - गैंगरेप के बाद नाबालिग को परिवार
के सामने जिंदा जलाया, पुलिस बोली- अब तक 14 गिरफ्तार
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, झारखंड
Updated Sat, 05 May 2018 02:56 PM IST



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झारखंड में एक नाबालिग के साथ दरिंदगी ही नहीं इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोप है कि उसके साथ गैंगरेप किया गया और फिर उसे जिंदा जला दिया गया। झारखंड पुलिस आईजी का कहना है कि वारदात के 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आईजी आशीष बत्रा ने कहा कि पीड़िता को जलाकर मार दिया गया और पंचायत ने आरोपियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और 100 उठक-बैठक करा कर छोड़ दिया। 

पीड़ित परिवार ने बताया कि इस मामले में पंचायत ने अजीबो-गरीब फरमान जारी किया। पंचायत ने पीड़ित परिवार को कहा कि मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपी से 100 उठक-बैठक करने का फैसला किया। साथ ही पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये बतौर मुआवजा दिलवाने का वायदा भी किया। 

आरोपियों की दबंगई ने सारी हदें उस वक्त पार कर दी थी जब उन्होंने पीड़ित परिवार की भी पिटाई की जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मामला झारखंड के चतरा जिले के ईटखोरी थाना क्षेत्र के राजा तेंदुआ गांव का है। 

बता दें कि गांव के सम्मत रविदास की नाबालिग बेटी रानी अपने चाचा की शादी में शामिल हुई थी। इसी दौरान चार दरिंदे बच्ची को जबरन उठाकर ले गए जहां आरोपियों ने नाबालिग के साथ-बारी बारी से रेप किया। घटना के बाद पीड़िता ने परिजनों को आपबीती सुनाई। इसके बाद गांव में पंचायात बुलाई गई। 

इंसाफ के नाम पर आरोपियों को सजा सुनाने के पंचायत के इस अजीबोगरीब फैसले ने पीड़ित पक्ष के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी। आरोपी पक्ष आगबबूला हो गए और गुस्से में पीड़िता के घर पहुंच गए। जहां उन्होंने बच्ची को जिंदा जला दिया। इस दौरान जब परिजनों ने बचाने की कोशिश की तो उनकी जमकर पिटाई की गई। जिससे उनको गंभीर चोटें आई हैं। 

पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव के धनू भुइयां ने अपने साथियों के साथ मिलकर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद यह बात आग की तरह फैल गई जिसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। 



झारखंड में एक नाबालिग के साथ दरिंदगी ही नहीं इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोप है कि उसके साथ गैंगरेप किया गया और फिर उसे जिंदा जला दिया गया। झारखंड पुलिस आईजी का कहना है कि वारदात के 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आईजी आशीष बत्रा ने कहा कि पीड़िता को जलाकर मार दिया गया और पंचायत ने आरोपियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और 100 उठक-बैठक करा कर छोड़ दिया। 


पीड़ित परिवार ने बताया कि इस मामले में पंचायत ने अजीबो-गरीब फरमान जारी किया। पंचायत ने पीड़ित परिवार को कहा कि मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपी से 100 उठक-बैठक करने का फैसला किया। साथ ही पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये बतौर मुआवजा दिलवाने का वायदा भी किया। 

आरोपियों की दबंगई ने सारी हदें उस वक्त पार कर दी थी जब उन्होंने पीड़ित परिवार की भी पिटाई की जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मामला झारखंड के चतरा जिले के ईटखोरी थाना क्षेत्र के राजा तेंदुआ गांव का है। 

बता दें कि गांव के सम्मत रविदास की नाबालिग बेटी रानी अपने चाचा की शादी में शामिल हुई थी। इसी दौरान चार दरिंदे बच्ची को जबरन उठाकर ले गए जहां आरोपियों ने नाबालिग के साथ-बारी बारी से रेप किया। घटना के बाद पीड़िता ने परिजनों को आपबीती सुनाई। इसके बाद गांव में पंचायात बुलाई गई। 

इंसाफ के नाम पर आरोपियों को सजा सुनाने के पंचायत के इस अजीबोगरीब फैसले ने पीड़ित पक्ष के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी। आरोपी पक्ष आगबबूला हो गए और गुस्से में पीड़िता के घर पहुंच गए। जहां उन्होंने बच्ची को जिंदा जला दिया। इस दौरान जब परिजनों ने बचाने की कोशिश की तो उनकी जमकर पिटाई की गई। जिससे उनको गंभीर चोटें आई हैं। 

पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव के धनू भुइयां ने अपने साथियों के साथ मिलकर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद यह बात आग की तरह फैल गई जिसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। 





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Friday, 4 May 2018

यूपी में स्‍कूल की मनमानी, मंत्री के इंतजार में 8 घंटे तक भूख से बिलखते रहे बच्‍चे

यूपी में स्‍कूल की मनमानी, मंत्री के इंतजार में 8 घंटे तक भूख से बिलखते रहे बच्‍चे
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नई दिल्‍ली : उत्‍तरप्रदेश के बहराइच जिले में स्‍कूल प्रबंधन का अमानवीय चेहरा सामने आया है. यहां के एक स्‍कूल ने राज्‍य की मंत्री के कार्यक्रम में भीड़ को दिखाने के लिए पहले छोटे छोटे बच्‍चों को बुला लिया. फिर कार्यक्रम में देरी पर उन्‍हें 8 घंटे तक भूखा बिठाए रखा. इस दौरान सभी बच्‍चे कार्यक्रम में भूख से बिलखते रहे. लेकिन जब इस मामले के बारे में मीडिया में खबरें आईं तो सभी अपनी-अपनी जिम्‍मेदारी से पल्‍ला झाड़ते नजर आए. कोई भी इस मामले में जवाब देने के लिए तैयार नहीं है.


एएनआई के अनुसार, शुक्रवार को बहराइच के एक स्‍कूल में यूपी सरकार में मंत्री अनुपमा जयसवाल का एक कार्यक्रम था. कार्यक्रम रात 8 बजे शुरू होना था, लेकिन स्‍कूली बच्‍चों को दोपहर 12 ही बुला लिया गया. जब तक कार्यक्रम शुरू नहीं हुआ इन बच्‍चों को ऐसे ही भूखा बिठाए रखा गया. बाद में कई बच्‍चों ने रोते हुए इस बात की शिकायत की. मीडिया में ये खबर आते ही सभी ने अपने अपने तर्क देने शुरू कर दिए.



इस मामले पर जब मंत्री अनुपमा जयसवाल से पूछा गया तो उन्‍होंने कहा, ये कार्यक्रम पहले से इसी समय तय था. मुझे नहीं पता कि इन बच्‍चों को 8 घंटे तक क्‍यों कार्यक्रम में बिठाया गया. इसके लिए जिम्‍मेदार टीचर्स को जवाब देना चाहिए.हालांक‍ि इस पूरे मामले में अभी तक स्‍कूल प्रशासन की ओर से कुछ भी नहीं कहा गया है. न ही अब तक ये बताया गया है क‍ि इसके लिए ज‍िम्‍मेदार लोगों पर क्‍या कार्रवाई हो रही है.




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कर्नाटक: पुलकेसिन, कृष्णदेव राय से लेकर टीपू सुल्तान, जनरल करियप्पा और बसवन्‍ना तक मैदान में!

कर्नाटक: पुलकेसिन, कृष्णदेव राय से लेकर टीपू सुल्तान, जनरल करियप्पा और बसवन्‍ना तक
मैदान में!
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नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव एक मामले में देश के अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से काफी अलग नजर आ रहा है. यहां इतिहास पुरुषों का जितनी शिद्दत और जितनी बड़ी तादाद में इस्तेमाल हो रहा है, वैसा अन्य कहीं नहीं दिखाई दिया. कर्नाटक विधानसभा चुनाव में अब तक चालुक्य सम्राट पुलकेसिन द्वितीय, सम्राट हर्षवर्धन, कृष्णदेव राय, बहमनी साम्राज्य के सुल्तान, संत कवि बसवन्ना, संत कवि तिरुवल्लुवर, टीपू सुल्तान से लेकर आजाद भारत के पहले सेना अध्यक्ष मेजर जनरल करियप्पा तक का जिक्र हो चुका है. पार्टियां अपने सुभीते के हिसाब से इतिहास की व्याख्या कर रही हैं, और इतिहास पुरुषों को एक दूसरे से लड़ा रही हैं: 


पुलकेसिन द्वितीय बनाम सम्राट हर्षवर्धन 
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया जब बदामी विधानसभा सीट से पर्चा भरने पहुंचे तो वे अपने साथ चालुक्य सम्राट पुलकेसिन द्वितीय की तस्वीर भी ले गए. दरअसल सातवीं शताब्दी में दक्षिण भारत में चालुक्य साम्राज्य था. उधर उत्तर भारत में सम्राट हर्षवर्धन का राज्य था. पुलकेसिन को दक्षिणपथेश्वर और हर्ष को उत्तर पथेश्वर कहा जाता था. दोनों उपाधियों का अर्थ हुआ दक्षिण का स्वामी और उत्तर का स्वामी. उस जमाने में हर्ष ने जब दक्षिण में अपना राज्य विस्तार करने के लिए हमला किया तो पुलकेसिन ने हर्ष को हरा दिया. बाद में दोनों राजाओं के बीच हुई संधि में नर्मदा नदी को दोनों राज्यों की सीमा मान लिया गया. लेकिन सिद्दारमैया ने उस जमाने में चालुक्यों की राजधानी रही बदामी से पर्चा भरते समय कहा कि जिस तरह दक्षिण के पुलकेसिन द्वितीय ने उत्तर भारत के हर्ष वर्धन को हराया था वैसे ही कर्नाटक विधानसभा चुनाव में दक्षिण भारतीय उत्तर भारतीयों को हरा देंगे. इस तरह सिद्दरमैया ने खुद को पुलकेसिन और प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को हर्षवद़र्धन के प्रतीक के तौर पेश कर क्षेत्रवादी भावनाएं पनमाने की कोशिश की.


कृष्णदेव राय और बहमनी साम्राज्य:
14वीं से 17वीं शताब्दी तक जब उत्तर भारत में सल्तनत काल और मुगल काल चल रहा था तब दक्षिण भारत में विजयनगर साम्राज्य की तूती बोलती थी. कृष्णदेव राय इस साम्राज्य के सबसे प्रतापी शासक हुए. उस जमाने में विजयनगर उनके साम्राज्य की राजधानी हुआ करती थी जिसका वर्तमान नाम थंपी है. बीजेपी नेता श्रीरामलु बराबर विजयनगर साम्राज्य का वैभव लौटाने को चुनावी मुद्दा बनाते रहे हैं. बीजेपी का इलजाम है कांग्रेस सरकार ने विजयनगर साम्राज्य की विरासत की उपेक्षा की और बहमनी सुल्तानों को ज्यादा तरजीह दी है. बीजेपी ने एक ट्वीट कर बताया कि किस तरह विजयनगर साम्राज्य की विरासत को उसने पहली बार 50 रुपये के नोट की नई सीरीज में छापा है. बीजेपी विजयनगर बनाम बहमनी साम्राज्य के बहाने हिंदू-मुस्लिम मुद्दे को गर्माने की कोशिश कर रही है.


लिंगायत के बहाने बसवन्ना का जिक्र:
12वीं सदी के कन्नड़ संत बसवन्ना को लिंगायत समुदाय का संस्थापक माना जाता है. राज्य की कांग्रेस सरकार ने लिंगायत को अलग धर्म बनाने का प्रस्ताव पास कर बीजेपी के इस पारंपरिक वोट बैंक पर निशाना साधा है. बीजेपी के मुख्यमंत्री प्रत्याशी येदुरप्पा इसी समुदाय से आते हैं. हमेशा से अखंड हिंदू धर्म का समर्थन करती रही बीजेपी इस मुद्दे पर शुरू में बैकफुट पर आई, लेकिन प्रधानमंत्री ने अपनी ब्रिटेन यात्रा के दौरान बासवेश्वरा, बसवन्ना का ही एक नाम, की मूर्ति का लोकार्पण कर पहली बार विदेश से ही किसी विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने का प्रयास किया. मजे की बात यह कि जिन संत बसवन्ना के नाम आज धर्म की सियासत हो रही है, उन्होंने अपने दौर में धर्म के पाखंड का विरोध कर वंचित तबके को सीधे ईश्वर के लिंग रूप से जोड़ने की पहल की थी.
 
टीपू सुल्तान
कर्नाटक का राजनीतिक संग्राम 7वीं सदी से शुरू होकर 18वीं सदी तक चला आता है. यहां विवाद मैसूर के टीपू सुल्तान को लेकर हो रहा है. अंग्रेजी साम्राज्य के खिलाफ सबसे आधुनिक लड़ाई वाले भारतीय शासक और युद्ध में पहली बार रॉकेट का प्रयोग करने वाले टीपू सुल्तान को यहां हिंदू मुस्लिम के चश्मे से देखा जा रहा है. टीपू में वोट की संभावनाओं देखते हुए कांग्रेस सरकार ने दो साल पहले बड़े पैमाने पर टीपू जयंती के कार्यक्रम शुरू किए. इसके जवाब में बीजेपी ने कहा कि टीपू हिंदुओं पर जुल्म करने वाला जालिम था. पिछले साल दिसंबर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हुबली में कहा कि कांग्रेस टीपू सुल्तान की जयंती मनाती है, हनुमान जयंती नहीं मनाती. योगी ने कहा कि टीपू सुल्तान की जयंती मनाने वालों का नाम नहीं रहेगा.
 
संत तिरुवल्लुवर से लेकर जनरल करियप्पा तक : संत तिरुवल्लुवर तमिल संत हैं और पिछले एक हजार साल से ज्यादा समय से भारतीय मूल के सभी धर्म उन्हें खुद से जोड़कर बताते रहे हैं. संत तिरुवल्लुवर का तमिलनाडु बहुत मान है. कर्नाटक के बंगलौर जिले की शिवाजीनगर विधानसभा सीट पर तमिलों की अच्छी खासी आबादी है, ऐसे में दोनों पार्टियां खुद को तिरुवल्लुवर के ज्यादा करीद दिखा रही हैं.


दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में जनरल करियप्पा का जिक्र किया. जनरल करियप्पा आजाद भारत के पहले सेनाध्यक्ष थे और आजादी के तुरंत बाद कश्मीर पर हुए कबायली हमले को रोकने का काम उन्हीं के नेतृत्व में हुआ था. सेना के इस्तेमाल को लेकर जनरल करियप्पा और महात्मा गांधी में हुआ संंवाद हिंसा और अहिंसा की बहस का महत्वपूर्ण पाठ माना जाता है.




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भारत में 85% घरों तक बिजली पहुंची, यहां अच्छा काम हुआ: वर्ल्ड बैंक; सरकार ने 80% का दावा किया था

भारत में 85% घरों तक बिजली पहुंची, यहां अच्छा काम हुआ: वर्ल्ड बैंक; सरकार ने 80% का
दावा किया था
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वाशिंगटन. वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बिजली के लिए भारत में शानदार काम हो रहा है। देश की 85% आबादी तक बिजली पहुंच चुकी है। खास बात ये है कि सरकार अभी 80% घरों में बिजली पहुंचने का दावा कर रही है, लेकिन वर्ल्ड बैंक ने इसे 5% ज्यादा बताया है। 2010 से 2016 के बीच भारत में हर साल 3 करोड़ लोगों को बिजली उपलब्ध करवाई गई जो कि दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा है।


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Dm Suspendes Internet Services In Aligarh Till Midnight - Amu जिन्ना विवाद: अलीगढ़ में बढ़ा बवाल, 5 मई तक बंद रहेगी इंटरनेट सेवा

Dm Suspendes Internet Services In Aligarh Till Midnight - Amu जिन्ना
विवाद: अलीगढ़ में बढ़ा बवाल, 5 मई तक बंद रहेगी इंटरनेट सेवा
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर को लेकर हुए बबाल के बाद सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाह के कारण इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है। जिलधिकारी ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे से 5 मई रात्रि 12 बजे तक के लिए इंटरनेट सेवा प्रतिबंधित की हैं।

अलीगढ़ के अपर जिलाधिकारी ने आदेश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर यानि फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्वीटर अथवा अन्य किसी एेप पर कोई ऐसा पोस्ट नहीं करेगा और न ही किसी ऐसे वस्तु या सामग्री को फारवर्ड या शेयर करेगा जिससे साम्प्रदायिक उन्माद को बढ़ावा मिलता हो। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा पोस्ट ना डाला जाए जो साम्प्रदायिक समरसता को क्षति पहुचांता हो, साम्प्रदायिक सौहार्द पर विपरीत प्रभाव पड़ता हो या शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो। 

उन्होंने कहा कि यदि कोई इन आदेशों का उल्लंघन करते हुए ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध आईपीसी की धारा के तहत साम्प्रदायिक उन्माद भड़काने एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह पुन: स्पष्ट करते हुए कहना चाहते हैं कि मूलतः पोस्ट करने वाले तथा फॉरवर्ड करने वाले दोनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।


एएमयू कुलपति पर 51 रुपये का इनाम

एएमयू में हुए बवाल के 24 घण्टे बाद भी कुलपति घटनास्थल तक नहीं आये। इसे लेकर छात्रों में बेहद आक्रोश था। इसी के चलते कुलपति के फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए 51 रुपये का इनाम घोषित किया गया है। एक फेसबुक आईडी से वायरल फोटो में उनको मिसिंग करार देते हुए धरना स्थल तक पहुंचाने वाले को 51 रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। इस पर भी तरह-तरह के कमेंट आ रहे हैं।

गैरतलब है कि एएमयू में जिन्ना की तस्वीर लगी होने के कारण दो दिन पहले ही छात्रों और हिंदू संगठन के सदस्यों के बीच झड़प हुई थी। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाते हुए एएमयू कैंपस में घुसने की कोशिश की थी। पूरे मामले को शांत कराने में पुलिस को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद क्षेत्र में RAF की 2 कंपनी तैनात की गईं। 
वहीं छात्रों ने भी परीक्षा देने से इंकार कर दिया और कहा कि जिन पुलिस वालों ने उन पर लाठी चार्ज किया है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। जबकि पुलिस वालों ने ऐसे किसी भी लाठीचार्ज से इंकार कर दिया था।

मामले की शुरुआत तब हुई जब जिन्ना की तस्वीर लगी होने पर सांसद सतीश कुमार गौतम भड़क गए थे। उन्होंने कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को पत्र भेजकर यह तस्वीर लगाने का औचित्य पूछा था। दूसरी ओर एएमयू के जनसंपर्क कार्यालय ने उन्हें जवाब देते हुए कहा था कि यह तस्वीर छात्रसंघ भवन में लगी है। एएमयू प्रशासन छात्रसंघ के कार्यों में दखल नहीं देता। उन्होंने कहा था कि विभाजन से पहले वर्ष 1938 में मोहम्मद अली जिन्ना एएमयू में आए थे, उन्हें छात्रसंघ ने मानद सदस्यता दी थी। छात्रसंघ ने जिन लोगों को मानद सदस्यता दी है, उनकी तस्वीरें छात्रसंघ भवन में लगवाई गई हैं।



अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर को लेकर हुए बबाल के बाद सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाह के कारण इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है। जिलधिकारी ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे से 5 मई रात्रि 12 बजे तक के लिए इंटरनेट सेवा प्रतिबंधित की हैं।


अलीगढ़ के अपर जिलाधिकारी ने आदेश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर यानि फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्वीटर अथवा अन्य किसी एेप पर कोई ऐसा पोस्ट नहीं करेगा और न ही किसी ऐसे वस्तु या सामग्री को फारवर्ड या शेयर करेगा जिससे साम्प्रदायिक उन्माद को बढ़ावा मिलता हो। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा पोस्ट ना डाला जाए जो साम्प्रदायिक समरसता को क्षति पहुचांता हो, साम्प्रदायिक सौहार्द पर विपरीत प्रभाव पड़ता हो या शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो। 

उन्होंने कहा कि यदि कोई इन आदेशों का उल्लंघन करते हुए ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध आईपीसी की धारा के तहत साम्प्रदायिक उन्माद भड़काने एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह पुन: स्पष्ट करते हुए कहना चाहते हैं कि मूलतः पोस्ट करने वाले तथा फॉरवर्ड करने वाले दोनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।






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फैल रही थीं ऐसी अफवाहें







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Thursday, 3 May 2018

कर्नाटक के लिए भाजपा का घोषणापत्र: 1 लाख रुपए तक का फसली कर्ज माफ होगा, महिलाओं को मुफ्त स्मार्टफोन

कर्नाटक के लिए भाजपा का घोषणापत्र: 1 लाख रुपए तक का फसली कर्ज माफ होगा,
महिलाओं को मुफ्त स्मार्टफोन
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कर्नाटक चुनाव के लिए भाजपा ने शुक्रवार को घोषणापत्र जारी कर दिया। इसमें उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए कई योजनाओं का एलान किया। किसानों को 1 लाख रुपए तक फसल कर्ज माफ करने के साथ किसानों तक पानी पहुंचाने के लिए 1.50 लाख करोड़ रूपए के सिंचाई प्रोजेक्ट्स और 1 लाख रूपए तक के फसल कर्ज माफ कर दिए जाएंगे। वहीं, बीपीएल परिवारों को स्मार्टफोन और कॉलेज छात्रों को लैपटॉप देने का वादा किया।


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