Wednesday, 24 October 2018

घाटी में फुटबॉल: आतंक के साए में पलते सपने

​वह अकसर अपने घर से कुछ दूरी हो रही गोलीबारी, पत्थरबाजी और धमाकों की आवाज सुनते रहते थे। हालात ऐसे कि घर से बाहर निकलने पर भी डर लगे। लेकिन वे कदम नहीं रुके। पैरों का जादू पहले घाटी के लोगों ने देखा, अब सारा हिंदुस्तान देखेगा।

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