Thursday, 3 May 2018

US Secretary of State Mike Pompeo । 'उत्तर कोरिया से खराब समझौते का मतलब नहीं, अमेरिका नहीं दोहराएगा कोई गलती'

US Secretary of State Mike Pompeo । 'उत्तर कोरिया से खराब समझौते का मतलब
नहीं, अमेरिका नहीं दोहराएगा कोई गलती'
[ad_1]

वॉशिंगटन: अमेरिका के नवनिर्वाचित विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने बुधवार (2 मई) को चेताते हुए कहा कि उत्तर कोरिया के साथ खराब समझौता कोई विकल्प नहीं है. उन्होंने वादा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन पूर्व में की गई गलतियां नहीं दोहराएगा. पोम्पियो ने कहा कि हमने हमारे समक्ष पेश चुनौतियों के बारे में सच बोलकर और उनका सामना कर बेहतरीन काम किया है, लेकिन मजबूत देशों के साथ साझेदारी करना अमेरिका और विश्व को अधिक समृद्ध और सुरक्षित बनाएगा. उन्होंने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु निरस्त्रीकरण बनाने के लक्ष्यों को हासिल करने के अमेरिकी प्रयास अभी शुरुआती चरण में ही है और अभी यह सप्ष्ट नहीं है कि ये प्रयास फलदायक ही होंगे.


उत्तर कोरिया में 3 अमेरिकी हिरासत में लिए गए
वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (3 मई) को संकेत दिया कि उत्तर कोरिया में तीन अमेरिकियों के हिरासत में लिये जाने की सूचना मिली है. इससे पहले सूत्रों ने अमेरिकियों को एक स्थान से दूसरी जगह ले जाये जाने की जानकारी दी थी. यह खबर ऐसे समय में आई है जब ट्रंप उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन से मिलने की तैयारी कर रहे हैं. ट्रंप ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘पिछला प्रशासन लंबे समय से उत्तरी कोरियाई श्रम शिविर से तीन बंधकों की रिहाई की मांग कर रहा था.’’


रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका, उत्तर कोरिया से किम हाक सोंग, किम सांग - डूक और किम डोंग - चूल की रिहाई की मांग कर रहा है और दोनों पक्ष उनकी रिहाई से संबंधित समझौता करने के करीब हैं. दक्षिण कोरिया कार्यकर्ता चोई सूंग - रयोंग ने ‘एएफपी’ से कहा था, ‘‘वे उत्तर कोरिया की बाहरी सीमा पर एक होटल में रह रहे हैं.’’


उत्तर कोरिया का परमाणु परीक्षण स्थल पूरी तरह क्रियाशील : रिपोर्ट
उत्तर कोरिया का परमाणु परीक्षण स्थल इस समय पूरी तरह क्रियाशील है. उत्तर कोरिया ने हालांकि पिछले महीने घोषणा की थी कि वह परीक्षण स्थल को बंद करने जा रहा है. एक खास वेबसाइट पर यह खबर मंगलवार (1 मई) को आई. समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने पुंग्ये-री परमाणु परीक्षण स्थल को अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों व पत्रकारों की मौजूदगी में स्थायी रूप से बंद करने का प्रस्ताव दिया था. 


यह प्रस्ताव उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन व दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के बीच 27 अप्रैल को हुए ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों कोरिया द्वारा प्रायद्वीप को पूर्ण रूप से परमाणु मुक्त किए जाने पर हुई सहमति के बाद दिया गया था. परमाणु परीक्षण स्थल के बारे में नए रडार डाटा के विश्लेषण के बाद वेबसाइट 38 नॉर्थ पर खबर आई कि दक्षिण व पश्चिम प्रवेशद्वार से दो पहाड़ी इलाके में अभी भी पहुंच बनी हुई है और यह भविष्य के भूमिगत परमाणु परीक्षण में सहयोग कर सकते हैं.


रिपोर्ट में यह भी पुष्टि की गई है कि परमाणु परीक्षण स्थल की दो मध्य सुरंगें अच्छी हालत में हैं. इसके विपरीत विशेषज्ञों की पहले की रिपोर्ट में कहा गया था कि उत्तर कोरिया द्वारा सितंबर में किए गए छठे व सबसे ज्यादा शक्तिशाली भूमिगत परमाणु परीक्षण में दोनों सुरंगें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाएंगी.




[ad_2]

Source link

Wednesday, 2 May 2018

Mike Pompeo । ईरान के परमाणु कार्यक्रमों पर इजरायल की खुफिया सूचनाएं सही, अमेरिका विदेश मंत्री पोम्पिओ

Mike Pompeo । ईरान के परमाणु कार्यक्रमों पर इजरायल की खुफिया सूचनाएं सही,
अमेरिका विदेश मंत्री पोम्पिओ
[ad_1]

वॉशिंगटन: अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने मंगलवार (1 मई) को कहा कि ईरान के परमाणु हथियारों के संबंध में इजरायल की ओर से जारी नई खुफिया जानकारी सही है और इसमें मिली ज्यादातर सूचनाएं अमेरिकी विशेषज्ञों के लिए नई हैं. पोम्पिओ ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बीते 30 अप्रैल को इजरायल सैन्य मुख्यालय में भेंट की. इस दौरान विदेश मंत्री के साथ यह सूचनाएं साझा की गयीं. इजरायल से रवाना होने के बाद पोम्पिओ ने विमान में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें इन सूचनाओं के बारे में कुछ समय पहले से जानकारी थी और कल (30 अप्रैल) हमने साथ मिलकर इस पर चर्चा की.’’


उन्होंने कहा, इसपर पिछले कुछ समय से काम चल रहा है. मुझे मालूम है कि लोग इन दस्तावेजों के असली होने पर संदेह जता रहे हैं. मैं आपसे इसकी पुष्टि करता हूं कि यह सभी दस्तावेज असली हैं. यह पूछने पर कि क्या अमेरिका को ईरान के परमाणु कार्यक्रमों की जानकारी पहले से थी, उन्होंने कहा कि यह बात आंशिक रूप से सच है. हालांकि परमाणु कार्यक्रम दिसंबर, 2003 या जनवरी 2004 में खत्म हो गया. उल्लेखनीय है कि अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर परमाणु समझौते को तोड़ने का आरोप लगाया है. यह ऐतिहासिक करार 2015 में हुआ था. इस समझौते पर रूस, चीन, जर्मनी, ब्रिटेन और फ्रांस ने हस्ताक्षर किए थे.


ईरान के पास एक संगठित, गोपनीय परमाणु हथियार प्रोग्राम; व्हाइट हाउस ने कहा
वहीं दूसरी ओर व्हाइट हाउस का आरोप है कि ईरान के पास एक संगठित और गोपनीय परमाणु हथियार कार्यक्रम है जिसे उसने दुनिया और अपने लोगों से छुपाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन असफल रहा. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स का कहना है कि मिसाइल के जरिए इस्तेमाल किये जा सकने वाले परमाणु हथियार विकसित करने के ईरान के प्रयासों के संबंध में इजरायल ने हाल ही में सूचना दी है. सैंडर्स का कहना है कि इस संबंध में विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बातचीत भी हुई है.


नेतन्याहू का कहना है कि उनके पास इसका पुख्ता सबूत है कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रमों के बारे में झूठ बोला है. सैंडर्स ने कह कि यह तथ्य अमेरिका के पास लंबे समय से उपलब्ध सूचनाओं के मेल खाते हैं. ईरान के पास एक संगठित और गोपनीय परमाणु हथियार कार्यक्रम है, लेकिन वह उसे दुनिया और अपने लोगों से छुपाने में नाकाम रहा है.




[ad_2]

Source link