Friday, 4 May 2018

China a 'cast-iron proof' of success of Marxism: Xi Jinping

China a 'cast-iron proof' of success of Marxism: Xi Jinping
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बीजिंग: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार को कहा कि 97 साल से समाजवाद के कार्ल मार्क्स के सिद्धांत के प्रति कम्युनिस्ट पार्टी की निष्ठा ‘पूरी तरह’ सही है और इसने चीन को ‘‘ एशिया के बीमार व्यक्ति ’’ से विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में तब्दील कर दिया है. चीन में मार्क्सवाद का गहरा प्रभाव है जहां छात्र माध्यमिक स्कूल में मार्क्स और लेनिन के सिद्धांतों के बारे में जानना शुरू कर देते हैं. अमेरिका के बाद चीन विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. 


शी ने यहां मार्क्स की 200 वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कहा , ‘ विश्व में समाजवाद के विकास में झटके लगे हो सकते हैं , लेकिन कुल मिलाकर मानव समाज के विकास की प्रवृत्ति में बदलाव नहीं हुआ है और न ही कभी यह बदलेगी.’  उन्होंने कहा , ‘‘ मार्क्सवाद ने पूरी तरह से न सिर्फ विश्व को , बल्कि चीन को भी बदल दिया है. ’’ शी ने कहा कि यह जबर्दस्त बदलाव इस बात का पुख्ता सबूत है कि हम केवल समाजवाद के जरिए ही चीन को बचा सकते हैं. 


चीन ने किया अमेरिका के आरोपों से इनकार 
चीन ने शुक्रवार को अमेरिका के इस आरोप से इनकार किया कि होर्न ऑफ अफ्रीका प्रायद्वीप में जिबूती सैन्य रसद अड्डे पर उसके कर्मियों ने अमेरिकी विमान को निशाना बनाने के लिए सैन्य ग्रेड के लेजर का इस्तेमाल किया और विमान के पायलट घायल हो गए. चीन ने कहा कि पेंटागन के आरोप ‘निराधार’ हैं. वाशिंगटन पोस्ट की खबर के अनुसार अमेरिका ने चीन से औपचारिक शिकायत की है कि चीनी सेना ने जिबूती में अमेरिकी विमान को उच्च क्षमता वाले लेजर से निशाना बनाकर दो अमेरिकी चालकों को घायल कर दिया. 


अखबार के अनुसार लेजर वाली यह घटना चीन द्वारा 2017 में जिबूती में अपना पहला विदेशी सैन्य अड्डा खोलने के बाद पहले बड़ी झड़प के रुप में सामने आई है. लेजर पायलट को अस्थायी रुप से अंधा कर सकता है. चीन के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में अमेरिकी अधिकारियों के आरोपों को बेबुनियाद कहकर खारिज कर दिया. 


चीन के विदेश मंत्रालय ने भी आरोपों से इनकार किया है. विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने संवाददाताओं से कहा , ‘‘ सावधानीपूर्वक जांच के बाद हमने अमेरिका से स्पष्ट तौर पर कहा है कि आरोपों का तथ्यों से तालमेल नहीं बिठता. ’’ 


वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार पेंटागन की प्रवक्ता डाना डब्ल्यू व्हाइट ने कहा कि अमेरिका ने चीन से हाल के हफ्ते की घटना की जांच करने का अनुरोध किया है जिसमें अनधिकृत चीनी लेजर गतिविधि से जिबूती में अमेरिकी विमान प्रभावित हुआ. 


(इनपुट - भाषा)




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Three More Meet Between Pm Modi And Jinping, America Applause - Pm मोदी और जिनपिंग के बीच हो सकती हैं तीन और मुलाकातें, अमेरिका ने की तारीफ

Three More Meet Between Pm Modi And Jinping, America Applause - Pm मोदी
और जिनपिंग के बीच हो सकती हैं तीन और मुलाकातें, अमेरिका ने की तारीफ
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 May 2018 07:09 PM IST



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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस साल कम से कम तीन और मुलाकातें हो सकती हैं। भारत में चीनी राजदूत लुओ झाओहुई ने शुक्रवार को यह बात कही। हाल ही में दोनों नेताओं के बीच वुहान में अनौपचारिक वार्ता हुई थी। 

वुहान समिट : सिनो-इंडिया रिलेशंस एंड इट्स वे फारवर्ड पर आयोजित सेमिनार में लुओ ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पिछले दिनों हुई दो दिवसीय समिट के दौरान वैश्विक और द्विपक्षीय दीर्घकालिक और रणनीतिक संबंधों को लेकर व्यापक सहमति बनी। वुहान में दोनों नेताओं की बातचीत से पुनर्विश्वास बहाली और संबंधों में सुधार को नई गति मिली जिसे दोकलाम में तनाव के चलते झटका लगा था। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शी का बीजिंग से बाहर दो बार मोदी का स्वागत किया जाना भारत के साथ संबंधों को दी जानी वाली अहमियत को दिखाता है। इससे पहले शी ने किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के लिए ऐसा नहीं किया। दोनों नेताओं के पास इस साल तीन से अधिक अवसरों पर मुलाकात के मौके होंगे।

चीनी राजदूत ने बताया कि दोनों नेता जून में चीन में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ), दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन, अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जी20 सम्मेलन में मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधित अधिकारी इन मुलाकातों को लेकर काम कर रहे हैं।  
 


चीन में पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात को लेकर अमेरिका ने सराहना की है। व्हाइट हाउस ने भी मोदी-जिनपिंग के बीच चीन के वुहान शहर में हुई बैठक को समर्थन देते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि दुनिया के नेता आपस में मिल रहे हैं। 

चीन में इस दो दिनी अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और शी जिनपिंग सैन्य व सुरक्षा मामलों में संचार व्यवस्था को सुधारने पर सहमत हुए थे। शिखर सम्मेलन के बारे में पूछे जाने पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के दोनों देशों के साथ अच्छे रिश्ते हैं ओर हम इसे इसी तरह आगे भी जारी रखना चाहते हैं। मेरा मानना है कि विश्व नेताओं के एक साथ आने से चीजें हमेशा ठीक हों। हम यदि सहयोग कर सकते हैं तो निश्चित तौर पर यह अच्छी बात होगी। 



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस साल कम से कम तीन और मुलाकातें हो सकती हैं। भारत में चीनी राजदूत लुओ झाओहुई ने शुक्रवार को यह बात कही। हाल ही में दोनों नेताओं के बीच वुहान में अनौपचारिक वार्ता हुई थी। 


वुहान समिट : सिनो-इंडिया रिलेशंस एंड इट्स वे फारवर्ड पर आयोजित सेमिनार में लुओ ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पिछले दिनों हुई दो दिवसीय समिट के दौरान वैश्विक और द्विपक्षीय दीर्घकालिक और रणनीतिक संबंधों को लेकर व्यापक सहमति बनी। वुहान में दोनों नेताओं की बातचीत से पुनर्विश्वास बहाली और संबंधों में सुधार को नई गति मिली जिसे दोकलाम में तनाव के चलते झटका लगा था। 

उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति शी का बीजिंग से बाहर दो बार मोदी का स्वागत किया जाना भारत के साथ संबंधों को दी जानी वाली अहमियत को दिखाता है। इससे पहले शी ने किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के लिए ऐसा नहीं किया। दोनों नेताओं के पास इस साल तीन से अधिक अवसरों पर मुलाकात के मौके होंगे।

चीनी राजदूत ने बताया कि दोनों नेता जून में चीन में होने वाले शंघाई कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (एससीओ), दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन, अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जी20 सम्मेलन में मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधित अधिकारी इन मुलाकातों को लेकर काम कर रहे हैं।  
 






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व्हाइट हाउस ने की मोदी और शी बैठक की सराहना







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