Friday, 4 May 2018

Amazon and Walmart tried to beat each other in retail sector jagran special

Amazon and Walmart tried to beat each other in retail sector jagran
special
[ad_1]




Publish Date:Sat, 05 May 2018 11:35 AM (IST)



नई दिल्ली अमेजॉन और वॉलमार्ट की प्रतिद्वंद्विता काफी पुरानी है। दोनों ही कंपनियां घरेलू बाजार अमेरिका में पिछले दो दशकों से एक-दूसरे का मुकाबला कर रही हैं। हालांकि वॉलमार्ट दुनिया की सबसे बड़ी रिटेलर कंपनी बनी हुई है, लेकिन वह ऑनलाइन रिटेल बाजार में इस सफलता को दोहराने की कोशिश में लगी हुई है जहां पिछले कुछ वर्षो से अमेजॉन एकछत्र राज कर रही है। पिछले वित्त वर्ष वॉलमार्ट का कुल राजस्व 500 अरब डॉलर था, जबकि अमेजॉन की कुल बिक्री 177.9 अरब डॉलर रही। वॉलमार्ट की शुद्ध आय 20 अरब डॉलर से अधिक रही, जबकि अमेजॉन की शुद्ध आय तीन अरब डॉलर के स्तर पर थी। फिर भी 680 अरब डॉलर से अधिक बाजार पूंजीकरण के साथ अमेजॉन आज बाजार पूंजीकरण के मामले में दुनिया की शीर्ष पांच कंपनियों में अपनी जगह बना चुकी है।


एप्पल के बाद दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी 


दरअसल इसी वर्ष यह अमेरिकी ई-कॉमर्स दिग्गज कुछ दिनों के लिए टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल के बाद दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई थी। विश्लेषकों का कहना है कि अमेजॉन जल्द ही एक लाख करोड़ डॉलर बाजार पूंजीकरण के साथ एप्पल को पछाड़कर दुनिया की नंबर एक कंपनी बन जाएगी। दूसरी तरफ वॉलमार्ट का बाजार पूंजीकरण करीब 250 अरब डॉलर है जो अमेजॉन से काफी कम है। अमेरिकी शेयर बाजार वॉलमार्ट के मुकाबले अमेजॉन को इसलिए पसंद कर रहे हैं, क्योंकि उसमें उन्हें मजबूत वृद्धि की संभावना नजर आ रही है। 12017 में अमेरिका में हुई कुल रिटेल बिक्री में ई-कॉमर्स की हिस्सेदारी 13 फीसद थी, जबकि कुल वृद्धि में इस क्षेत्र का हिस्सा करीब 49 फीसद था और इसका श्रेय काफी हद तक अमेजॉन को जाता है। पिछले वर्ष अमेरिका में ई-कॉमर्स की वृद्धि दर करीब 16 फीसद रही।



ऑनलाइन रिटेल बाजार में अमेजॉन की हिस्सेदारी 


ई-कॉमर्स बिजनेस इंटेलिजेंस फर्म इंटरनेट रिटेलर के मुताबिक 2017 में अमेरिकी ऑनलाइन रिटेल बाजार में अमेजॉन की हिस्सेदारी करीब 70 फीसद रही, जबकि कुल रिटेल बाजार में हुई 127 अरब डॉलर की वृद्धि में अमेजॉन का 35 फीसद हिस्सा है। वॉलमार्ट ने ई-कॉमर्स क्षेत्र में अपने पैर पसारने के लिए पिछले कुछ वर्षो में काफी खर्च किया है। 2016 में ही कंपनी ने अमेजॉन की प्रतिद्वंद्वी जेट डॉट कॉम का अधिग्रहण करने में 3.3 अरब डॉलर खर्च किए। पिछले वित्त वर्ष में वॉलमार्ट की ई-कॉमर्स बिक्री 44 फीसद वृद्धि के साथ 11.5 अरब डॉलर रही। हालांकि पिछली तिमाही में यह दर महज 23 फीसद रही जो अमेजॉन की तुलना में काफी कम है।


अमेरिकी कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी ई-कॉमर्स में सिक्का जमा चुकी 'Flipcart'



By Kamal Verma




[ad_2]

Source link

Wednesday, 2 May 2018

Superstition over malnutrition heavily no treatment one kilogram of sweets and one chicken on depend Jagran Special

Superstition over malnutrition heavily no treatment one kilogram of
sweets and one chicken on depend Jagran Special
[ad_1]




Publish Date:Wed, 02 May 2018 12:23 PM (IST)



खंडवा [जेएनएन]। क्षेत्र में कुपोषण मिटाने के लिए प्रशासन के प्रयास आदिवासियों में व्याप्त अंधविश्वास के सामने कमजोर साबित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से तलाश कर पोषण पुनर्वास केंद्र लाए गए अति कम वजन के अधिकांश बच्चों को परिजन यहां भर्ती रखने की बजाए झाड़-फूंक के लिए बाबाओं के पास ले जाने में ज्यादा विश्वास रखते हैं। पिछले तीन दिनों में दो कुपोषित बच्चों को परिजन अपने साथ ले गए हैं।


मंगलवार को ग्राम नागोतार के डेढ़ वर्षीय बबलू पिता बलिराम को अति कुपोषित होने से इलाज के लिए विभाग की टीम खालवा पुनर्वास पोषण केंद्र लेकर आई। बच्चे का वजन 6 किलो 300 ग्राम था। परिजन उसका इलाज करवाने के लिए तैयार नहीं हुए।



इलाज की बजाए झाड़-फूंक के लिए डवाली (महाराष्ट्र) पड़िहार के पास ले जाने का हवाला देकर उसे वापस ले गए। परिजनों ने बताया कि वहां सवा किलो मिठाई और एक कुमड़ा मुर्गा देने से सब बाधाएं दूर हो जाती हैं। इसी प्रकार सोमवार को ग्राम लखोरा निवासी कैलाश पिता लालसिंग खालवा पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती अपनी 12 माह की कुपोषित बच्ची प्रियंका को गांव ले गया।



कैलाश ने बताया कि वह घर से बाहर गया हुआ था। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम कुपोषित बच्ची और पत्नी रेशमा वह एक माह की बच्ची सहित उसे खालवा ले आए। यह दो दिनों में बच्ची की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ है। यहां पंखा नहीं होने से बच्चे परेशान हैं। दूध और खाना भी ठीक नहीं मिलता है। मेरी बच्ची को किसी की नजर लगी है। झाड़-फूंक से वह ठीक होगी।


फिर करेंगे प्रयास


सोमवार और मंगलवार को खालवा केंद्र से दो बच्चों को परिजन ले गए। बच्चों को पोषण आहार और जरूरी दवा दी गई है। एक-दिन बाद फिर समझाइश देकर उन्हें लाने का प्रयास किया जाएगा।



- डॉ. शैलेंद्र कटारिया, बीएमओ खालवा 


By Sanjay Pokhriyal




[ad_2]

Source link

Tuesday, 1 May 2018

Jagran Special Neymar ready to seal transfer from Barcelona to PSG

Jagran Special Neymar ready to seal transfer from Barcelona to PSG
[ad_1]




Publish Date:Wed, 02 Aug 2017 08:20 PM (IST)



शिवम् अवस्थी, नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। हाल में भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धौनी की सालाना कमाई को देखते हुए उन्हें फोर्ब्स की टॉप-100 सबसे अमीर खिलाड़ियों की सूची में जगह मिली थी। धौनी की सालाना कमाई 28.7 मिलियन डॉलर (तकरीबन 2 अरब रुपये) बताई गई है वहींं उनके क्रिकेट क्लब में बदलाव की तो कहीं चर्चा तक नहीं हुई। अब एक ऐसा रिकॉर्ड सामने आ रहा है जो धौनी तो दूर, दुनिया के तमाम खेलों के कई खिलाड़ियों को कमाई के मामले में पीछे छोड़ देगा। 


- खेल इतिहास का सबसे महंगा ट्रांस्फर


फुटबॉल व बॉक्सिंग के खिलाड़ियों की कमाई और फुटबॉलर्स के एक से दूसरे क्लब में आने-जाने का सफर दशकों से खेल इतिहास के सबसे महंगे सौदों में शुमार रहा है। चार साल पहले टोटेनहेम स्पर क्लब से खेलने वाले वेल्स के फुटबॉलर गेरेथ बेल को 100 मिलियन यूरो (तकरीबन 7.5 अरब रुपये) में स्पेनिश फुटबॉल क्लब रीयल मैड्रिड ने खरीदा तो दुनिया में खलबली मच गई। वो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड था। इसके बाद पिछले साल मैनेचेस्टर युनाइटेड ने फेंच फुटबॉलर पॉल पोग्बा को इटली के क्लब जुवेंटस से 105 मिलियन यूरो (तकरीबन 8 अरब रुपये) में खरीदकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। अब ये रिकॉर्ड भी टूटने जा रहा है। खबरें पक्की हो गई हैं कि स्पेनिश क्लब बार्सिलोना से खेलने वाले ब्राजील के नेमार जूनियर को फ्रेंच फुटबॉल क्लब पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) 196 मिलियन पाउंड (तकरीबन 16.5 अरब रुपये) में खरीदने जा रहा है और नेमार ने अपने क्लब के साथी खिलाड़ियों को अलविदा कहकर इसकी पुष्टि भी कर दी है, वहीं बार्सिलोना ने भी नेमार के ट्रांस्फर से जुड़ी खबरों को मान लिया है। ये एक विश्व रिकॉर्ड डील होगी।


- हर हफ्ते मिलेंगे इतने रुपये


ये करार जैसे ही फाइनल होगा नेमार हर हफ्ते एक बड़ी रकम अपनी सैलरी के तौर हासिल करने लगेंगे। नेमार को पेरिस सेंट-जर्मेन हर हफ्ते 5,96,000 पाउंड (तकरीबन 5 करोड़ रुपये) सैलरी देगा। दरअसल, पेरिस सेंट-जर्मेन यूरोपियन फुटबॉल में सबसे बड़ी ताकत बनना चाहता है और इसके इरादे वो पहले भी जाहिर कर चुका है लेकिन सबसे दिलचस्प बात ये है कि वो इसके लिए ब्राजीली खिलाड़ियों को सहारा बना रहा है। फिलहाल पीएसजी के पास थियागो सिल्वा, दानी एल्वेस, मारक्विनहोस और लुकास मोरा जैसे धुरंधर ब्राजीली खिलाड़ी मौजूद हैं।


- कौन है नेमार जूनियर?


नाम- नेमार डा सिल्वा सांटोस जुनियर। जन्म- 5 फरवरी 1992 (मोगी क्रूजेस, ब्राजील)। कद- 5 फीट 9 इंच।मैदान पर भूमिका- फॉर्वर्ड। टीम- ब्राजील और बार्सिलोना। गोल- क्लब फुटबॉल में 122 गोल, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में 52 गोल। नेमार के पिता सांटोस सीनियर एक पेशेवर फुटबॉलर और ट्रेनर थे। बचपन से उन्होंने अपने बेटे को ट्रेनिंग दी और देखते-देखते नेमार स्ट्रीट फुटबॉल और फुटसाल में अपनी पहचान बनाने लगे। 11 साल की उम्र में एफसी सांतोस क्लब में शामिल हुए और 17 की उम्र में सांतोस ने उन्हें पहली बार सीनियर टीम में शामिल किया। सांतोस की तरफ से करियर में 54 गोल करके चर्चा में आए और अगले साल (2009) ब्राजील की राष्ट्रीय टीम में शामिल हो गए। फिर 2013 में बार्सिलोना ने उन्हें 76 मिलियन डॉलर में खरीदा। 2014 फीफा विश्व कप में वो चर्चा का विषय रहे, चार गोल भी किए लेकिन क्वार्टर फाइनल में चोटिल होकर बाहर हो गए। ब्राजील उनकी गैरमौजूदगी में जर्मनी के खिलाफ सेमीफाइनल हार गई। वो 2011 में वर्ल्ड सॉकर यंग प्लेयर ऑफ द इयर का अवॉर्ड जीत चुके हैं। नेमार का अपनी पिछली गर्लफ्रेंड केरोलीना दंतास से एक बेटा भी है जिसका नाम डावी लुका है। 


- ये हैं अब तक के 5 सबसे बड़े ट्रांस्फर


1. पॉल पोग्बा (फ्रांस) - 2016 में जुवेंटस से मैनचेस्टर युनाइटेड - 105 मिलियन यूरो (तकरीबन 8 अरब रुपये)


2. गेरेथ बेल (वेल्स) - 2013 में टोटेनहेम स्पर से रीयल मैड्रिड - 100 मिलियन यूरो (तकरीबन 7.5 अरब रुपये)


3. क्रिस्टियानो रोनाल्डो (पुर्तगाल) - 2009 में मैनचेस्टर युनाइटेड से रीयल मैड्रिड - 94 मिलियन यूरो (तकरीबन 7 अरब रुपये)


4. गोंजालो हिगुएन (अर्जेंटीना) - 2016 में नेपोली से जुवेंटस - 90 मिलियन यूरो (तकरीबन 6.7 अरब रुपये)


5. रोमेलू लुकाकू (बेल्जियम) - 2017 में एवर्टन से मैनचेस्टर युनाइटेड - 85 मिलियन यूरो (तकरीबन 6.3 अरब रुपये)


- अब ये है बार्सिलोना का इरादा



बार्सिलोना में अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी लिओनेल मैसी, उरुग्वे के स्टार लुइस सुआरेज, स्पेन के मार्सिलो जैसे कई दिग्गज खिलाड़ी मौजूद हैं लेकिन नेमार को खोने का झटका उसके लिए आसान नहीं होगा। इसीलिए नेमार के ट्रांस्फर के बाद बार्सिलोना उस पैसे से एक नहीं बल्कि दो शानदार खिलाड़ियों को भी खरीदने की तैयारी कर चुका है। इनमें से एक खिलाड़ी हैं पेरिस सेंट-जर्मेन के मार्को वेराटी और दूसरे हैं मोनाको के युवा धुरंधर काइलियन बापे। काइलियन को भी रीयल मैड्रिड भारी भरकम डील के जरिए अपनी टीम में शामिल करने जा रहा है।


 


 



By Shivam Awasthi




[ad_2]

Source link