Saturday, 5 May 2018

After The Gangrape The Minor Burnt Alive - गैंगरेप के बाद नाबालिग को परिवार के सामने जिंदा जलाया, पुलिस बोली- अब तक 14 गिरफ्तार

After The Gangrape The Minor Burnt Alive - गैंगरेप के बाद नाबालिग को परिवार
के सामने जिंदा जलाया, पुलिस बोली- अब तक 14 गिरफ्तार
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, झारखंड
Updated Sat, 05 May 2018 02:56 PM IST



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झारखंड में एक नाबालिग के साथ दरिंदगी ही नहीं इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोप है कि उसके साथ गैंगरेप किया गया और फिर उसे जिंदा जला दिया गया। झारखंड पुलिस आईजी का कहना है कि वारदात के 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आईजी आशीष बत्रा ने कहा कि पीड़िता को जलाकर मार दिया गया और पंचायत ने आरोपियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और 100 उठक-बैठक करा कर छोड़ दिया। 

पीड़ित परिवार ने बताया कि इस मामले में पंचायत ने अजीबो-गरीब फरमान जारी किया। पंचायत ने पीड़ित परिवार को कहा कि मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपी से 100 उठक-बैठक करने का फैसला किया। साथ ही पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये बतौर मुआवजा दिलवाने का वायदा भी किया। 

आरोपियों की दबंगई ने सारी हदें उस वक्त पार कर दी थी जब उन्होंने पीड़ित परिवार की भी पिटाई की जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मामला झारखंड के चतरा जिले के ईटखोरी थाना क्षेत्र के राजा तेंदुआ गांव का है। 

बता दें कि गांव के सम्मत रविदास की नाबालिग बेटी रानी अपने चाचा की शादी में शामिल हुई थी। इसी दौरान चार दरिंदे बच्ची को जबरन उठाकर ले गए जहां आरोपियों ने नाबालिग के साथ-बारी बारी से रेप किया। घटना के बाद पीड़िता ने परिजनों को आपबीती सुनाई। इसके बाद गांव में पंचायात बुलाई गई। 

इंसाफ के नाम पर आरोपियों को सजा सुनाने के पंचायत के इस अजीबोगरीब फैसले ने पीड़ित पक्ष के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी। आरोपी पक्ष आगबबूला हो गए और गुस्से में पीड़िता के घर पहुंच गए। जहां उन्होंने बच्ची को जिंदा जला दिया। इस दौरान जब परिजनों ने बचाने की कोशिश की तो उनकी जमकर पिटाई की गई। जिससे उनको गंभीर चोटें आई हैं। 

पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव के धनू भुइयां ने अपने साथियों के साथ मिलकर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद यह बात आग की तरह फैल गई जिसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। 



झारखंड में एक नाबालिग के साथ दरिंदगी ही नहीं इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोप है कि उसके साथ गैंगरेप किया गया और फिर उसे जिंदा जला दिया गया। झारखंड पुलिस आईजी का कहना है कि वारदात के 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आईजी आशीष बत्रा ने कहा कि पीड़िता को जलाकर मार दिया गया और पंचायत ने आरोपियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और 100 उठक-बैठक करा कर छोड़ दिया। 


पीड़ित परिवार ने बताया कि इस मामले में पंचायत ने अजीबो-गरीब फरमान जारी किया। पंचायत ने पीड़ित परिवार को कहा कि मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपी से 100 उठक-बैठक करने का फैसला किया। साथ ही पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये बतौर मुआवजा दिलवाने का वायदा भी किया। 

आरोपियों की दबंगई ने सारी हदें उस वक्त पार कर दी थी जब उन्होंने पीड़ित परिवार की भी पिटाई की जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मामला झारखंड के चतरा जिले के ईटखोरी थाना क्षेत्र के राजा तेंदुआ गांव का है। 

बता दें कि गांव के सम्मत रविदास की नाबालिग बेटी रानी अपने चाचा की शादी में शामिल हुई थी। इसी दौरान चार दरिंदे बच्ची को जबरन उठाकर ले गए जहां आरोपियों ने नाबालिग के साथ-बारी बारी से रेप किया। घटना के बाद पीड़िता ने परिजनों को आपबीती सुनाई। इसके बाद गांव में पंचायात बुलाई गई। 

इंसाफ के नाम पर आरोपियों को सजा सुनाने के पंचायत के इस अजीबोगरीब फैसले ने पीड़ित पक्ष के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी। आरोपी पक्ष आगबबूला हो गए और गुस्से में पीड़िता के घर पहुंच गए। जहां उन्होंने बच्ची को जिंदा जला दिया। इस दौरान जब परिजनों ने बचाने की कोशिश की तो उनकी जमकर पिटाई की गई। जिससे उनको गंभीर चोटें आई हैं। 

पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव के धनू भुइयां ने अपने साथियों के साथ मिलकर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद यह बात आग की तरह फैल गई जिसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। 





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Friday, 4 May 2018

Judiciary-Executive showdown in Supreme court । जजों की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सामने आया केंद्र और न्यायपालिका में टकराव

Judiciary-Executive showdown in Supreme court । जजों की नियुक्ति को लेकर
सुप्रीम कोर्ट में सामने आया केंद्र और न्यायपालिका में टकराव
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नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्तियों को लेकर न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच चल रही खींचतान शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में उस समय खुल कर सामने आ गई जब केन्द्र ने उच्च न्यायालयों में रिक्त स्थानों पर नियुक्तियों के लिये थोड़े नामों की सिफारिश करने पर कोलेजियम पर सवाल उठाये. शीर्ष अदालत ने भी इसके जवाब में कोलेजियम द्वारा की गयी सिफारिशें लंबित रखने के लिये केन्द्र को आड़े हाथ लिया. न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल से कहा , ‘‘ हमें बतायें , कितने नाम ( कोलेजियम द्वारा की गयी सिफारिशें ) आपके पास लंबित हैं. ’’ अटार्नी जनरल ने जब यह कहा , ‘‘ मुझे इसकी जानकारी हासिल करनी होगी ’’ तो पीठ ने व्यंग्य करते हुये कहा , ‘‘ जब यह सरकार पर आता है तो आप कहते हैं कि हम मालूम करेंगे. ’’


पीठ ने यह तल्ख टिप्पणी उस वक्त की जब वेणुगोपाल ने कहा कि यद्यपि न्यायालय मणिपुर , मेघालय और त्रिपुरा उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के रिक्त स्थानों के मामले की सुनवाई कर रही है , लेकिन तथ्य तो यह है कि जिन उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के 40 पद रिक्त हैं , वहां भी कोलेजियम सिर्फ तीन नामों की ही सिफारिश की रही है. 


अटार्नी जनरल ने कहा , ‘‘ कोलेजियम को व्यापक तस्वीर देखनी होगी और ज्यादा नामों की सिफारिश करनी होगी. कुछ उच्च न्यायालयों में 40 रिक्तियां हैं और कोलेजियम ने सिर्फ तीन नामों की ही सिफारिश की है. और सरकार के बारे में कहा जा रहा है कि हम रिक्तयों को भरने में सुस्त हैं. ’’ वेणुगोपाल ने कहा , ‘‘ यदि कोलेजियम की सिफारिश ही नहीं होगी तो कुछ भी नहीं किया जा सकता है. ’’ पीठ ने इस पर अटार्नी जनरल को याद दिलाया कि सरकार को नियुक्तियां करनी हैं. 


कोलेजियम ने 19 अप्रैल को न्यायमूर्ति एम याकूब मीर और न्यायमूर्ति रामलिंगम सुधाकर को मेघालय उच्च न्यायालय और मणिपुर उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की थी जिन्हें अभी तक मंजूरी नहीं मिली है. इस मामले की सुनवाई के दौरान वेणुगोपाल ने कहा कि न्यायमूर्ति सुधाकर और न्यायमूर्ति याकूब मीर के नामों पर विचार किया जायेगा और इनके आदेश ‘ जल्द ही जारी हो जायेंगे. 


पीठ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा , ‘‘ जल्दी का मतलब क्या ? जल्दी तो तीन महीने हो सकते हैं. ’’ शीर्ष अदालत ने 17 अप्रैल को एक व्यक्ति की याचिका मणिपुर उच्च न्यायालय से गुजरात उच्च न्यायालय स्थानांतरित करने के लिये दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान इस तथ्य का संज्ञान लिया था कि न्यायाधीशों के पद रिक्त होने की वजह से मणिपुर , मेघालय और त्रिपुरा उच्च न्यायालयों में स्थिति ‘ गंभीर ’ है. 


न्यायालय ने इस तथ्य को भी नोट किया था कि मणिपुर उच्च न्यायालय के लिये सात न्यायाधीशों के पद स्वीकृत हैं लेकिन वहां सिर्फ दो ही न्यायाधीश हैं. इसी प्रकार मेघालय उच्च न्यायालय में चार न्यायाधीशों के पद रिक्त हैं परंतु वहां इस समए एक और त्रिपुरा में चार पदों की तुलना में दो ही न्यायाधीश हैं. शीर्ष अदालत की यह टिप्पणी काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि केन्द्र ने कोलेजियम की सिफारिश के तीन महीने से भी अधिक समय बाद उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के एम जोसेफ को पदोन्न करके शीर्ष अदालत का न्यायाधीश बनाने की सिफारिश लौटा दी थी . 


अटार्नी जनरल ने बहस के दौरान मेघालय उच्च न्यायलाय के अतिरिक्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति सोंगखुपचुंग सर्तो को स्थाई न्यायाधीश बनाने से संबंधित कोलेजियम की छह मार्च के प्रस्ताव का भी जिक्र किया. न्यायमूर्ति सर्तो गौहाटी उच्च न्यायालय में तबादले पर काम कर रहे थे. इस प्रस्ताव में कोलेजियम ने न्यायमूर्ति सर्तो को मणिपुर उच्च न्यायालय का स्थाई न्यायाधीश बनाने की सिफारिश करते हुये कहा था कि वह गौहाटी उच्च न्यायालय में ही काम करते रहेंगे. 


यह भी पढ़ेंः जस्टिस जोसेफ मामले में सरकार की सफाई, नाम वापसी का उत्तराखंड फैसले से कोई संबंध नहीं


वेणुगोपाल ने इस प्रस्ताव का जिक्र करते हुये कहा कि यह बहुत ही विचित्र है कि न्यायमूर्ति सर्तो को गौहाटी उच्च न्यायालय में ही काम करने देना चाहिए. इस पर पीठ ने टिप्पणी की , ‘‘ हो सकता है कि कोलेजियम उन्हें वापस मणिपुर लाना नहीं चाहती हो. हमें नहीं पाता. ’’ न्यायालय ने तब अटार्नी जनरल से कहा कि यह सिर्फ मणिपुर उच्च न्यायालय में समस्या नहीं है. मेघालय और त्रिपुरा उच्च न्यायालयों में भी ऐसे ही हालात हैं. 


वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने मणिपुर उच्च न्यायालय के बारे में पता किया था और एक बार न्यायमूर्ति सुधाकर वहां जायेंगे तो न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर तीन हो जायेगी और समस्या हल हो जायेगी. पीठ ने अटार्नी जनरल से कहा कि मेघालय , मणिपुर और त्रिपुरा उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के रिक्त पदों के बारे में दस दिन के भीतर हलफनामा दाखिल किया जाये.




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Thursday, 3 May 2018

अमरनाथ गुफा से बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आई, इस बार 20 दिन ज्यादा चलेगी तीर्थयात्रा

अमरनाथ गुफा से बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आई, इस बार 20 दिन ज्यादा
चलेगी तीर्थयात्रा
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हिमालय में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा से गुरुवार को बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आई। गुफा में बर्फ से बने 12 फीट के प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन के लिए दक्षिण कश्मीर में तीर्थयात्रा की शुरुआत 28 जून से होगी। इस बार अमरनाथ यात्रा की अवधि 20 दिन ज्यादा होगी और यह रक्षाबंधन के दिन 26 अगस्त को खत्म होगी। इसके लिए देशभर के एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। यात्रा के दौरान जम्मू में 4 जगहों पर मौके पर भी रजिस्‍ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।


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ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े बैंक में सामने आया घोटाला, 2 करोड़ खातों का डाटा खोया

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ऑस्ट्रेलिया के कॉमनवेल्थ बैंक ने करीब 2 करोड़ लोगों के बैंक रिकॉर्ड के खो जाने की बात स्वीकार की है.





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यह ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े कर्जदाता बैंक का नवीनतम घोटाला है.(प्रतीकात्मक तस्वीर)


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