Friday, 4 May 2018

महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बा गुलाबी रंग का होगा, सुरक्षा के लिए अब ट्रेन के बीचोंबीच लगेगा: रेलवे

महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बा गुलाबी रंग का होगा, सुरक्षा के लिए अब ट्रेन के
बीचोंबीच लगेगा: रेलवे
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रेलवे महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों को गुलाबी रंग से पेंट करेगा ताकि यात्री आसानी से इनकी पहचान सकें। साथ ही सुरक्षा के लिए अब महिलाओं के लिए कोच ट्रेन के बीच में लगाए जाएंगे। अभी यह ट्रेन के सबसे आखिर या शुरुआत में लगे होते हैं। इसके अलावा रेलवे महिलाओं के लिए स्टेशन और ट्रेनों में अलग से टॉयलट के साथ चेंजिंग रूम भी बनाएगा। शुक्रवार को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन की अध्यक्षता में महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।


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20017-18 में करीब 30 प्रतिशत ट्रेनें देरी से चलीं, पिछले 3 साल में सबसे खराब

20017-18 में करीब 30 प्रतिशत ट्रेनें देरी से चलीं, पिछले 3 साल में सबसे खराब
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नई दिल्ली: भारतीय रेलवे के लिए ट्रेनों के समय पर परिचालन के मामले में वित्तीय वर्ष 2017-18 पिछले तीन वर्षों की तुलना में सबसे खराब रहा. करीब 30 प्रतिशत ट्रेनें अपने तय समय से देरी से चलीं. आधिकारिक डेटा के अनुसार अप्रैल 2017 और मार्च 2018 के बीच 71.39 प्रतिशत ट्रेनें समय पर चलीं जो 2016-2017 के 76.69 प्रतिशत के मुकाबले 5.30 प्रतिशत कम था. वर्ष 2015-16 में 77.44 प्रतिशत ट्रेनें अपने तय समय पर चली थीं. वहीं, ट्रेनों के देर से चलने पर कई बार सोशल मीडिया पर रेलवे को निशाना बनाया गया है.


अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल रेलवे द्वारा रखरखाव के कई कार्य किए जाने के कारण ट्रेनें समय पर नहीं चलीं. वर्ष 2016-17 में रेलवे ने 2,687 साइटों पर 15 लाख से अधिक रखरखाव के कार्य किए जिससे मेल तथा एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन में देरी हुई. 2017-18 में रेलवे ने 4426 लोकेशन्स के 18 लाख ब्लॉक्स पर काम बढ़ाया. भारतीय रेलवे बड़े पैमाने पर ट्रैक की अपग्रेडिंग, आधुनिकीकरण और नवीनीकरण कर रहा है. 


इसी बीच रेलवे ने डेटा जारी करके दावा किया है कि ट्रैक के सही रखरखाव और आधुनिकीकरण की वजह से बीते कुछ समय में दुर्घटनाओं के मामलों में कई आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 35 सालों में पहली बार दुर्घटनाओं का आंकड़ा दो अंकों में रहा. 2014-15 में 135 तो 2015-16 में 107 रेल दुर्घटनाएं हुईं. 2016-17 में 104 जबकि पिछले वित्तीय वर्ष यानी 2017-18 में ये आंकड़ा सिर्फ 73 ही रहा. 


रेल मंत्रालय (मीडिया एवं संचार) के निदेशक राजेश दत्त बाजपेयी ने कहा, "हम सुरक्षा से समझौता किए बिना और पटरियों का उन्नयन कर ट्रेनों के परिचालन में सुधार लाने का प्रयास कर रहे हैं." 


उधर, सूत्रों मे मुताबिक, रेलवेबोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने सभी जोनों में देर से चल रही ट्रेनों के मामले पर संज्ञान लिया है. लोहानी ने भारतीय रेलवे की समय पाबंदी बढ़ाने के लिए सभी जोन्स को 15 दिन का समय दिया है."  


(इनपुट भाषा से)




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2017-18 में सबसे ज्यादा 30% ट्रेनें लेट हुईं, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा- 15 दिन में सुधारें ढर्रा

2017-18 में सबसे ज्यादा 30% ट्रेनें लेट हुईं, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा- 15 दिन में
सुधारें ढर्रा
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नई दिल्ली. वित्तीय वर्ष 2017-18 में देशभर की करीब 30 फीसदी ट्रेनें लेट रहीं हैं। ये भारतीय रेलवे का पिछले तीन सालों का सबसे खराब प्रदर्शन है। रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल अप्रैल से इस साल मार्च तक 71.39% मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें समय पर संचालित हुईं, जबकि इससे पहले 2016-17 वित्तीय वर्ष में ये आंकड़ा 76.69% था। यानी सिर्फ दो सालों के अंदर भारतीय रेल की लेट ट्रेनों की संख्या 5.3% बढ़ी है। अधिकारियों का कहना है कि इसकी वजह रेलवे के निर्माण कार्य हैं। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने लेटलतीफी पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से 15 दिन में ढर्रा सुधारने को कहा है।


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संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस नहीं सह पाई यात्रियों का बोझ, ट्रेन से खींचकर बाहर निकाले गए लोग

संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस नहीं सह पाई यात्रियों का बोझ, ट्रेन से खींचकर बाहर निकाले गए
लोग
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बिहार जाने वाली लगभग सभी ट्रेनों के देरी से चलने की वजह से सैकड़ों की संख्‍या में यात्री इस ट्रेन की जनरल बोगियों में सवार हो गए. ट्रेन के रवाना होने से पहले रेलवे स्टॉफ ने रूटीन जांच के तहत ट्रेन के बोगियों का वेट प्रेशर जांचना शुरू किया.





संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस नहीं सह पाई यात्रियों का बोझ, ट्रेन से खींचकर बाहर निकाले गए लोग

दिल्ली से पटना जाने वाले यात्री राजधानी एक्सप्रेस के बाद इसी ट्रेन को तवज्जो देते हैं.







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Wednesday, 2 May 2018

ट्रेन में टॉयलेट के पानी से चाय बना रहे थे, रेलवे ने ठेकेदार पर लगाया एक लाख का जुर्माना

ट्रेन में टॉयलेट के पानी से चाय बना रहे थे, रेलवे ने ठेकेदार पर लगाया एक लाख का जुर्माना
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ट्रेन में टॉयलेट के पानी से चाय-कॉफी बनाने का एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में एक चाय बांटने वाले वेंडर को दो कनस्तरों के साथ शौचालय से निकलते देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद रेल प्रशासन ने वेंडर पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। जानकारी के मुताबिक, वीडियो पिछले साल दिसंबर का है। इसे सिकंदराबाद स्टेशन पर खड़ी चारमीनार एक्सप्रेस में शूट किया गया है।


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