70 साल की उम्र में साउथ कोरिया की हवांग ने अपने नाती-पोतों के साथ स्कूल जाने का फैसला किया। साउथ कोरिया के स्कूलों में बच्चों की कम संख्या एक समस्या है, लेकिन हवांग के स्कूल के प्रिंसिपल ने बुजुर्गों को पढ़ाने-लिखाने का फैसला किया। हवांग कहती हैं कि स्कूल बैग लेकर स्कूल जाना उनका हमेशा सपना था।from Navbharat Times http://bit.ly/2GQc0ki
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