'मेरा नाम अंकुर फौजी है। आर्मी से कमांडो ट्रेनिंग क्वॉलिफाइ की है। यूएसए में भी आर्मी मिशन में 1 साल तक शार्प शूटर की सर्विस की है। क्या हमें भी किसी गैंग में अपना टैलंट दिखाने का मौका मिल सकता है या पान सिंह तोमर की तरह अपना गैंग ही बनाना पड़ेगा।' यह किसी फिल्म का डायलॉग नहीं है, बल्कि जेल में बंद गैंगस्टर सुंदर भाटी के फेसबुक पेज पर एक व्यक्ति ने पोस्ट किया है।from Navbharat Times https://ift.tt/2I8BZoH
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